माखननगर: बज्जरवाड़ा को नरवाई मुक्त ग्राम बनाने का संकल्प, किसानों और बेलर संचालकों के बीच बनी सहमति
धान की कटाई के बाद नरवाई से बनाई जाएंगी बेलें, हार्वेस्टर में SMS अटैचमेंट अनिवार्य; नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई


माखननगर । खेतों में फसल अवशेष यानी नरवाई जलाने की घटनाओं पर अंकुश लगाने और पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से प्रशासन ने प्रयास तेज कर दिए हैं। कलेक्टर आशीष वशिष्ठ के निर्देशानुसार माखननगर तहसील के ग्राम बज्जरवाड़ा, आजलखेड़ा और काजलखेड़ी में किसानों, किसान संगठनों, जनप्रतिनिधियों, बेलर संचालकों और हार्वेस्टर मालिकों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठकों में नरवाई के उचित प्रबंधन के लिए आपसी समन्वय स्थापित करने पर सहमति बनी। साथ ही ग्राम बज्जरवाड़ा को नरवाई मुक्त ग्राम बनाने का संकल्प लिया गया।
बेलर मशीन से होगा नरवाई का प्रबंधन
बैठकों में किसानों और बेलर संचालकों के बीच समन्वय बनाकर धान की कटाई के बाद खेतों में उपलब्ध नरवाई से बेल बनाने और उसका उचित प्रबंधन करने पर चर्चा की गई। किसानों को नरवाई नहीं जलाने तथा उपलब्ध कृषि संसाधनों का उपयोग कर पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
किसानों ने आश्वासन दिया कि आपसी सहयोग और उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से अधिक से अधिक खेतों में बेलर मशीनों से नरवाई का प्रबंधन कराया जाएगा। इससे खेतों को अगली फसल की बोनी के लिए समय पर तैयार करने में भी मदद मिलेगी।
बेलर संचालकों के कार्यक्षेत्र निर्धारित
प्रशासन द्वारा चिह्नित ग्रामों में नरवाई प्रबंधन को गति देने के लिए बेलर संचालकों को निर्धारित समय-सीमा में अधिक से अधिक क्षेत्र में काम करने के निर्देश दिए गए हैं। बेलर संचालक इंदर सिंह राजपूत, संजय पटेल के प्रतिनिधि तथा उद्भव तिवारी के प्रतिनिधि सोमेल तिवारी को किसानों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करने के लिए ग्राम एवं कार्यक्षेत्र निर्धारित किए गए।
ग्राम काजलखेड़ी में आयोजित बैठक में भारतीय किसान मजदूर महासंघ के प्रतिनिधि रमाकांत मीना और भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधि उदय पांडे उपस्थित रहे। वहीं ग्राम आंचलखेड़ा एवं बज्जरवाड़ा में जनपद सदस्य, सरपंच और अन्य जनप्रतिनिधियों ने सहभागिता की।
SMS अटैचमेंट के साथ हार्वेस्टर चलाने के निर्देश
प्रशासन ने हार्वेस्टर मालिकों को निर्धारित मानकों के अनुसार स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (SMS) अटैचमेंट के साथ हार्वेस्टर का उपयोग करने के निर्देश दिए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का उद्देश्य किसानों, किसान संगठनों और कृषि यंत्र संचालकों के सहयोग से नरवाई जलाने की घटनाओं में कमी लाना तथा फसल अवशेषों का वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल प्रबंधन सुनिश्चित करना है। अब ग्राम बज्जरवाड़ा को नरवाई मुक्त बनाने के संकल्प को धरातल पर उतारने में किसानों और कृषि यंत्र संचालकों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

