भारत के लोकतंत्र पर मंडराता अघोषित संकट!

भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहा जाता है। यह वाक्य लंबे समय तक केवल…

चरम राष्ट्रवाद : जब देशभक्ति धीरे-धीरे कट्टरता में बदलने लगती है

राष्ट्रप्रेम किसी भी समाज की सबसे सकारात्मक भावनाओं में से एक माना जाता है। अपने देश,…

चोर पहले से ज्ञात, केस फिर भी अज्ञात!

देश में अपराध रोकने की जिम्मेदारी जिस संस्था के कंधों पर है, आज वही संस्था कई…

प्रशिक्षण पहले, आदेश बाद में—माखननगर का प्रशासनिक खेल!

देश में जनगणना कोई सामान्य सरकारी प्रक्रिया नहीं होती, बल्कि यह राष्ट्र की नीतियों, योजनाओं और…

सफेद साड़ी, हवाई चप्पल और सियासत की धार

ममता बनर्जी का ‘सादा’ लेकिन ‘घातक’ राजनीतिक चेहरा भारतीय राजनीति में ताकत की पहचान अक्सर बड़े…

बंद नंबर, बंद जवाबदेही: सरकारी तंत्र की सुस्त रफ्तार

कहते हैं भारत डिजिटल हो रहा है। हर चीज़ ऑनलाइन, हर सुविधा एक क्लिक पर… लेकिन…

माखननगर का पुस्तक मेला बना मज़ाक! किताबें गायब, छूट नदारद, प्रशासन की ‘औपचारिकता’ उजागर

माखननगर। शासन के निर्देश पर विद्यार्थियों और अभिभावकों को राहत देने के उद्देश्य से आयोजित किया…

कलम का क्रांतिकारी और आज की राजनीति पर सवाल: माखनलाल चतुर्वेदी जयंती पर विशेष

भारत की स्वतंत्रता केवल विदेशी शासन से मुक्ति का संघर्ष नहीं था, बल्कि वह एक ऐसी…

ईरान-इजराइल तनाव का असर: भारत में प्रीमियम पेट्रोल-डीजल महंगा, दूसरी बार बढ़े दाम

मध्य पूर्व में ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारत के ईंधन…

अमेरिकी आयोग की रिपोर्ट में भारत पर धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर सवाल, आरएसएस पर प्रतिबंध की सिफारिश से नई बहस

भारत की धार्मिक और सामाजिक विविधता दुनिया में एक अनोखी पहचान रखती है। ऐसे में जब…

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