सिवनी मालवा के 42 वन खंडों को आरक्षित वन घोषित करने की प्रक्रिया तेज, पटवारी-बीट गार्ड करेंगे भौतिक सत्यापन
सिवनी मालवा के 42 वन खंडों को आरक्षित वन घोषित करने की प्रक्रिया तेज हो गई है। पटवारी और बीट गार्ड संयुक्त रूप से भौतिक सत्यापन व सीमांकन करेंगे। 12 वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में बदलने की प्रक्रिया भी तेज होगी।


सिवनी मालवा। सिवनी मालवा तहसील क्षेत्र के 42 वन खंडों को संरक्षित वन श्रेणी से आरक्षित वन घोषित किए जाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इस संबंध में शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को जनपद सभाकक्ष सिवनी मालवा में राजस्व एवं वन विभाग की संयुक्त वन व्यवस्थापन बैठक आयोजित की गई। बैठक में वन खंडों के राजस्व एवं वन अभिलेखों, नक्शों और सीमाओं के परीक्षण के साथ-साथ मौके पर भौतिक सत्यापन और सीमांकन की प्रक्रिया को समय-सीमा में पूरा करने पर जोर दिया गया।
बैठक की अध्यक्षता अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सिवनी मालवा विजय राय ने की। इस दौरान वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शोभित जोशी (IFS) विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक में अधिकारियों ने 42 वन खंडों को आरक्षित वन घोषित करने की प्रक्रिया को पारदर्शी, विवाद रहित और निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के संबंध में विस्तार से चर्चा की।
राजस्व और वन अभिलेखों का होगा सूक्ष्म परीक्षण
एसडीएम विजय राय ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि 42 वन खंडों से संबंधित राजस्व एवं वन अभिलेखों, नक्शों और सीमाओं का सूक्ष्म परीक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया के दौरान अभिलेखों और मौके की वास्तविक स्थिति का मिलान आवश्यक रूप से किया जाए, ताकि भविष्य में सीमा अथवा अधिकार को लेकर किसी तरह का विवाद उत्पन्न न हो।
इसके लिए संबंधित हल्का पटवारी और बीट गार्ड की संयुक्त टीमें गठित कर स्थल पर भौतिक सत्यापन और सीमांकन का कार्य तत्परता से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
मौके पर होगी भौतिक जांच और सीमांकन
आरक्षित वन घोषित करने की प्रक्रिया में वन क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति और राजस्व अभिलेखों के बीच सामंजस्य स्थापित करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संयुक्त टीमें संबंधित क्षेत्रों में पहुंचकर वन खंडों की सीमाओं का भौतिक सत्यापन करेंगी। इसके साथ ही उपलब्ध नक्शों और अभिलेखों के आधार पर सीमांकन की कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पूरी प्रक्रिया को निर्धारित समय-सीमा में पूरा किया जाए और प्रत्येक स्तर पर आवश्यक अभिलेखीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
12 वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में बदलने की प्रक्रिया भी तेज
बैठक में सिवनी मालवा क्षेत्र के 12 ग्रामों को वन ग्राम से राजस्व ग्राम में संपरिवर्तन किए जाने की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। उपस्थित राजस्व एवं वन विभाग के अधिकारियों को इस प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
वन ग्रामों के राजस्व ग्राम में संपरिवर्तन की प्रक्रिया से जुड़े आवश्यक राजस्व एवं वन अभिलेखों की जांच और संबंधित औपचारिकताओं को समय पर पूरा करने पर भी जोर दिया गया।
ग्रामीणों के वैध अधिकार और दावों का होगा परीक्षण
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि वन खंडों के सीमांकन और भौतिक सत्यापन के दौरान स्थानीय ग्रामीणों के वैध अधिकारों एवं दावों का नियमानुसार परीक्षण किया जाए। यदि किसी ग्रामीण द्वारा वैध अधिकार या दावा प्रस्तुत किया जाता है, तो उसका संबंधित नियमों के तहत परीक्षण कर यथोचित समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
इस निर्देश का उद्देश्य आरक्षित वन घोषित करने की प्रक्रिया के दौरान स्थानीय स्तर पर संभावित विवादों को रोकना और वैधानिक प्रक्रिया के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में तहसीलदार सिवनी मालवा नितिन झोड़, वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) मयंक पांडे, संबंधित डिप्टी रेंजर, राजस्व निरीक्षक सुमित भाटी, बीट गार्ड तथा राजस्व विभाग के संबंधित सभी हल्का पटवारी उपस्थित रहे।
बैठक के बाद संबंधित अधिकारियों को वन खंडों के दस्तावेजों की जांच, संयुक्त भौतिक सत्यापन, सीमांकन और वन ग्रामों के राजस्व ग्राम में संपरिवर्तन से संबंधित कार्यों को गति देने के निर्देश दिए गए।
