विजयदशमी पर पुलिस लाइन में हुआ शस्त्र पूजन, सांसद माया नारोलिया ने की पूजा-अर्चना
नर्मदापुरम में विधि-विधान से संपन्न हुआ कार्यक्रम, कलेक्टर आशीष वशिष्ठ ने शांति और सौहार्द के साथ पर्व मनाने की अपील की


नर्मदापुरम। विजयदशमी पर्व के अवसर पर मंगलवार, 20 अक्टूबर को नर्मदापुरम की पुलिस लाइन में शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने विधि-विधान से शस्त्र पूजन कर परंपरा का निर्वहन किया। इस दौरान पुलिस एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक चंद्रशेखर सोलंकी शुक्ला, पुलिस उपमहानिरीक्षक वीरेंद्र सिंह, कलेक्टर आशीष वशिष्ठ, पुलिस अधीक्षक साई कृष्ण एस. थोटा तथा दूरसंचार सलाहकार समिति के सदस्य विकास नारोलिया सहित अन्य अतिथि मौजूद रहे।
बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है विजयदशमी
शस्त्र पूजन के अवसर पर राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने जिलेवासियों को विजयदशमी पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि विजयदशमी बुराई पर अच्छाई, अधर्म पर धर्म और अन्याय पर न्याय की विजय का प्रतीक है। यह पर्व प्रत्येक व्यक्ति को अपने भीतर की बुराइयों और अहंकार का त्याग कर सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।
सांसद ने कहा कि शस्त्र पूजन की प्राचीन परंपरा धर्म, न्याय और राष्ट्र रक्षा से जुड़ी हुई है। विजयदशमी पर शस्त्रों की पूजा करना केवल धार्मिक परंपरा का निर्वहन नहीं, बल्कि शौर्य, पराक्रम और कर्तव्यनिष्ठा के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर भी है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा इस परंपरा को सामाजिक एवं प्रशासनिक स्तर पर जोड़ने के प्रयास का भी उल्लेख किया।
शांति और कानून व्यवस्था के लिए किए सुरक्षा इंतजाम
कलेक्टर आशीष वशिष्ठ ने जिलेवासियों को विजयदशमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि जिले में पर्व को शांति, सद्भाव और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने पर्व के दौरान आपसी भाईचारा बनाए रखने और शांतिपूर्ण तरीके से आयोजन करने का संदेश दिया।
वहीं, पुलिस अधीक्षक साई कृष्ण एस. थोटा ने कहा कि शस्त्र पूजन वर्षों से चली आ रही प्राचीन परंपरा है। मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार पुलिस लाइन में राज्यसभा सांसद माया नारोलिया की उपस्थिति में विधि-विधान से शस्त्र पूजन संपन्न कराया गया।
कार्यक्रम के माध्यम से विजयदशमी के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के साथ शौर्य, कर्तव्य और जनसुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश दिया गया।
