स्वामित्व योजना में बड़ी पहल: 1,050 पटवारियों को राजस्व निरीक्षक बनाने की प्रक्रिया शुरू
मध्य प्रदेश में 1,050 पटवारियों को राजस्व निरीक्षक बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। स्वामित्व योजना के तहत 50 लाख हितग्राहियों की निशुल्क रजिस्ट्री से जुड़ी प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण।


भोपाल। मध्य प्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत काबिज करीब 50 लाख हितग्राहियों की भूमि की निशुल्क रजिस्ट्री कराने की प्रक्रिया को गति देने के लिए राजस्व विभाग ने पटवारियों की पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रदेश में 1,050 पटवारियों को पदोन्नत कर राजस्व निरीक्षक बनाने के लिए विभागीय स्तर पर कार्रवाई शुरू की गई है।
इस संबंध में आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों से संबंधित पटवारियों के सेवा अभिलेख और विस्तृत जानकारी मांगी है। विभाग ने पदोन्नति के लिए प्राथमिक सूची भी जारी की है। अब जिला स्तर पर सूची का परीक्षण कर पात्रता और सेवा संबंधी जानकारी का सत्यापन किया जाएगा।
1,050 पटवारियों की प्राथमिक सूची जारी
राजस्व विभाग द्वारा जारी प्राथमिक सूची में पदोन्नति के लिए 1,050 पटवारियों के नाम शामिल किए गए हैं। विभाग यह कार्रवाई सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी पदोन्नति नियम, 2025 के प्रावधानों के तहत कर रहा है।
आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन के निर्देशों के अनुसार पदोन्नति प्रक्रिया मध्य प्रदेश भू-अभिलेख एवं बंदोबस्त तृतीय श्रेणी अराजपत्रित कार्यपालिक एवं तकनीकी सेवा भर्ती नियम, 2012 में 18 जून 2018 को किए गए संशोधन के प्रावधानों के आधार पर संचालित की जा रही है।
प्राथमिक सूची तैयार करते समय 1 जनवरी 2026 की स्थिति में 50 वर्ष से कम आयु वाले पटवारियों को राजस्व निरीक्षक पद पर पदोन्नति के लिए पात्रता के दायरे में लिया गया है।
सूची में नाम नहीं तो जोड़ने के निर्देश
आयुक्त भू-संसाधन प्रबंधन ने जिलाधिकारियों को भेजे निर्देश में कहा है कि यदि 1 जनवरी 2026 को 50 वर्ष से कम आयु वाले और जून 2007 या उससे पहले नियुक्त किसी पटवारी का नाम प्राथमिक सूची में शामिल नहीं है, तो ऐसे पटवारी का नाम सूची में जोड़ा जाए।
इसके साथ ही प्राथमिक सूची में किसी कर्मचारी की सेवा संबंधी जानकारी में त्रुटि पाए जाने पर जिला कार्यालय स्तर पर उसका परीक्षण कर आवश्यक संशोधन करने के निर्देश दिए गए हैं।
संशोधित जानकारी के साथ संबंधित दावों को प्रमाणित करने वाले दस्तावेज भी भेजने होंगे, ताकि पदोन्नति की प्रक्रिया में सेवा संबंधी रिकॉर्ड को आधार बनाया जा सके।
जिलों से मांगे गए सेवा अभिलेख
पदोन्नति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों से पटवारियों के सेवा संबंधी अभिलेख और निर्धारित जानकारी मांगी गई है।
जिला स्तर पर तहसीलदार भू-संसाधन प्रबंधन, नायब तहसीलदार और संबंधित लिपिकों के माध्यम से रिकॉर्ड का परीक्षण और जानकारी तैयार कराई जाएगी। विभाग ने निर्धारित समय सीमा के भीतर जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
आयुक्त कार्यालय के निर्देश के मुताबिक संबंधित अधिकारियों को 30 सितंबर को सुबह 10 बजे आवश्यक जानकारी और अभिलेख के साथ कार्यालय में उपस्थित होकर जानकारी जमा करानी है।
स्वामित्व योजना से जुड़ा है मामला
यह पूरी कवायद स्वामित्व योजना के तहत भूमि की निशुल्क रजिस्ट्री से भी जुड़ी हुई है। सरकार ने योजना के अंतर्गत काबिज करीब 50 लाख हितग्राहियों की भूमि की निशुल्क रजिस्ट्री कराने की प्रक्रिया में पटवारियों को निष्पादक यानी रजिस्ट्रीकर्ता की भूमिका दी थी।
पटवारियों की ओर से इस प्रक्रिया से जुड़े विधिक बिंदुओं को लेकर आपत्तियां और उनकी लंबे समय से लंबित पदोन्नति का मुद्दा सामने आता रहा है। अब सरकार द्वारा पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू किए जाने को इस विवाद से जुड़े महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
वर्षों पुरानी मांग पर शुरू हुई कार्रवाई
पटवारियों की पदोन्नति का मुद्दा लंबे समय से लंबित बताया जाता रहा है। अब राजस्व विभाग ने 1,050 पदों के लिए प्राथमिक सूची जारी कर औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
हालांकि प्राथमिक सूची जारी होना अंतिम पदोन्नति आदेश नहीं है। जिला स्तर पर सेवा अभिलेखों का परीक्षण, पात्रता की पुष्टि और आवश्यक संशोधन के बाद ही आगे की विभागीय प्रक्रिया पूरी होगी।
इसलिए फिलहाल 1,050 पटवारियों को पदोन्नत करने की प्रक्रिया शुरू हुई है, जबकि अंतिम पदोन्नति आदेश संबंधित नियमों और सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जारी किए जाएंगे।
अब जिला स्तर पर होगी रिकॉर्ड की जांच
प्राथमिक सूची जारी होने के बाद अब जिलों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। जिलाधिकारियों को अपने जिले में पदस्थ पटवारियों के सेवा रिकॉर्ड का परीक्षण कर यह सुनिश्चित करना होगा कि पात्र कर्मचारियों का नाम सूची में शामिल है या नहीं।
यदि कोई पात्र पटवारी सूची से छूट गया है या किसी कर्मचारी की सेवा संबंधी जानकारी गलत दर्ज है, तो निर्धारित दस्तावेजों के आधार पर उसमें सुधार किया जाएगा।
इसके बाद विभाग पदोन्नति की अगली प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा।
स्वामित्व योजना की निशुल्क रजिस्ट्री और पटवारियों की पदोन्नति—दोनों प्रशासनिक प्रक्रियाओं के साथ जुड़ी यह कार्रवाई आने वाले दिनों में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अब निगाहें जिला स्तर से भेजी जाने वाली जानकारी और उसके बाद जारी होने वाले अंतिम पदोन्नति आदेशों पर रहेंगी।

