Jabalpur: GPF राशि निकालने के बदले 10 हजार की रिश्वत, 5 हजार लेते बाबू रंगे हाथ गिरफ्तार
मंडला के नारायणगंज BEO कार्यालय में लोकायुक्त ने सहायक ग्रेड-1 बाबू को 5 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। GPF की एक लाख रुपये राशि निकलवाने के बदले 10 हजार की रिश्वत मांगी थी।


मंडला। मध्यप्रदेश के मंडला जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। नारायणगंज विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-1 कर्मचारी को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। आरोपी पर एक भृत्य से GPF की राशि निकलवाने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है।
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
GPF से एक लाख रुपये निकालने के लिए दिया था आवेदन
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक अंजूलता पटले के अनुसार, सिवनी माल कन्या आश्रम, विकासखंड नारायणगंज में भृत्य के पद पर पदस्थ दशरथ लाल बरमैया ने अपने GPF फंड से एक लाख रुपये निकालने के लिए विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, नारायणगंज में आवेदन दिया था।
आरोप है कि आवेदन पर कार्रवाई नहीं होने के बाद दशरथ लाल ने कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-1 नोखेलाल बेलिया, पिता स्वर्गीय राम सिंह बेलिया, उम्र 58 वर्ष से संपर्क किया।
10 हजार रुपये मांगी रिश्वत, 8 हजार में सौदा
शिकायत के मुताबिक, आरोपी बाबू ने GPF की राशि निकलवाने के बदले दशरथ लाल से 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की।
बाद में दोनों के बीच कथित तौर पर 8 हजार रुपये में सौदा तय हुआ। इसके बाद दशरथ लाल ने मामले की शिकायत लोकायुक्त कार्यालय जबलपुर में की।
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने उसका सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद आरोपी को पकड़ने के लिए ट्रैप की कार्रवाई की गई।
पहली किस्त के 5 हजार लेते ही दबोचा
गुरुवार को शिकायतकर्ता दशरथ लाल ने रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 5 हजार रुपये आरोपी बाबू नोखेलाल बेलिया को दिए।
रिश्वत की रकम दिए जाने के दौरान पहले से तैयार लोकायुक्त की टीम ने दबिश देकर आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया। टीम ने उसके कब्जे से रिश्वत की रकम जब्त कर ली और मौके पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की।
लोकायुक्त टीम ने की कार्रवाई
यह कार्रवाई लोकायुक्त डीएसपी रेखा प्रजापति के नेतृत्व में की गई। टीम में निरीक्षक उमा कुशवाहा सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
सरकारी दफ्तरों में रिश्वतखोरी पर कार्रवाई जारी
मंडला जिले में हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी कार्यालयों में लंबित कर्मचारी हितों से जुड़े मामलों में कथित रिश्वतखोरी के आरोपों को सामने ला दिया है। लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद अब जांच में यह भी सामने आने की उम्मीद है कि आरोपी ने इससे पहले भी किसी अन्य कर्मचारी से इसी तरह की रिश्वत की मांग की थी या नहीं।
