इंदौर में लोन दिलाने के नाम पर महिला कारोबारी से धोखाधड़ी का आरोप, ब्लैकमेलिंग और मारपीट की शिकायत
6 लाख रुपये का लोन स्वीकृत कराने के बदले 1.90 लाख रुपये कमीशन लेने का आरोप; खाते से बिना अनुमति 1.50 लाख रुपये ट्रांसफर करने और सोशल मीडिया पर बदनाम करने की शिकायत पर दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज


इंदौर। शहर की मॉडल विलेज कॉलोनी की एक महिला कारोबारी ने लोन दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी, अवैध वसूली, मारपीट, धमकी और सोशल मीडिया के जरिए बदनाम करने का आरोप लगाया है। महिला की शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने उसकी दुकान के नाम पर 6 लाख रुपये का लोन स्वीकृत कराया और उसके बैंक खाते से कथित तौर पर बिना अनुमति 1.50 लाख रुपये दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके अलावा लोन दिलाने के बदले 1 लाख 90 हजार रुपये कमीशन के रूप में लेने का भी आरोप है।
पीड़िता की शिकायत पर द्वारकापुरी पुलिस ने आस्था पैलेस कॉलोनी निवासी कुंदन राजोरिया और उसकी सहयोगी राखी सोनी के खिलाफ नामजद मामला दर्ज किया है। महिला ने आरोप लगाया कि शिकायत के बाद भी उसे परेशान किया जा रहा है और उसकी दुकान की तस्वीरों के साथ सोशल मीडिया तथा वॉट्सऐप पर भ्रामक स्टेटस साझा कर उसकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
लोन दिलाने के नाम पर 1.90 लाख रुपये लेने का आरोप
पीड़िता शहर में कॉस्मेटिक की दुकान चलाती है। कारोबार बढ़ाने के लिए उसे लोन की जरूरत थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात कुंदन राजोरिया और राखी सोनी से हुई। महिला के मुताबिक, दोनों ने खुद को बैंक से आसानी से लोन दिलाने वाला एजेंट बताया।
उनके माध्यम से नर्मदा झाबुआ ग्रामीण बैंक की पालदा, नेमावर रोड शाखा से दुकान के नाम पर 6 लाख रुपये का लोन स्वीकृत कराया गया। पीड़िता का आरोप है कि 14 जुलाई को बैंक से 2 लाख रुपये निकालने और पासबुक में एंट्री कराने के दौरान उसे खाते से 1.50 लाख रुपये ट्रांसफर होने की जानकारी मिली। उसके अनुसार, यह राशि 9 जुलाई को उसकी अनुमति के बिना दूसरे खाते में भेजी गई थी।
महिला ने इस लेन-देन के संबंध में बैंक से जानकारी मांगी, लेकिन उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिलने का आरोप है। इसके बाद वह दुकान लौट आई। शिकायत के अनुसार, वहां कुंदन पहुंचा और लोन दिलाने के बदले 1 लाख 90 हजार रुपये की मांग की। महिला का कहना है कि उसने मजबूरी में यह रकम नकद दे दी। खाते से रकम ट्रांसफर होने पर सवाल उठाने के बाद आरोपी ने उसे दोबारा बैंक नहीं जाने की हिदायत भी दी।
फर्जी हस्ताक्षर कर रकम ट्रांसफर कराने का आरोप
पीड़िता के अनुसार, 23 जुलाई को बैंक पहुंचने पर मैनेजर ने उसे बताया कि खाते से ट्रांसफर की गई 1.50 लाख रुपये की राशि बैंक ऑफ इंडिया के एक खाते में भेजी गई थी। महिला ने आरोप लगाया कि लोन से जुड़े जरूरी दस्तावेजों पर उसकी जानकारी और अनुमति के बिना फर्जी हस्ताक्षर कराए गए।
महिला ने इस मामले में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और स्थानीय थाने में लिखित शिकायत की। शिकायत के अनुसार, 27 अगस्त को चौधरी नामक महिला के खाते से 1.50 लाख रुपये वापस पीड़िता के खाते में ट्रांसफर किए गए। हालांकि, रकम वापस मिलने के बावजूद महिला ने अन्य आरोपों को लेकर कार्रवाई की मांग की है।
घर पहुंचकर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत
महिला ने पुलिस को बताया कि 25 अगस्त को कुंदन राजोरिया उसके घर पहुंचा। इस दौरान महिला के भाई ने घटना की रिकॉर्डिंग करने के लिए मोबाइल निकाला तो आरोपी ने कथित तौर पर उसे रिकॉर्डिंग बंद करने के लिए कहा। शिकायत में भाई-बहन के साथ गाली-गलौज और मारपीट करने के साथ जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
पीड़िता के मुताबिक, पुलिस को सूचना देने की बात कहने पर आरोपी वहां से चला गया। महिला ने इस घटना को लेकर भी पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
दुकान की तस्वीरें सोशल मीडिया पर डालकर बदनाम करने का आरोप
पीड़िता का कहना है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद भी उसे मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। आरोप है कि उसकी दुकान और आसपास खड़ी मोटरसाइकिल के साथ तस्वीरें खींची जा रही हैं। इन तस्वीरों के साथ कथित तौर पर भ्रामक और आपत्तिजनक स्टेटस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तथा वॉट्सऐप पर साझा किए जा रहे हैं।
महिला ने आरोप लगाया कि तस्वीरें उसके रिश्तेदारों और परिचितों को भी दिखाई जा रही हैं, ताकि समाज में उसकी छवि खराब हो। लगातार हो रही कथित गतिविधियों से परेशान होकर उसने रविवार को लिखित शिकायत दी। इसके बाद पुलिस ने इस संबंध में दूसरी एफआईआर दर्ज की है।
पुलिस जांच में सामने आएंगे आरोपों के तथ्य
महिला की शिकायत में बैंक खाते से राशि ट्रांसफर करने, कथित फर्जी हस्ताक्षर, कमीशन के रूप में रकम लेने, मारपीट, धमकी और सोशल मीडिया पर बदनाम करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर होगी। फिलहाल, आरोपियों का पक्ष सामने नहीं आया है।

