गोदा वेयरहाउस पर किसानों ने किया चक्काजाम, 764 किसानों की मूंग तुलाई को लेकर बढ़ा विवाद
माखन नगर के गोदा वेयरहाउस पर 764 किसानों की मूंग तुलाई को लेकर किसानों ने चक्काजाम किया। मूंग खरीदी के चार दिन शेष, प्रशासन ने दिया आश्वासन।


माखन नगर। मूंग खरीदी की अंतिम तारीख नजदीक आने के साथ ही किसानों की परेशानी और प्रशासन की चुनौती बढ़ती जा रही है। रविवार शाम करीब 5 बजे गोदा वेयरहाउस पर बड़ी संख्या में किसानों ने चक्काजाम कर दिया। किसान इस बात से नाराज थे कि सोमवार को करीब 764 किसानों की मूंग तुलाई प्रस्तावित है, लेकिन बागलखेड़ी समिति प्रबंधक ने इतनी बड़ी संख्या में किसानों की तुलाई एक दिन में संभव नहीं होने की बात कही है।
जानकारी के अनुसार सोमवार को गोदा वेयरहाउस पर बड़ी संख्या में किसानों की मूंग तुलाई होनी है। इसी बीच बागलखेड़ी समिति प्रबंधक द्वारा कृषि उपसंचालक, नर्मदापुरम को पत्र लिखकर अवगत कराया गया कि 764 किसानों की तुलाई एक दिन में कर पाना संभव नहीं है। इसकी जानकारी किसानों तक पहुंची तो उनमें नाराजगी फैल गई।
किसानों का कहना था कि मूंग खरीदी के लिए अब महज चार दिन शेष हैं। ऐसे में यदि सोमवार को तुलाई नहीं होती है तो शेष दिनों में किसानों की उपज की तुलाई और खरीदी कैसे पूरी होगी, यह बड़ा सवाल है। इसी मुद्दे को लेकर किसानों ने शाम करीब 5 बजे गोदा वेयरहाउस के सामने चक्काजाम कर दिया।
मौके पर पहुंचा प्रशासन
चक्काजाम की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। तहसीलदार श्रीमती सुनीता सहानी एवं थाना प्रभारी कंचन ठाकुर ने किसानों से चर्चा की और उनकी समस्याएं सुनीं। अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के आश्वासन के बाद किसानों ने करीब शाम 6:30 बजे चक्काजाम समाप्त कर दिया।
चार दिन में कैसे होगी हजारों किसानों की तुलाई?
मूंग खरीदी की अंतिम तारीख में अब सिर्फ चार दिन शेष रह गए हैं। ऐसे में एक ही दिन में 764 किसानों की तुलाई को लेकर सामने आया विवाद प्रशासन के लिए नई चुनौती बन गया है। किसानों का सवाल है कि यदि निर्धारित दिन पर तुलाई नहीं हुई तो बाकी बचे दिनों में उनकी उपज की तुलाई कैसे पूरी होगी।
वहीं, समिति प्रबंधक द्वारा कृषि उपसंचालक को लिखे गए पत्र के बाद अब प्रशासन के सामने खरीदी की व्यवस्था और किसानों की तुलाई को लेकर तत्काल निर्णय लेने की चुनौती है।
फिलहाल अधिकारियों के आश्वासन के बाद जाम तो समाप्त हो गया, लेकिन गोदा वेयरहाउस पर मूंग खरीदी को लेकर किसानों की नाराजगी पूरी तरह खत्म हुई है या नहीं, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
