ब्रेकिंग
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
Denva Post
सभी खबरें
नई दिल्ली · 21 दिन पहले

भारत सरकार और Meta की बैठकें जारी, WhatsApp समेत प्लेटफॉर्म की होगी समीक्षा

भारत सरकार और Meta के बीच भारतीय कानूनों के पालन को लेकर बैठकें जारी हैं। WhatsApp समेत Meta के प्लेटफॉर्म के तकनीकी और कानूनी पहलुओं की समीक्षा होगी।

देनवा पोस्ट
देनवा पोस्ट
समाचार डेस्क · 21 दिन पहले
शेयर
भारत सरकार और Meta की बैठकें जारी, WhatsApp समेत प्लेटफॉर्म की होगी समीक्षा

नई दिल्ली। भारत सरकार और Meta Platforms के बीच भारतीय कानूनों और डिजिटल नियमों के अनुपालन को लेकर बातचीत का दौर जारी है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, Meta की वैश्विक टीम अगले कुछ दिनों तक भारत में रहेगी और इस दौरान कंपनी के अधिकारियों के साथ तीन से चार दौर की अतिरिक्त बैठकें होने की संभावना है।

इन बैठकों में मुख्य रूप से यह समझने की कोशिश की जाएगी कि Meta के भारत में संचालित सभी प्लेटफॉर्म भारतीय कानूनों और लागू नियमों के अनुरूप काम कर रहे हैं या नहीं। सरकार का स्पष्ट रुख है कि भारत में कारोबार करने वाले सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए भारतीय कानूनों का पालन अनिवार्य है।

WhatsApp के तकनीकी और कानूनी पहलुओं पर भी चर्चा

सरकारी सूत्रों के अनुसार, आगामी बैठकों में WhatsApp से जुड़े तकनीकी और कानूनी मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हो सकती है। इसमें तकनीकी जानकारी, सिस्टम लॉग और अन्य संबंधित तथ्यों को समझने पर विशेष जोर रहेगा।

Meta इस मामले में पहले ही सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष रख चुका है। अब सरकार और कंपनी के बीच होने वाली बैठकों में उपलब्ध तकनीकी जानकारी और तथ्यों के आधार पर पूरे मामले को समझने की कोशिश की जाएगी।

विदेशी कानून के बजाय भारतीय कानूनों पर जोर

सरकार का कहना है कि भारत में काम करने वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म को भारतीय कानूनों के अनुसार ही संचालित होना होगा। किसी दूसरे देश के कानूनों या नियमों के आधार पर भारत में प्लेटफॉर्म के संचालन को उचित नहीं ठहराया जा सकता।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, सरकार का उद्देश्य तकनीकी और कानूनी पहलुओं की समीक्षा कर यह सुनिश्चित करना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पारदर्शिता के साथ भारत के नियमों का पालन करें।

सिर्फ Meta नहीं, X और Telegram से भी संपर्क

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि बातचीत केवल Meta तक सीमित नहीं है। सरकारी स्तर पर X और Telegram जैसे अन्य प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ भी नियमित संपर्क और संवाद जारी रहता है।

सरकार का मानना है कि भारत में काम करने वाली सभी डिजिटल कंपनियों की कानून और समाज के प्रति जिम्मेदारी है। जिस तरह अन्य संस्थानों और कंपनियों को भारतीय नियमों का पालन करना होता है, उसी तरह सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को भी भारतीय कानूनों के दायरे में काम करना होगा।

पीएम मोदी के वीडियो से शुरू हुआ विवाद

दरअसल, यह मामला उस समय चर्चा में आया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संबंधित एक वीडियो कुछ समय के लिए Facebook से हट गया था। इसके बाद इस मामले को लेकर संसद की एक समिति के स्तर पर भी चर्चा हुई। समिति के अध्यक्ष निशिकांत दुबे ने Meta से जवाब मांगा था और कंपनी के शीर्ष नेतृत्व से इस मामले में स्पष्टीकरण की मांग की गई थी।

इसके बाद Meta के प्रमुख मार्क जुकरबर्ग की ओर से माफी से जुड़ा घटनाक्रम सामने आया। कंपनी ने अलग-अलग मामलों में तकनीकी और परिचालन संबंधी खामियों को लेकर खेद व्यक्त किया। बाद में प्रधानमंत्री मोदी से जुड़े वीडियो के मामले में भी Meta की ओर से माफी मांगे जाने की बात सामने आई।

अब WhatsApp समेत Meta की विस्तृत समीक्षा पर नजर

इसके बाद अब Meta की वैश्विक टीम का भारत में कुछ और दिनों तक रुकना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आगामी बैठकों में WhatsApp के साथ-साथ Meta के अन्य प्लेटफॉर्म से जुड़े तकनीकी, कानूनी और अनुपालन संबंधी पहलुओं पर चर्चा जारी रहने की संभावना है।

हालांकि, सरकारी सूत्रों के अनुसार अभी इन बैठकों का उद्देश्य किसी एक कंपनी के खिलाफ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि उपलब्ध तथ्यों और तकनीकी जानकारी के आधार पर स्थिति को समझना तथा यह सुनिश्चित करना है कि भारत में संचालित सभी डिजिटल प्लेटफॉर्म भारतीय कानूनों का पूरी तरह पालन करें।

बैठकों के बाद आगे की प्रक्रिया क्या होगी, इसका फैसला तकनीकी चर्चाओं और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर किया जाएगा।

यह खबर शेयर करें
शेयर
ज़्यादा जानें
कानूनों
सरकारी
साउथ एशियन कल्चरल इवेंट्स खोजना