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मध्यप्रदेश · 21-03-2025

Jabalpur News : पुलिसकर्मियों पर हमला करने वाले चार आरोपियों को पांच-पांच साल की सजा

जबलपुर जिले के बेलखेड़ा थाने में पदस्थ पुलिसकर्मियों पर सब्बल से हमला कर लहूलुहान करने वाले चार आरोपियों को पाटन न्यायालय ने दोषी करार दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश ओमप्रकाश रजक ने आरोपियों को पांच-पांच साल के सश्रम कारावास व दो-दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडि…

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समाचार डेस्क · 21-03-2025
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Jabalpur News : पुलिसकर्मियों पर हमला करने वाले चार आरोपियों को पांच-पांच साल की सजा

जबलपुर जिले के बेलखेड़ा थाने में पदस्थ पुलिसकर्मियों पर सब्बल से हमला कर लहूलुहान करने वाले चार आरोपियों को पाटन न्यायालय ने दोषी करार दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश ओमप्रकाश रजक ने आरोपियों को पांच-पांच साल के सश्रम कारावास व दो-दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।

विशेष लोक अभियोजक संदीप जैन ने अदालत में पक्ष रखते हुए बताया कि 7 जून 2029 को बेलखेड़ा थाने में पदस्थ आरक्षक संदीप की ड्यूटी डायल-100 में थी। उसी दौरान ग्राम झलौन से शुभम लोधी ने फोन कर सूचना दी कि पंचू बर्मन और कल्लू बर्मन के परिवारों के बीच झगड़ा हो रहा है। सूचना मिलते ही आरक्षक संदीप, आरक्षक मनोज, आरक्षक रोहित, वाहन चालक धर्मेंद्र व एएसआई लेखराम ग्राम झलौन पहुंचे। वहां से पंचू बर्मन को साथ लेकर जब वे ग्राम कूड़ाकला हार में कल्लू बर्मन के घर के सामने पहुंचे, तो आरोपियों ने पंचू बर्मन को गाली-गलौज करना शुरू कर दिया।

पुलिसकर्मियों पर हमला

जब पुलिसकर्मियों ने स्थिति को शांत करने के लिए समझाइश दी, तो चारों आरोपी – कल्लू पिता लच्छू बर्मन (45 वर्ष), मधू पिता लच्छू बर्मन (57 वर्ष), मोहन पिता कल्लू उर्फ कोमल बर्मन (26 वर्ष), रामकुमार पिता कल्लू उर्फ कोमल बर्मन (26 वर्ष), सभी निवासी ग्राम कूड़ाकला हार, बेलखेड़ा ने शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए पुलिसकर्मियों के साथ गाली-गलौज की और लाठी व सब्बल से हमला कर दिया। इस हमले में आरक्षक संदीप, लेखराम व अन्य पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए।

अदालत का निर्णय

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने प्रस्तुत गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को दोषी सिद्ध किया। अदालत ने चारों आरोपियों को पांच-पांच साल के सश्रम कारावास और दो-दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। इस फैसले से स्पष्ट होता है कि शासकीय कार्य में बाधा डालने व पुलिसकर्मियों पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह निर्णय कानून-व्यवस्था बनाए रखने और पुलिस पर हमलों को रोकने के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण साबित हो सकता है।

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