छतरपुर में बलराम कृषि महोत्सव: CM मोहन यादव बोले- अन्नदाताओं को दी जा रही हर जरूरी सुविधा
छतरपुर के बलराम कृषि महोत्सव में CM मोहन यादव वर्चुअल रूप से जुड़े। किसानों से संवाद कर आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत खेती और कृषि आय बढ़ाने पर जोर दिया।


छतरपुर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसान अपनी मेहनत से अन्न पैदा कर पूरे समाज की जरूरतें पूरी करते हैं। अन्नदाता किसानों की समस्याओं को दूर करने और उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री शनिवार को नई दिल्ली प्रवास के दौरान छतरपुर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव से वर्चुअल रूप से जुड़े और किसानों को संबोधित किया।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने जिले के प्रगतिशील किसानों से संवाद कर खेती में किए जा रहे नवाचारों और आधुनिक कृषि पद्धतियों की जानकारी ली। कार्यक्रम में प्रगतिशील किसानों और कृषक परिवारों के मेधावी विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया।
बुंदेलखंड की जमीन और कृषि की संभावनाओं का किया जिक्र
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुंदेलखंड को हीरों की धरती बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र की जमीन में हीरा निकलता है। उन्होंने छतरपुर जिले में होने वाली पिपरमेंट की खेती का भी उल्लेख किया। इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्र के फर्नीचर की गुणवत्ता की भी सराहना की।
बलराम कृषि महोत्सव का आयोजन छतरपुर जिले के किसानों को रबी सीजन की फसलों की नवीनतम तकनीक, उन्नत कृषि पद्धतियों और आधुनिक कृषि संसाधनों की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ जनप्रतिनिधियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार, प्रशासक अपेक्स बैंक डॉ. महेंद्र सिंह यादव, प्रशासक सहकारिता के.पी. सिंह और राजनगर विधायक अरविंद पटेरिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
किसानों ने मुख्यमंत्री को बताए खेती के नए प्रयोग
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बलराम कृषि महोत्सव के दौरान छतरपुर जिले के किसानों से संवाद किया। किसानों ने उन्हें जैविक खेती, प्राकृतिक खेती, औषधीय फसलों, पशुपालन और कृषि यंत्रों के उपयोग से जुड़े अपने अनुभव बताए।
छतरपुर के किसान सलीम खान ने जैविक एवं प्राकृतिक खेती के साथ होलिस्टिक फार्मिंग और औषधीय फसल उत्पादन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वे अन्य किसानों को भी प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।
बिजावर निवासी किसान सौरभ भटनागर ने बताया कि वे जैविक एवं प्राकृतिक खेती के साथ फल और सब्जियों का उत्पादन करते हैं। इसके अलावा मुर्गी पालन, मछली पालन और बतख पालन जैसी गतिविधियों को भी खेती से जोड़कर आय बढ़ा रहे हैं।
लघु धान्य फसलों से लेकर कस्टम हायरिंग सेंटर तक
ग्राम सलैया की जनजातीय कृषक हब्बीबाई ने बताया कि वे कोदो, कुटकी, रागी, बाजरा, ज्वार सहित विभिन्न लघु धान्य फसलों का उत्पादन करती हैं। फसलों की प्रोसेसिंग के बाद उन्हें बाजार में बेचकर आय अर्जित की जा रही है।
वहीं ग्राम हतना निवासी अनिल यादव ने कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना के बारे में जानकारी दी। उन्होंने ट्रैक्टर सहित छह कृषि यंत्र खरीदे हैं और इन्हें अन्य किसानों को किराए पर उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष कृषि यंत्र किराए पर देने से उन्हें लगभग 5.50 लाख रुपये का मुनाफा हुआ।
मुख्यमंत्री ने किसान तुलसा कुशवाहा, निवासी लखनगुवां, से भी संवाद किया। उन्होंने जैविक एवं प्राकृतिक खेती के साथ फसल और सब्जी उत्पादन, मुर्गी पालन, मछली पालन तथा बतख पालन से होने वाले लाभ की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनप्रतिनिधियों से भी संवाद कर कृषि क्षेत्र से जुड़े विषयों पर जानकारी ली।
10 प्रगतिशील किसानों को किया सम्मानित
बलराम कृषि महोत्सव के दौरान जिले के 10 प्रगतिशील किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही प्रावीण्य सूची में स्थान बनाने वाले कृषक परिवारों के मेधावी बच्चों को भी सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को खेती में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित करने और कृषि क्षेत्र में नवाचार करने वाले किसानों को पहचान देने का प्रयास किया गया।
किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक की दी जानकारी
कृषि महोत्सव में कृषि वैज्ञानिकों और विषय विशेषज्ञों ने किसानों को रबी सीजन की प्रमुख फसलों की उन्नत किस्मों और नवीनतम कृषि तकनीकों की जानकारी दी।
किसानों को उन्नत कृषि पद्धतियों, फसल प्रबंधन और आधुनिक कृषि तकनीक के उपयोग के बारे में बताया गया। साथ ही उत्पादन बढ़ाने और कृषि आय में वृद्धि के लिए वैज्ञानिक तरीके अपनाने पर जोर दिया गया।
बीज, कृषि यंत्र और उर्वरकों की जानकारी के लिए लगाए स्टॉल
महोत्सव में विभिन्न विभागों और संस्थाओं की ओर से प्रदर्शनी एवं स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉल के माध्यम से किसानों को नवीनतम बीज किस्मों, उन्नत कृषि यंत्रों और उर्वरकों के उपयोग की जानकारी दी गई।
इसके अलावा ई-विकास के माध्यम से उर्वरक वितरण, उद्यानिकी, पशुपालन और कृषि अभियांत्रिकी से जुड़ी योजनाओं एवं सुविधाओं की जानकारी भी किसानों को दी गई।
निजी कृषि विक्रेताओं ने भी कृषि उपयोगी सामग्री और आधुनिक तकनीकों से संबंधित प्रदर्शनी लगाई। अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने किसानों को उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग कर उत्पादन और कृषि आय बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।
