अजनार नदी की गंदगी देख 20 साल के बिट्टू ने उठाया बीड़ा, अकेले शुरू की सफाई; CM मोहन यादव ने बुलाकर सराहा
ब्यावरा के 20 वर्षीय बिट्टू तबाही ने अजनार नदी की सफाई अकेले शुरू की। ₹30 हजार खर्च कर मुहिम चलाई। CM मोहन यादव और आनंद महिंद्रा ने पहल की सराहना की।


ब्यावरा। नदी में जमा गंदगी देखकर ज्यादातर लोग नजरें फेर लेते हैं, लेकिन ब्यावरा के 20 वर्षीय सुरेंद्र सिंह चौधरी ‘बिट्टू तबाही’ ने अजनार नदी की बदहाल स्थिति को देखकर कुछ अलग करने का फैसला किया। प्लास्टिक, पूजा सामग्री और जगह-जगह जमा कचरे को देखकर बिट्टू खुद नदी में उतरे और सफाई अभियान शुरू कर दिया।
शुरुआत अकेले हुई, लेकिन धीरे-धीरे उनकी यह पहल एक मुहिम में बदल गई। सोशल मीडिया पर सफाई के वीडियो सामने आने के बाद बिट्टू की कोशिश चर्चा में आई और अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी उन्हें भोपाल बुलाकर उनकी पहल की सराहना की है।
CM मोहन यादव ने की बिट्टू की पहल की सराहना
मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात के दौरान बिट्टू की पहल की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि ब्यावरा के बेटे बिट्टू ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति और संकल्प से केवल अजनार नदी की सफाई नहीं की, बल्कि समाज को यह संदेश भी दिया कि बदलाव के लिए बड़ी भीड़ नहीं, बल्कि एक सच्ची पहल काफी होती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिट्टू की पहल जल गंगा संवर्धन अभियान की भावना को मजबूत करती है। इस अभियान का उद्देश्य जनभागीदारी के माध्यम से जल स्रोतों का संरक्षण और उनका पुनर्जीवन है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि अजनार नदी से शुरू हुआ बिट्टू का संकल्प प्रदेश के अन्य युवाओं को भी अपने आसपास के जल स्रोतों के संरक्षण के लिए प्रेरित करेगा।
सरकार के साथ लोगों को भी बदलनी होगी आदत
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार पिछले तीन वर्षों से जल संरक्षण और जल स्रोतों के संरक्षण के लिए काम कर रही है। इसमें कुएं, बावड़ियां, नदियां और तालाब शामिल हैं।
बिट्टू ने मुख्यमंत्री से कहा कि सरकार के प्रयासों के साथ-साथ आम लोगों को भी अपनी आदतों में बदलाव करना होगा। उनका कहना है कि जब तक लोग नदियों और जल स्रोतों में कचरा डालना बंद नहीं करेंगे, तब तक स्थायी बदलाव मुश्किल है।
अपनी जेब से खर्च किए 30 हजार रुपये
बिट्टू ने अजनार नदी की सफाई करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए। इनमें नदी की पहले की स्थिति और सफाई के बाद बदली तस्वीर दिखाई गई।
वीडियो वायरल होने के बाद कुछ लोगों ने उनकी पहल पर सवाल भी उठाए और इसे केवल व्यू और प्रचार के लिए किया जाने वाला काम बताया। हालांकि, बिट्टू ने इन आलोचनाओं पर ध्यान नहीं दिया और सफाई अभियान जारी रखा।
उनकी मुहिम का असर यह हुआ कि अजनार नदी और उसके घाट की सफाई का अभियान आगे बढ़ा और दूसरे लोग भी इससे जुड़ने लगे। बिट्टू ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर सफाई सामग्री और डस्टबिन खरीदने में करीब 30 हजार रुपये अपनी जेब से खर्च किए।
सफाई के दौरान हाथ में हुआ संक्रमण
नदी की सफाई आसान नहीं थी। पर्याप्त सुरक्षा उपकरण नहीं होने के कारण सफाई के दौरान बिट्टू के हाथ में संक्रमण तक हो गया। इसके बावजूद उन्होंने अभियान को बंद नहीं किया।
नदी से निकलने वाले कचरे को अलग-अलग किया जाता है। पूजा सामग्री को भी अलग रखा जा रहा है। बिट्टू अब इसी पूजा सामग्री से खाद बनाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि धार्मिक सामग्री भी सीधे नदी में जाने के बजाय उपयोगी तरीके से निस्तारित की जा सके।
आनंद महिंद्रा ने भी बताया ‘मंडे मोटिवेशन’
बिट्टू की अजनार नदी सफाई मुहिम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह उद्योगपति आनंद महिंद्रा तक भी पहुंचा। उन्होंने बिट्टू की कोशिश की सराहना करते हुए कहा कि लोग इस अभियान के बारे में कुछ भी कहें, लेकिन एक बात साफ है कि नदी की सफाई तो हुई।
आनंद महिंद्रा ने बिट्टू को अपना ‘मंडे मोटिवेशन’ बताते हुए उनकी पहल की तारीफ की। इसके बाद सोशल मीडिया पर बिट्टू की मुहिम को और अधिक चर्चा मिली।
‘नदी साफ रखना सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं’
बिट्टू का कहना है कि नदी और पर्यावरण को साफ रखना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। सरकार अपने स्तर पर प्रयास कर रही है, लेकिन आम लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।
उनका संदेश सीधा है—जिस तरह लोग अपने घर को साफ रखते हैं, उसी तरह अपने आसपास और पर्यावरण को भी साफ रखना चाहिए।
अजनार नदी से शुरू हुई बिट्टू की कहानी यही बताती है कि बदलाव के लिए हमेशा बड़े संसाधनों या बड़ी भीड़ की जरूरत नहीं होती। कई बार एक व्यक्ति का पहला कदम ही दूसरों को साथ आने के लिए प्रेरित कर देता है।
