Shajapur News: शाजापुर में फर्जी शेयर ट्रेडिंग कॉल सेंटर का खुलासा, 6 आरोपी हिरासत में
शाजापुर के लालघाटी थाना क्षेत्र में फर्जी शेयर ट्रेडिंग एडवाइजरी और कॉल सेंटर का खुलासा। पुलिस ने 12 आरोपियों पर केस दर्ज कर 6 को हिरासत में लिया, 6 फरार।


शाजापुर। लालघाटी थाना क्षेत्र के काशी नगर स्थित एक कोचिंग सेंटर में कथित तौर पर संचालित हो रहे फर्जी शेयर ट्रेडिंग एडवाइजरी और कॉल सेंटर का पुलिस ने खुलासा किया है। मामले में पुलिस ने 12 आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4), 61(2), 62 बीएनएस और 66(D) आईटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया है। इनमें से 6 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है, जबकि मुख्य आरोपियों सहित 6 आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई 27 जुलाई 2026 को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर की गई। सूचना थी कि काशी नगर स्थित एक कोचिंग सेंटर में अवैधानिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। सूचना पर प्रधान आरक्षक राकेश सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
मोबाइल के जरिए निवेश के नाम पर बातचीत
पुलिस टीम को सेंटर की पहली मंजिल स्थित एक कमरे में कुछ युवक मोबाइल फोन के जरिए लोगों से निवेश संबंधी बातचीत करते मिले। मौके से पुलिस ने 7 स्मार्टफोन, 6 कीपैड मोबाइल और कुछ दस्तावेज जब्त किए।
मौके पर मौजूद जयसिंह, कुलदीप, संदीप, पवन, धर्मेंद्र, आकाश और राजकुमार से पुलिस ने पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान उनके जवाब संतोषजनक नहीं मिले। प्रारंभिक कार्रवाई के बाद युवकों को पूछताछ के लिए नोटिस पर छोड़ा गया था।
इसके बाद पुलिस जांच में सामने आई जानकारी के आधार पर प्रकरण दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी की कार्रवाई आगे बढ़ाई गई।
3 हजार रुपये किराए पर लिया था ऑफिस
लालघाटी थाना प्रभारी अर्जुन सिंह मुजाल्दे के अनुसार, हिरासत में लिए गए आरोपियों में कुलदीप, विशाल, संदीप, राजकुमार, विकास और प्रवीण शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में कुलदीप ने बताया कि उसने अपने साथी विकास के साथ मिलकर उक्त ऑफिस को 20 जून 2026 से 3 हजार रुपये प्रतिमाह किराए पर लिया था।
जांच में पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि कथित तौर पर यहां से शेयर ट्रेडिंग से संबंधित एडवाइजरी का काम किया जा रहा था।
बिना वैधानिक दस्तावेज चल रही थी एडवाइजरी?
पुलिस के मुताबिक, कुलदीप ने पूछताछ में बताया कि वह साहिल मंसुरी और फहीम गोरी के निर्देशन में शेयर ट्रेडिंग संबंधी एडवाइजरी का काम कर रहा था। पुलिस का आरोप है कि इस गतिविधि के संचालन के लिए आवश्यक वैधानिक दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं थे।
मामले में जयसिंह, पवन सोन्ती, धर्मेंद्र, आकाश, फहीम और साहिल को आरोपी बनाया गया है। ये सभी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कथित नेटवर्क के संचालन, बैंक खातों और आर्थिक लेनदेन से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
पहले भी पकड़ा जा चुका है ऐसा कॉल सेंटर
लालघाटी थाना क्षेत्र में इस तरह की गतिविधि का यह पहला मामला नहीं है। पुलिस के अनुसार, दिसंबर 2025 में राज्य साइबर सेल उज्जैन की टीम ने भी लालघाटी थाना क्षेत्र में इसी तरह के एक कथित कॉल सेंटर का खुलासा किया था।
उस कार्रवाई में पुलिस ने 19 युवक-युवतियों को गिरफ्तार किया था। आरोप था कि वे ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे थे।
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग और निवेश संबंधी एडवाइजरी के नाम पर संचालित होने वाली गतिविधियों की निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर ऐसे मामलों में जहां लोगों को फोन कर निवेश पर अधिक मुनाफे का लालच दिया जाता है, वहां निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।
नेटवर्क कितना बड़ा, जांच के बाद होगा खुलासा
फिलहाल पुलिस की जांच का केंद्र इस बात पर है कि कथित कॉल सेंटर से कितने लोगों से संपर्क किया गया, क्या किसी व्यक्ति से पैसे लिए गए, किन बैंक खातों में रकम का लेनदेन हुआ और इस नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन लोग जुड़े हैं।
फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले में और खुलासे होने की संभावना है। पुलिस द्वारा जब्त मोबाइल फोन और दस्तावेजों की जांच भी इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
