शिक्षक दिवस पर अतिथि शिक्षकों का प्रदर्शन, स्थायी रोजगार नीति की मांग
शिक्षक दिवस पर भोपाल के शाहजहांनी पार्क में अतिथि शिक्षकों ने बारिश के बीच प्रदर्शन किया। स्थायी रोजगार नीति की मांग को लेकर सरकार को एक महीने का समय दिया।


भोपाल। शिक्षक दिवस के मौके पर शनिवार को राजधानी भोपाल में बारिश के बीच अतिथि शिक्षकों ने शाहजहांनी पार्क में प्रदर्शन कर सरकार के प्रति नाराजगी जताई। खराब मौसम के कारण प्रदर्शन में अपेक्षाकृत कम शिक्षक शामिल हो सके। संगठन ने भी केवल उन्हीं अतिथि शिक्षकों से भोपाल पहुंचने की अपील की थी, जो बारिश के बावजूद आसानी से प्रदर्शन में शामिल हो सकते थे।
अतिथि शिक्षक समन्वय समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार ने कहा कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। सरकार को अतिथि शिक्षकों के लिए स्थायी रोजगार की नीति बनाकर उसका आदेश जारी करना होगा।
18 साल से अस्थायी व्यवस्था में काम कर रहे अतिथि शिक्षक
संगठन के मुताबिक मध्यप्रदेश में अतिथि शिक्षक व्यवस्था वर्ष 2008 में शुरू हुई थी। करीब 18 वर्ष बीत जाने के बावजूद अतिथि शिक्षक अभी भी अंशकालीन और अस्थायी व्यवस्था के तहत सेवाएं दे रहे हैं।
संगठन का कहना है कि लंबे समय से सरकारी स्कूलों में अध्यापन कार्य करने के बावजूद अतिथि शिक्षकों को स्थायी रोजगार के साथ सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा जैसी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। इसके अलावा अवकाश, चिकित्सा बीमा और महिला अतिथि शिक्षकों के लिए प्रसूति अवकाश जैसी मांगें भी लंबे समय से उठाई जा रही हैं।
परिहार का कहना है कि वर्षों तक सेवाएं देने के बाद भी अतिथि शिक्षकों का भविष्य हर नए शैक्षणिक सत्र में अनिश्चित बना रहता है। सरकार को उनके अनुभव और लंबे सेवा रिकॉर्ड को ध्यान में रखते हुए स्थायी रोजगार की स्पष्ट नीति बनानी चाहिए।
2023 की घोषणाओं पर अमल नहीं होने का आरोप
अतिथि शिक्षक संगठन का दावा है कि 2 सितंबर 2023 को भोपाल के लाल परेड मैदान में आयोजित अतिथि शिक्षक पंचायत में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अतिथि शिक्षकों को लेकर कई घोषणाएं की थीं।
संगठन के अनुसार इनमें हर साल अनुबंध की व्यवस्था, बीच सत्र में नौकरी से नहीं हटाने, गुरुजियों की तर्ज पर नीति बनाकर नियमित करने और सीधी भर्ती में बोनस अंक देने जैसी घोषणाएं शामिल थीं।
संगठन का आरोप है कि इन घोषणाओं के बावजूद अब तक अपेक्षित स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इसी वजह से अतिथि शिक्षक अब नई घोषणाओं और आश्वासनों के बजाय सरकारी आदेश की मांग कर रहे हैं।
सरकार को एक महीने का समय
बारिश को देखते हुए शनिवार का प्रदर्शन सांकेतिक रखा गया। संगठन ने सरकार को अपनी मांगों पर निर्णय लेने के लिए एक महीने का समय दिया है।
प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार ने चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में अतिथि शिक्षकों के लिए स्थायी रोजगार की नीति नहीं बनाई गई तो 2 अक्टूबर, गांधी जयंती से भोपाल में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
अतिथि शिक्षकों का कहना है कि वे वर्षों से सरकारी स्कूलों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अब हर शैक्षणिक सत्र में नौकरी को लेकर बनी रहने वाली अनिश्चितता समाप्त कर उन्हें स्थायी रोजगार और सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा दी जानी चाहिए।
