MP Weather: मध्य प्रदेश में फिर सक्रिय हुआ मानसून, 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; अगले 3 दिन बारिश के आसार
मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। शनिवार को 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है। अगले तीन दिन कई इलाकों में बारिश के आसार हैं।


भोपाल। मध्य प्रदेश में कुछ दिनों की राहत के बाद मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। शुक्रवार को राजधानी भोपाल समेत प्रदेश के कई जिलों में बारिश हुई। भोपाल में तेज आंधी के साथ हुई बारिश के दौरान कई इलाकों में दृश्यता 100 मीटर से भी कम रह गई। वहीं दमोह में तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया।
मौसम विभाग ने शनिवार को मध्य प्रदेश के 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा कई जिलों में हल्की से तेज बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।
इन 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने उज्जैन, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, देवास, हरदा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट और छतरपुर में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
वहीं भोपाल, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, आलीराजपुर, बुरहानपुर, झाबुआ, नीमच, मंदसौर, शाजापुर, रतलाम और बैतूल समेत कई जिलों में हल्की से तेज बारिश होने के आसार हैं।
इसके अलावा जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडोरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल और उमरिया समेत प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी बारिश की संभावना बनी हुई है।
तीन-चार दिन से थमी थी बारिश, अब मिली राहत
प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले तीन-चार दिनों से बारिश का दौर कमजोर पड़ गया था। बारिश थमने के कारण कई इलाकों में गर्मी और उमस बढ़ गई थी। शुक्रवार को बारिश शुरू होने के बाद मौसम में बदलाव आया और लोगों को उमस से राहत मिली।
भोपाल में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। इस दौरान सड़क पर दृश्यता काफी कम हो गई। कई स्थानों पर वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
दमोह में तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया। वहीं खंडवा में दोपहर के समय पहले तेज हवाएं चलीं और इसके बाद बारिश शुरू हो गई। टीकमगढ़ में बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम सुहाना हो गया।
अब तक 31.5 इंच बारिश, सामान्य से 2.7 इंच कम
मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक 801.3 मिलीमीटर यानी करीब 31.5 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। सामान्य तौर पर इस अवधि तक प्रदेश में करीब 868.6 मिलीमीटर यानी 34.2 इंच बारिश होनी चाहिए थी।
इस लिहाज से प्रदेश में अभी बारिश सामान्य आंकड़े से करीब 2.7 इंच यानी 8 प्रतिशत कम है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी करीब 1 प्रतिशत रह गई है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
33 जिलों में बारिश सामान्य से कम
प्रदेश के 33 जिलों में बारिश का आंकड़ा अभी सामान्य से नीचे है। पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश की कमी करीब 3 से 26 प्रतिशत तक दर्ज की गई है।
इनमें बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडोरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी शामिल हैं।
पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश की कमी अपेक्षाकृत ज्यादा है। इनमें आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा शामिल हैं।
22 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
प्रदेश के कुछ जिलों में मानसून मेहरबान भी रहा है। अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
इससे साफ है कि प्रदेश में मानसून का वितरण एक समान नहीं रहा है। कुछ जिलों में बारिश सामान्य से काफी अधिक हुई है, जबकि कई जिले अभी भी बारिश की कमी से जूझ रहे हैं।
जून की कम बारिश का असर अब भी बरकरार
इस मानसून सीजन में जून के दौरान प्रदेश में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। इसके बाद जुलाई में अच्छी बारिश हुई और बारिश की कमी कुछ हद तक कम हुई।
हालांकि, मानसून में बाद में दो बार ब्रेक आने के कारण बारिश का क्रम प्रभावित हुआ। जुलाई और अगस्त में बारिश का कोटा पूरा होने के बावजूद जून की कमी पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी।
यही वजह है कि मानसून सीजन अंतिम दौर में पहुंचने के बावजूद प्रदेश में अब तक कुल बारिश सामान्य से करीब 8 प्रतिशत कम बनी हुई है।
पूरे मानसून सीजन में सामान्य बारिश 37.3 इंच
मध्य प्रदेश में पूरे मानसून सीजन के दौरान सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 37.3 इंच माना जाता है। वहीं भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर जैसे प्रमुख शहरों में सामान्य मानसूनी बारिश करीब 38 से 39 इंच के आसपास रहती है।
अब प्रदेश में सक्रिय हुए मौसम तंत्र के कारण आने वाले दिनों में बारिश का दौर बढ़ने की संभावना है। यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश होती है तो प्रदेश के कुल बारिश के आंकड़े में सुधार हो सकता है और सामान्य बारिश का आंकड़ा हासिल करने की उम्मीद बढ़ सकती है।
अगले तीन दिन कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। शनिवार को 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि अन्य जिलों में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
बारिश के दौरान तेज हवाओं, कम दृश्यता और जलभराव को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खासकर निचले इलाकों और जलभराव वाले रास्तों पर आवागमन करते समय सतर्कता जरूरी है।

