13 दिन बाद मिली लापता मादा चीता निर्वा, खेतों में स्वस्थ हालत में घूमती मिली
कूनो नेशनल पार्क से 20 अगस्त को लापता हुई मादा चीता निर्वा 13 दिन बाद खेतों में स्वस्थ मिली। नई सैटेलाइट कॉलर आईडी लगाकर उसे जंगल में छोड़ा गया।


श्योपुर। कूनो नेशनल पार्क से 20 अगस्त से लापता मादा चीता निर्वा को आखिरकार 13 दिन बाद वन विभाग की टीमों ने सुरक्षित खोज निकाला। बुधवार को कूनो से लगे रिहायशी क्षेत्र के आसपास खेतों में निर्वा की मौजूदगी का पता चला। वन विभाग की टीम ने निगरानी के बाद उसे स्वस्थ पाया और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद फिर से कूनो के जंगल में छोड़ दिया।
निर्वा की सैटेलाइट कॉलर आईडी से लोकेशन मिलना बंद होने के बाद से ही कूनो प्रबंधन उसकी तलाश में जुटा हुआ था। कई दिनों तक जंगल और आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। आखिरकार टीमों को सफलता मिली और निर्वा को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।
पांच टीमों ने ड्रोन और कैमरों से चलाया सर्च ऑपरेशन
निर्वा का पता लगाने के लिए कूनो प्रबंधन ने पांच टीमों को सर्च ऑपरेशन में लगाया था। वनकर्मियों ने जंगल और आसपास के संभावित क्षेत्रों में लगातार गश्त की। इसके साथ ही सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन की मदद से भी निगरानी की गई।
वन अधिकारियों ने उन इलाकों पर विशेष ध्यान दिया, जहां वन्यजीवों के शिकार के आसपास निर्वा के पहुंचने की संभावना थी। तलाशी अभियान के दौरान एक भेड़ और हिरण के शिकार के आसपास भी निर्वा की मौजूदगी से जुड़े संकेत मिले थे।
इन संकेतों को आधार बनाकर टीमों ने सर्चिंग का दायरा बढ़ाया और संभावित इलाकों में निगरानी और गश्त तेज कर दी।
साथी चीतों की गतिविधियों से भी मिली अहम जानकारी
कूनो प्रबंधन की टीमों ने चीता प्रोजेक्ट के दौरान प्राप्त अनुभव का इस्तेमाल करते हुए निर्वा की तलाश की। टीमों ने उसके साथ रहने वाले अन्य चीतों की गतिविधियों पर भी लगातार नजर रखी।
वनकर्मियों ने यह समझने की कोशिश की कि दूसरे चीते निर्वा की गंध या मौजूदगी के संकेत मिलने पर किस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। अलग-अलग स्रोतों से मिले संकेतों को जोड़कर टीमों ने संभावित स्थानों को चिन्हित किया।
इसी रणनीति के तहत आखिरकार निर्वा कूनो नेशनल पार्क से बाहर रिहायशी क्षेत्र से लगे खेतों में घूमती हुई मिल गई।
खेतों में घूमती नजर आई निर्वा
निर्वा के खेतों में घूमने का वीडियो भी सामने आया है। वन विभाग की टीमों ने उसे काफी समय तक निगरानी में रखा और उसकी गतिविधियों का आकलन किया।
चिकित्सकों ने जांच के बाद निर्वा को स्वस्थ और सामान्य पाया। उसके व्यवहार और शारीरिक स्थिति में किसी तरह की गंभीर समस्या नहीं मिली। इसके बाद वन विभाग ने उसकी कॉलर आईडी को लेकर आवश्यक कार्रवाई की।
पुरानी कॉलर आईडी हटाकर लगाई नई डिवाइस
भविष्य में निर्वा की लोकेशन की निगरानी बेहतर तरीके से हो सके, इसके लिए चिकित्सकों ने उसे बेहोश कर पुरानी सैटेलाइट कॉलर आईडी हटाई और नई कॉलर आईडी लगाई।
स्वास्थ्य जांच पूरी होने और उसकी स्थिति सामान्य पाए जाने के बाद निर्वा को वापस कूनो के जंगल में छोड़ दिया गया। अब नई सैटेलाइट कॉलर आईडी के जरिए उसकी गतिविधियों और लोकेशन पर लगातार नजर रखी जा सकेगी।
पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ मिली निर्वा
वाइल्डलाइफ पीसीसीएफ डॉ. समीता राजोरा ने मादा चीता निर्वा के सुरक्षित और स्वस्थ मिलने की पुष्टि की है। निर्वा के मिलने से कूनो प्रबंधन और वन विभाग ने राहत की सांस ली है।
13 दिनों तक चले सर्च ऑपरेशन में वनकर्मियों ने तकनीक, गश्त, कैमरों, ड्रोन और चीतों के व्यवहार से जुड़े संकेतों का इस्तेमाल किया। अब निर्वा के दोबारा जंगल में छोड़े जाने के बाद उसकी गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
