पौधों में कीड़े और फंगस से बचाव का घरेलू उपाय, ऐसे बनाएं आसान घोल
पौधों में कीड़े और फंगस की समस्या से बचाने के लिए दूध, हल्दी, हींग और गुड़ से घरेलू घोल बनाने का तरीका जानें। इस्तेमाल से पहले जरूरी सावधानियां भी पढ़ें।


लाइफस्टाइल डेस्क। घर में पौधे लगाने का शौक है तो सिर्फ समय पर पानी और खाद देना ही पर्याप्त नहीं होता। कई बार पौधों की पत्तियों पर कीड़े लग जाते हैं, तो कुछ पौधे फंगस या अन्य समस्याओं के कारण कमजोर पड़ने लगते हैं। ऐसे में पौधों की नियमित देखभाल के साथ उनकी पत्तियों और मिट्टी पर भी नजर रखना जरूरी है।
अगर आप हर बार बाजार में मिलने वाली कीटनाशक दवाओं का इस्तेमाल नहीं करना चाहते, तो कुछ लोग घरेलू घोल का इस्तेमाल भी करते हैं। दूध, हल्दी, हींग और गुड़ से तैयार किया जाने वाला ऐसा ही एक घोल पौधों की सामान्य देखभाल के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
कैसे तैयार करें पौधों के लिए घोल?
15 लीटर पानी के लिए करीब 250 ग्राम दूध, 10 ग्राम हल्दी पाउडर, 5 ग्राम हींग और 20 ग्राम गुड़ लिया जाता है।
सबसे पहले पानी में दूध, हल्दी, हींग और गुड़ को अच्छी तरह मिला लें। तैयार घोल को स्प्रे बोतल में भरकर पौधों की पत्तियों पर हल्का स्प्रे किया जा सकता है। बचा हुआ घोल पौधे की मिट्टी में भी दिया जा सकता है।
हालांकि किसी भी घरेलू घोल को पूरे पौधे पर इस्तेमाल करने से पहले एक-दो पत्तियों पर थोड़ी मात्रा में इसका परीक्षण करना बेहतर है। इससे यह पता चल जाएगा कि पौधे पर इसका कोई प्रतिकूल असर तो नहीं हो रहा।
दूध, हल्दी, हींग और गुड़ का क्या है इस्तेमाल?
इस घरेलू उपाय में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को लेकर अलग-अलग दावे किए जाते हैं। दूध में कैल्शियम और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। हल्दी में करक्यूमिन जैसे यौगिक होते हैं, जबकि हींग की तेज गंध कुछ कीटों को दूर रखने में मदद कर सकती है।
गुड़ और दूध का इस्तेमाल कुछ लोग पौधों की सतह और मिट्टी में मौजूद सूक्ष्मजीवों के संतुलन को बेहतर रखने के लिए करते हैं। स्वस्थ पौधों में उचित माइक्रोबियल गतिविधि पौधे की सामान्य सेहत के लिए उपयोगी हो सकती है।
लेकिन यह घरेलू घोल कीटनाशक या फफूंदनाशक दवा का प्रमाणित विकल्प नहीं है। गंभीर संक्रमण होने पर केवल इस उपाय पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।
फंगस लगे पौधों पर बरतें सावधानी
अगर पौधे पर पहले से फंगस या बैक्टीरियल संक्रमण दिखाई दे रहा है, तो दूध और गुड़ वाला घोल इस्तेमाल करने से पहले सावधानी बरतें। ऐसे मामलों में अतिरिक्त जैविक पदार्थ कुछ परिस्थितियों में समस्या बढ़ा सकते हैं।
संक्रमित पत्तियों को अलग करना, पौधे में हवा का पर्याप्त संचार रखना, जरूरत से ज्यादा पानी न देना और संक्रमण गंभीर होने पर विशेषज्ञ की सलाह लेना अधिक सुरक्षित तरीका है।
महीने में कितनी बार करें इस्तेमाल?
अगर पौधा स्वस्थ है और आप इस तरह के घरेलू घोल को सामान्य देखभाल के तौर पर आजमाना चाहते हैं, तो इसे महीने में एक बार सीमित मात्रा में इस्तेमाल किया जा सकता है।
पौधों को हरा-भरा रखने के लिए सबसे जरूरी है कि उन्हें उनकी जरूरत के अनुसार धूप, पानी और पोषक तत्व मिलें। साथ ही पत्तियों पर कीड़े, फंगस या बीमारी के शुरुआती संकेत दिखाई देते ही उचित उपाय करना चाहिए।

