MP Weather: मानसून की विदाई के बाद भी बारिश के आसार, दिन में गर्मी और रात में बढ़ी ठंड
पचमढ़ी में 16.4 डिग्री पहुंचा न्यूनतम तापमान, बड़वानी के तालुन में पारा 37 डिग्री; रीवा, सीधी, मऊगंज और सिंगरौली में बारिश की संभावना


भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं। प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में कहीं-कहीं आंधी और हल्की बारिश का दौर जारी है, जबकि भोपाल, इंदौर समेत पश्चिमी और मध्य मध्य प्रदेश के कई शहरों में तेज धूप के कारण गर्मी का असर बना हुआ है। शनिवार को रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। इसके बाद अगले तीन दिनों तक प्रदेशभर में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है।
मौसम के इस बदलाव के बीच रात के तापमान में गिरावट आने लगी है। पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा। वहीं, बड़वानी जिले के तालुन में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यानी प्रदेश के कुछ इलाकों में दिन के समय गर्मी परेशान कर रही है, तो वहीं रात में ठंडक का अहसास बढ़ने लगा है।
पूर्वी MP में बारिश, पश्चिमी हिस्से में तेज धूप
मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के ऊपर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ के प्रभाव से पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश हो रही है। बीते दिनों जबलपुर, सागर, रीवा और शहडोल संभाग में भी मौसमी गतिविधियों का असर देखने को मिला। अनूपपुर जिले के अमरकंटक में अच्छी बारिश दर्ज की गई।
शनिवार को रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में बारिश की संभावना है। इसके बाद मौसम के शुष्क होने का अनुमान है। हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों में तापमान और स्थानीय परिस्थितियों के कारण मौसम का मिजाज बदल सकता है।
पचमढ़ी में सबसे ठंडी रात, तालुन में दिन सबसे गर्म
प्रदेश में दिन और रात के तापमान के बीच अंतर बढ़ने लगा है। पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। अमरकंटक और इंदौर में न्यूनतम तापमान 17.9 डिग्री, छिंदवाड़ा में 18.1 डिग्री, कटनी के करौंदी में 18.8 डिग्री और शाजापुर में 19 डिग्री सेल्सियस रहा।
दूसरी ओर, बड़वानी जिले के तालुन में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में शुक्रवार को तेज धूप रही, हालांकि शाम के समय मौसम में कुछ ठंडक महसूस हुई।
मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के मुताबिक, अक्टूबर के महीने में बारिश, गर्मी और ठंड का एक साथ असर दिखाई देना असामान्य नहीं है। पिछले दस वर्षों के आंकड़ों में भी इस अवधि के दौरान मौसम में इस तरह के बदलाव देखने को मिले हैं।
3 अक्टूबर को मध्य प्रदेश से लौट चुका है मानसून
मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून 3 अक्टूबर को विदा हो चुका है। इस बार मानसून प्रदेश में करीब 100 दिन सक्रिय रहा, लेकिन इसके बावजूद कुल बारिश सामान्य से कम दर्ज की गई।
जून से सितंबर तक प्रदेश में कुल 908.4 मिलीमीटर यानी करीब 35.8 इंच बारिश हुई, जबकि सामान्य बारिश का आंकड़ा 949.5 मिलीमीटर यानी लगभग 37.3 इंच है। इस तरह पूरे मानसून सीजन में प्रदेश में सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई।
मानसून की विदाई के बाद भी पूर्वी मध्य प्रदेश में सक्रिय मौसमी परिस्थितियों के कारण बारिश का दौर जारी रहा। हालांकि, मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, अब प्रदेश में मौसम धीरे-धीरे शुष्क होने की संभावना है।
पूर्वी MP में सामान्य से अधिक, पश्चिमी हिस्से में कम बारिश
पूरे मानसून सीजन के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से करीब 4 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी लगभग 12 प्रतिशत रही। हालांकि, पूर्वी क्षेत्र के सभी जिलों में सामान्य बारिश नहीं हुई।
बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। वहीं, पश्चिमी मध्य प्रदेश के आलीराजपुर, बड़वानी, झाबुआ, इंदौर, धार, देवास, खंडवा, मंदसौर, नीमच, उज्जैन और रतलाम समेत कई जिलों में बारिश की कमी रही। कुछ जिलों में यह कमी 9 से 51 प्रतिशत तक दर्ज की गई।
25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा, 30 में कमी
इस मानसून सीजन में मध्य प्रदेश के 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो गया। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।
इसके विपरीत, प्रदेश के 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। इस बार जून में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में तेज बारिश के कारण स्थिति में कुछ सुधार हुआ, लेकिन बाद में मानसून के दो बार कमजोर पड़ने से बारिश का क्रम प्रभावित हुआ।
जुलाई, अगस्त और सितंबर में बारिश के आंकड़ों में सुधार होने के बावजूद जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। यही वजह रही कि पूरे मानसून सीजन में प्रदेश में सामान्य से करीब 4 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई।
फिलहाल प्रदेश में मौसम का मिजाज दो तरह का बना हुआ है। पूर्वी जिलों में हल्की बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी और मध्य हिस्सों में धूप के साथ गर्मी का असर बना रह सकता है। रात के तापमान में गिरावट के चलते सुबह और देर शाम ठंडक महसूस होने लगी है।
