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भोपाल · 16 मिनट पहले

MP Weather: मानसून की विदाई के बाद भी बारिश जारी, 15 जिलों में अलर्ट; 20 अक्टूबर के बाद बढ़ेगी ठंड

मध्यप्रदेश के 15 जिलों में रविवार को बारिश का अलर्ट। मानसून की विदाई के बाद भी आंधी-बारिश जारी, 20 अक्टूबर के बाद बढ़ सकती है ठंड।

दीपक शर्मा
दीपक शर्मा
Editor-in-Chief · 16 मिनट पहले
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MP Weather: मानसून की विदाई के बाद भी बारिश जारी, 15 जिलों में अलर्ट; 20 अक्टूबर के बाद बढ़ेगी ठंड

भोपाल। मध्यप्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के बाद भी बारिश का सिलसिला थम नहीं रहा है। प्रदेश के कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही के साथ तेज आंधी और बारिश का दौर जारी है। ग्वालियर-चंबल अंचल समेत कई क्षेत्रों में बारिश के कारण दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम में पिछले 72 घंटे से जारी उतार-चढ़ाव के बीच मौसम विभाग ने रविवार को 15 जिलों में बारिश की संभावना जताई है। वहीं, 20 अक्टूबर के बाद रात के तापमान में गिरावट आने से ठंडक बढ़ने के संकेत हैं।

मौसम केंद्र भोपाल के पूर्वानुमान के अनुसार, रविवार को नीमच, मंदसौर, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, सिवनी और बालाघाट में बारिश हो सकती है। इसके अलावा 18 और 19 अक्टूबर को भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में आंधी और बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

चक्रवाती परिसंचरण से बदला मौसम का मिजाज

प्रदेश के पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण के कारण मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और जबलपुर संभाग के कई जिलों में बादल छाने के साथ बारिश दर्ज की गई है। शुक्रवार और शनिवार को भी अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश हुई।

बड़वानी जिले के सेंधवा, सीहोर और पीथमपुर में बारिश दर्ज की गई, जबकि रीवा और सागर संभाग के कई इलाकों में बादल छाए रहे। बारिश और बादलों की वजह से दिन के तापमान में 2.8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई।

हालांकि, प्रदेश के सभी जिलों में मौसम का असर एक जैसा नहीं है। कुछ क्षेत्रों में बारिश से तापमान में राहत मिली है, जबकि अन्य जगहों पर दिन में धूप और रात में ठंडक का मिला-जुला असर बना हुआ है।

20 अक्टूबर के बाद रात में बढ़ेगी ठंड

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 18 और 19 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ स्थानों पर आंधी-बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। इसके बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। 20 अक्टूबर के बाद रात के तापमान में गिरावट से ठंडक बढ़ सकती है।

मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार, पिछले दस वर्षों के आंकड़ों में अक्टूबर के दौरान बारिश, गर्मी और ठंडक का मिला-जुला रुख देखने को मिलता रहा है। इस बार भी मौसम में इसी तरह का उतार-चढ़ाव दिखाई दे रहा है। महीने की शुरुआत में साफ आसमान और तेज धूप के कारण गर्मी महसूस हुई, जबकि रात में ठंडक बनी रही। अब सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण कई जिलों में दोबारा बारिश हो रही है।

3 अक्टूबर को विदा हुआ था मानसून, फिर भी बरस रहे बादल

मध्यप्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई 3 अक्टूबर को हो गई थी। इस बार मानसून करीब 100 दिन तक सक्रिय रहा। इसके बावजूद अक्टूबर में बारिश का दौर जारी है। मानसून की वापसी के बाद सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण पूर्वी और पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई जिलों में आंधी और बारिश दर्ज की गई।

प्रदेश में सामान्य मौसमी बारिश का आंकड़ा करीब 37.3 इंच है, लेकिन इस बार कुल बारिश सामान्य से लगभग 4 प्रतिशत कम रही। इसकी प्रमुख वजह जून में कम बारिश होना बताई गई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, जून में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी।

जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश होने से स्थिति में सुधार आया, लेकिन मानसून के दौरान दो बार लंबे अंतराल तक बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने से कुल बारिश प्रभावित हुई। जुलाई, अगस्त और सितंबर में बारिश की स्थिति बेहतर रही, फिर भी जून की कमी पूरी नहीं हो सकी।

पूर्वी और पश्चिमी मध्यप्रदेश में बारिश के आंकड़ों में अंतर

मौसमी बारिश के आंकड़ों में प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच अंतर देखने को मिल रहा है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग को मिलाकर पूर्वी हिस्से में कुल बारिश सामान्य से करीब 4 प्रतिशत अधिक बताई गई है। हालांकि, बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 5 से 21 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई।

वहीं, पश्चिमी मध्यप्रदेश के कई जिलों में बारिश की कमी अधिक रही है। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 9 से 51 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज होने की जानकारी दी गई है।

25 जिलों में सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के 25 जिलों में सामान्य बारिश का आंकड़ा पूरा हो चुका है। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।

इसके विपरीत, प्रदेश के 30 जिलों में बारिश की कमी बनी हुई है। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।

इस तरह अक्टूबर में बारिश जारी रहने के बावजूद प्रदेश में कुल मौसमी बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे बना हुआ है।

अगले दो दिन बारिश, फिर बढ़ेगी ठंडक

फिलहाल सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण प्रदेश के कुछ जिलों में अगले दो दिन आंधी और बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके बाद मौसम साफ होने और रात के तापमान में गिरावट आने के संकेत हैं। ऐसे में अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ सकता है और रातों में ठंडक महसूस होने लगेगी।

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