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भोपाल · 1 घंटे पहले

MP Weather: मानसून की विदाई के बाद भी बारिश के आसार, ग्वालियर-चंबल में अलर्ट; इंदौर में 16 डिग्री पहुंचा पारा

MP Weather Update: मध्यप्रदेश के ग्वालियर-चंबल में बारिश और आंधी की संभावना। इंदौर में न्यूनतम तापमान 16 डिग्री, मानसून सीजन में सामान्य से 4% कम बारिश दर्ज।

दीपक शर्मा
दीपक शर्मा
Editor-in-Chief · 1 घंटे पहले
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MP Weather: मानसून की विदाई के बाद भी बारिश के आसार, ग्वालियर-चंबल में अलर्ट; इंदौर में 16 डिग्री पहुंचा पारा

भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी मौसम का मिजाज पूरी तरह स्थिर नहीं हुआ है। प्रदेश के ऊपरी हिस्से में सक्रिय दो चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से ग्वालियर-चंबल अंचल में अगले दो दिनों तक बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है। दूसरी ओर, दिन में तेज धूप के बीच रात के तापमान में गिरावट आने से ठंडक बढ़ने लगी है। इंदौर में न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।

मौसम विभाग के अनुसार, रविवार और सोमवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया और श्योपुर में आंधी के साथ बारिश हो सकती है। शनिवार को भी सिंगरौली, रीवा, मऊगंज और सीधी में हल्की बारिश के साथ बादल छाए रहे। हालांकि, 13 और 14 अक्टूबर को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम साफ रहने का अनुमान है। बंगाल की खाड़ी में बन रहे कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से 15 अक्टूबर के बाद एक बार फिर बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।

दिन में गर्मी, रात में बढ़ रही ठंडक

प्रदेश में इन दिनों मौसम के दो अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। दिन में तेज धूप के कारण कई शहरों में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर बना हुआ है, जबकि रात में पारा गिरने से मौसम सुहावना होने लगा है।

न्यूनतम तापमान के आंकड़ों के मुताबिक, इंदौर में 16 डिग्री, अमरकंटक में 16.6 डिग्री, भोपाल और पचमढ़ी में 16.8 डिग्री, शाजापुर में 17 डिग्री तथा कटनी के करौंदी में 17.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

वहीं, बड़वानी, ग्वालियर, राजगढ़, खजुराहो, धार और उज्जैन में दिन का तापमान 36 डिग्री सेल्सियस या इससे अधिक रहा। मौसम के इस उतार-चढ़ाव के कारण लोगों को दिन में गर्मी और रात में ठंडक का अनुभव हो रहा है। अगले कुछ दिनों तक भी यही स्थिति बने रहने की संभावना है।

अक्टूबर में बदलता रहेगा मौसम का मिजाज

मध्यप्रदेश से 3 अक्टूबर को दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई हो चुकी है, लेकिन विभिन्न मौसमी प्रणालियों के सक्रिय होने के कारण बारिश की गतिविधियां पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं।

मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक, पिछले दस वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि अक्टूबर के दौरान प्रदेश में गर्मी, बारिश और ठंड तीनों तरह की मौसमी परिस्थितियां देखने को मिलती हैं। इस बार भी अक्टूबर की शुरुआत में दिन के समय धूप और गर्मी बनी हुई है, जबकि रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है।

बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहे कम दबाव के क्षेत्र के कारण महीने के दूसरे पखवाड़े में मौसम फिर बदल सकता है। ऐसे में किसानों और आम नागरिकों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखने की जरूरत है।

सामान्य से 4 प्रतिशत कम हुई बारिश

इस साल मध्यप्रदेश में जून से सितंबर तक कुल 908.4 मिलीमीटर यानी करीब 35.8 इंच बारिश दर्ज की गई। प्रदेश में इस अवधि की सामान्य बारिश 949.5 मिलीमीटर यानी लगभग 37.3 इंच है। इस तरह मानसून सीजन में सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम बारिश हुई।

बारिश के आंकड़ों में पूर्वी और पश्चिमी मध्यप्रदेश के बीच अंतर भी देखने को मिला। पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी हिस्से में सामान्य से 12 प्रतिशत कम पानी गिरा।

प्रदेश के 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हुआ, जबकि 30 जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई। पश्चिमी मध्यप्रदेश के आलीराजपुर, धार, झाबुआ, इंदौर, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, उज्जैन और शाजापुर सहित कई जिलों में बारिश की कमी सामने आई। कुछ जिलों में यह कमी 20 प्रतिशत से भी अधिक रही।

जून की कम बारिश का असर पूरे सीजन पर

मौसम विभाग के अनुसार, मानसून सीजन की शुरुआत में ही बारिश का आंकड़ा पिछड़ गया था। जून में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई। जुलाई की शुरुआत में तेज बारिश से स्थिति में सुधार आया, लेकिन बाद में मानसून के दो बार कमजोर पड़ने से वर्षा की गति प्रभावित हुई।

सीजन के अंतिम सप्ताह में एक मजबूत मौसमी सिस्टम सक्रिय हुआ, जिससे बारिश के आंकड़ों में सुधार जरूर आया, लेकिन जून में हुई कमी की पूरी भरपाई नहीं हो सकी। जुलाई, अगस्त और सितंबर में बारिश की स्थिति बेहतर होने के बावजूद शुरुआती कमी का असर पूरे सीजन के कुल आंकड़े पर बना रहा।

इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून मध्यप्रदेश में करीब 100 दिनों तक सक्रिय रहा और अंततः सामान्य से लगभग 4 प्रतिशत कम बारिश के साथ विदा हुआ।

आगे कैसा रहेगा मौसम?

फिलहाल प्रदेश में मौसम का उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में अगले दो दिनों तक बारिश और आंधी की संभावना है, जबकि 13 और 14 अक्टूबर को मौसम साफ रह सकता है। इसके बाद 15 अक्टूबर से बंगाल की खाड़ी में बन रहे कम दबाव के क्षेत्र का प्रभाव दिखाई देने की संभावना जताई गई है।

ऐसे में अक्टूबर के दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम बदलता रह सकता है। दिन में गर्मी, रात में ठंडक और कुछ क्षेत्रों में बारिश का यह सिलसिला आने वाले दिनों में भी देखने को मिल सकता है।

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