मध्यप्रदेश में BRC-APC के करीब 525 पदों पर भर्ती की तैयारी
मध्यप्रदेश में BRC और APC के करीब 525 रिक्त पदों पर भर्ती की तैयारी शुरू हो गई है। 25 सितंबर से आवेदन और लिखित परीक्षा के जरिए चयन होगा।


भोपाल। मध्यप्रदेश में स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत विकासखंड स्रोत समन्वयक (BRC) और सहायक परियोजना समन्वयक (APC) के करीब 525 रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। राज्य शिक्षा केंद्र ने सभी कलेक्टरों को चयन प्रक्रिया और पात्रता से संबंधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन पदों पर नियुक्ति के लिए विभागीय शिक्षकों की लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार BRC और APC पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया 25 सितंबर 2026 से शुरू होने की तैयारी है। चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में परिणाम घोषित किए जाने का प्रस्ताव है।
313 विकासखंडों में भरे जाएंगे BRC के पद
जानकारी के अनुसार प्रदेश के सभी 313 विकासखंडों में विकासखंड स्रोत समन्वयक (BRC) के पद भरे जाएंगे। इसके अलावा प्रत्येक जिले में औसतन चार APC पदों के हिसाब से करीब 220 सहायक परियोजना समन्वयक पदों पर नए सिरे से नियुक्ति की जाएगी।
मैहर, मऊगंज और पांढुर्णा जिलों में APC पदों की चयन प्रक्रिया अलग से पूरी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
लिखित परीक्षा के जरिए होगा चयन
BRC और APC पदों के लिए चयन प्रक्रिया में विभागीय शिक्षकों की लिखित परीक्षा ली जाएगी। इसके लिए राज्य शिक्षा केंद्र की ओर से पात्रता, आवेदन और चयन प्रक्रिया को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
शिक्षकों के बीच इन पदों को लेकर काफी रुचि है। हालांकि पात्रता से जुड़े कुछ प्रावधानों को लेकर शिक्षक संगठनों ने आपत्ति दर्ज कराई है।
उच्च पद प्रभार वाले शिक्षकों को पात्रता से बाहर रखने पर आपत्ति
राज्य शिक्षा केंद्र की वर्तमान पात्रता शर्तों में उच्च पद प्रभार पर कार्यरत व्याख्याताओं और उच्च माध्यमिक शिक्षकों को परीक्षा में शामिल नहीं किया गया है। शिक्षक संगठनों ने इसी प्रावधान पर सवाल उठाते हुए नियमों में बदलाव की मांग की है।
शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश ने राज्य शिक्षा केंद्र को पत्र भेजकर मांग की है कि उच्च पद प्रभार संभाल रहे शिक्षकों को भी BRC-APC की परीक्षा और चयन प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर दिया जाए।
संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष उपेंद्र कौशल का कहना है कि कई शिक्षक लंबे समय से अपने शैक्षणिक दायित्वों के साथ प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी निभा रहे हैं। ऐसे शिक्षकों को विभागीय कार्य और प्रशासनिक व्यवस्था का व्यावहारिक अनुभव है, इसलिए उनके अनुभव को चयन प्रक्रिया में महत्व दिया जाना चाहिए।
मूल पद के साथ प्रभार का अनुभव जोड़ने की मांग
शिक्षक संगठन ने मांग की है कि पात्रता निर्धारित करते समय शिक्षक के मूल पद के अनुभव के साथ-साथ उच्च पद के प्रभार के दौरान किए गए कार्य और सेवा अनुभव को भी मान्यता दी जाए।
संगठन का कहना है कि यदि मौजूदा नियमों में उच्च पद प्रभार के अनुभव को शामिल करने का प्रावधान नहीं है, तो राज्य शिक्षा केंद्र को आवश्यक संशोधन या विशेष अनुमति जारी करनी चाहिए, ताकि लंबे समय से प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाल रहे शिक्षकों को भी चयन प्रक्रिया में भाग लेने का समान अवसर मिल सके।
अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में परिणाम की तैयारी
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आवेदन प्रक्रिया सितंबर के अंतिम सप्ताह में शुरू होगी। इसके बाद लिखित परीक्षा और अन्य आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। विभाग की तैयारी अक्टूबर के अंतिम सप्ताह तक परिणाम घोषित करने की है।
अब शिक्षकों और शिक्षक संगठनों की नजर पात्रता नियमों में संभावित बदलाव पर भी बनी हुई है। यदि उच्च पद प्रभार वाले शिक्षकों को लेकर नियमों में संशोधन होता है तो इससे बड़ी संख्या में विभागीय शिक्षकों को BRC-APC चयन प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिल सकता है।

