साइबर ठगी के आरोपियों पर माखननगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
कस्टम फ्रॉड के नाम पर महिला से ठगे थे ₹1.29 लाख, पुलिस ने पूरी रकम की जब्त


नर्मदापुरम/माखननगर। साइबर ठगी के एक मामले में माखननगर पुलिस ने राजस्थान के जयपुर और जैसलमेर से दो आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की है। आरोपियों पर व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क कर सोने के गहने भेजने और कस्टम प्रक्रिया के नाम पर महिला से ₹1 लाख 29 हजार की धोखाधड़ी करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी की पूरी रकम ₹1,29,000 जब्त की है।
पुलिस के अनुसार, 21 फरवरी 2026 को फरियादिया जशवती यादव ने थाना माखननगर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि अज्ञात व्यक्ति ने व्हाट्सएप के माध्यम से उनसे संपर्क किया और सोने के गहने भेजने की बात कही। इसके बाद कस्टम संबंधी प्रक्रिया के नाम पर अलग-अलग तरीके से उनसे कुल ₹1,29,000 जमा करा लिए गए। बाद में महिला को ठगी का अहसास हुआ।
शिकायत के आधार पर थाना माखननगर में अपराध क्रमांक 129/2026 दर्ज कर धारा 318(4) बीएनएस के तहत प्रकरण की विवेचना शुरू की गई।
जयपुर और जैसलमेर तक पहुंची पुलिस टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक साईकृष्णा एस. थोटा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन तथा एसडीओपी सोहागपुर अरविंद शाह के निर्देशन में थाना प्रभारी माखननगर निरीक्षक कंचन सिंह ठाकुर के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।
विवेचना के दौरान तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने राजस्थान के जयपुर और जैसलमेर में कार्रवाई की। यहां से पुलिस ने अनूप पिता तेजराम मीना (24), निवासी चाकसू, राजस्थान तथा हीरसिंह पिता बगतसिंह राजपुरोहित (26), निवासी जैसलमेर, राजस्थान को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में दोनों आरोपियों द्वारा फरियादिया से कस्टम फ्रॉड के नाम पर जमा कराई गई रकम प्राप्त करना स्वीकार किया गया। मामले में आरोपियों से ठगी की पूरी ₹1,29,000 की राशि जब्त कर ली गई है।
पुलिस द्वारा मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक कंचन सिंह ठाकुर, उपनिरीक्षक आकाशदीप पचाया, प्रधान आरक्षक दिलीप चौरे, आरक्षक मनीष कपाले, आरक्षक शुभम राय तथा साइबर सेल के आरक्षक प्रशांत राजपूत, संदीप यदुवंशी और सागर कुशवाहा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
