‘वॉश ऑन व्हील्स’ से पहचान बनाने वाले IAS अग्रिम कुमार अब संभालेंगे जबलपुर नगर निगम की कमान
छिंदवाड़ा में ग्रामीण स्वच्छता के नवाचार को मिला राष्ट्रीय सम्मान, अब शहर की सफाई, कचरा प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की होगी चुनौती


जबलपुर/छिंदवाड़ा। मध्यप्रदेश में रविवार रात हुए प्रशासनिक फेरबदल के बाद 2020 बैच के आईएएस अधिकारी अग्रिम कुमार को जबलपुर नगर निगम आयुक्त की जिम्मेदारी सौंपी गई है। छिंदवाड़ा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के रूप में कार्य करते हुए अग्रिम कुमार का नाम ग्रामीण स्वच्छता की अभिनव पहल ‘वॉश ऑन व्हील्स’ से जुड़ा रहा। इस मॉडल के तहत मोबाइल इकाइयों के माध्यम से ग्रामीण परिवारों तक शौचालयों की सफाई और रखरखाव की सुविधा पहुंचाई गई। अब उनके सामने जबलपुर जैसे बड़े शहर में स्वच्छता व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की चुनौती होगी।
‘वॉश ऑन व्हील्स’ से ग्रामीण स्वच्छता को मिली नई दिशा
छिंदवाड़ा में शुरू की गई ‘वॉश ऑन व्हील्स’ पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू शौचालयों की सफाई और रखरखाव को आसान बनाना था। इसके तहत चलित इकाइयों के माध्यम से गांवों में लोगों को सफाई सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित की गई।
इस पहल का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य स्वच्छता साथियों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता सेवाओं को व्यवस्थित करना भी था। आमतौर पर ग्रामीण परिवारों के लिए शौचालयों की नियमित सफाई और रखरखाव की सुविधा उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में मोबाइल इकाइयों पर आधारित इस मॉडल ने स्थानीय जरूरतों के अनुरूप सेवा उपलब्ध कराने का प्रयास किया।
वर्ष 2025 में पहल को मिला पुरस्कार
‘वॉश ऑन व्हील्स’ की शुरुआत 26 सितंबर 2024 को छिंदवाड़ा जिले की ग्राम पंचायत छिंदी से हुई थी। जिला पंचायत की इस पहल को वर्ष 2025 में इंडिया सैनिटेशन कोएलिशन और फिक्की की ओर से पुरस्कार मिला।
इस उपलब्धि में जिला प्रशासन, जिला पंचायत की टीम और स्थानीय स्तर पर काम करने वाले स्वच्छता साथियों की भूमिका रही। वर्ष 2026 में अग्रिम कुमार को भी इंडिया सैनिटेशन कोएलिशन-फिक्की की ओर से वॉटर, सैनिटेशन एंड हाइजीन (WASH) चैंपियन पुरस्कार प्रदान किया गया।
इन सम्मानों ने ग्रामीण स्वच्छता के क्षेत्र में विकसित इस मॉडल को पहचान दिलाई।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर में विस्तार की पहल की
छिंदवाड़ा में शुरू हुए इस मॉडल को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 1 नवंबर 2025 को इसे पूरे मध्यप्रदेश में शुरू किया। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता सेवाओं की पहुंच बढ़ाना और ऐसी व्यवस्थाओं को प्रोत्साहित करना था, जिन्हें स्थानीय जरूरतों के अनुसार संचालित किया जा सके।
इसके बाद जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकियों की सफाई से जुड़ी पहल को भी आगे बढ़ाया गया। इसका उद्देश्य पेयजल संबंधी बुनियादी ढांचे के रखरखाव और स्वच्छता पर ध्यान देना है।
अब जबलपुर में शहरी व्यवस्था सुधारने की चुनौती
जबलपुर नगर निगम आयुक्त के रूप में अग्रिम कुमार के सामने ग्रामीण क्षेत्रों से अलग तरह की प्रशासनिक चुनौतियां होंगी। बड़े शहर में नियमित सफाई, घर-घर से कचरा संग्रहण, कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण, जलभराव, सड़कों की सफाई और सार्वजनिक सुविधाओं का रखरखाव प्रमुख मुद्दे हैं।
इसके अलावा नागरिक शिकायतों का समय पर निराकरण और नगर निगम की सेवाओं की निगरानी भी महत्वपूर्ण होगी। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता से जुड़े नवाचारों का अनुभव शहरी व्यवस्था में किस तरह उपयोगी साबित होता है, यह उनकी नई जिम्मेदारी में अहम पहलू रहेगा।
जबलपुर जैसे शहर में किसी सफल मॉडल को लागू करने के लिए स्थानीय परिस्थितियों, उपलब्ध संसाधनों और नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखना होगा। ऐसे में उनके सामने चुनौती केवल नई योजनाएं शुरू करने की नहीं, बल्कि मौजूदा व्यवस्थाओं में सुधार कर उनका प्रभाव जमीन पर दिखाने की भी होगी।
कौन हैं आईएएस अग्रिम कुमार?
अग्रिम कुमार 2020 बैच के मध्यप्रदेश कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उनका जन्म 26 अगस्त 1990 को हुआ और वे दिल्ली के निवासी हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से कंप्यूटर साइंस में स्नातक की पढ़ाई की और भारतीय प्रबंधन संस्थान, बेंगलुरु से एमबीए की डिग्री हासिल की।
छिंदवाड़ा जिला पंचायत के सीईओ के रूप में उनके कार्यकाल को ग्रामीण स्वच्छता की पहल ‘वॉश ऑन व्हील्स’ के कारण पहचान मिली। अब जबलपुर नगर निगम आयुक्त के रूप में उनकी नई पारी शुरू होगी।
अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि ग्रामीण स्वच्छता के क्षेत्र में मिले अनुभव और नवाचारों को वे जबलपुर की शहरी व्यवस्थाओं में किस तरह इस्तेमाल करते हैं और नागरिकों को सफाई तथा बुनियादी सुविधाओं में कितना सुधार देखने को मिलता है।

