सिवनी मालवा में नरवाई जलाने पर प्रतिबंध, उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना और FIR की कार्रवाई
नर्मदापुरम के सिवनी मालवा अनुभाग में नरवाई जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। एसडीएम विजय राय ने उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना और एफआईआर की कार्रवाई के निर्देश दिए।


नर्मदापुरम। जिले के सिवनी मालवा अनुभाग में खरीफ सीजन के दौरान नरवाई (पराली) जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आर्थिक जुर्माना लगाने के साथ एफआईआर दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देश पर एसडीएम विजय राय ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं।
आदेश का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए एसडीएम ने राजस्व, कृषि, पुलिस सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को गांव-गांव और खेत स्तर पर निगरानी रखने तथा किसानों को नरवाई जलाने से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।
गांव-गांव जाकर किसानों को करेंगे जागरूक
एसडीएम विजय राय ने निर्देश दिए कि किसानों को बताया जाए कि पराली जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है और मिट्टी की उर्वरता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसके लिए गांवों में चौपाल आयोजित करने और व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर जोर दिया गया।
कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की क्लस्टरवार ड्यूटी लगाई गई है। ये अधिकारी प्रतिदिन दो गांवों का भ्रमण कर किसानों को नरवाई नहीं जलाने के लिए जागरूक करेंगे।
पटवारी और पंचायत कर्मचारियों को निगरानी की जिम्मेदारी
प्रतिबंध का पालन सुनिश्चित करने के लिए हल्का पटवारी, पंचायत सचिव और ग्राम रोजगार सहायक (जीआरएस) को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रतिदिन निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही कोटवार के माध्यम से गांवों में मुनादी कराकर किसानों को प्रतिबंध की जानकारी दी जाएगी।
ग्राम पंचायतों और नगरपालिका को भी जागरूकता अभियान तथा प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए कहा गया है, ताकि अधिक से अधिक किसानों तक प्रशासन के निर्देश पहुंच सकें।
नरवाई जलाने पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
एसडीएम ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंध के बावजूद नरवाई जलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने पर आर्थिक जुर्माना लगाने के साथ एफआईआर भी दर्ज की जा सकती है।
प्रशासन का उद्देश्य किसानों को जागरूक कर नरवाई जलाने की घटनाओं पर रोक लगाना, पर्यावरण को सुरक्षित रखना और कृषि भूमि की उर्वरता बनाए रखना है। इसके लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।
