Fact Check: मराठी विवाद के चलते मुंबई छोड़ रहा था ऑटो ड्राइवर? वायरल वीडियो का सच सामने आया
ऑटो को ट्रेन के पार्सल कोच में चढ़ाने का पुराना वीडियो मराठी विवाद से जोड़कर वायरल है। जानिए वीडियो की पूरी सच्चाई और रेलवे ने क्या कहा।


नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक ऑटो रिक्शा को ट्रेन के पार्सल कोच में चढ़ाते हुए कुछ लोग दिखाई दे रहे हैं। वीडियो को महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर चल रही बहस से जोड़कर शेयर किया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि मराठी भाषा नहीं आने के कारण ऑटो चालक मुंबई छोड़कर अपने गांव लौट रहा है और इसी वजह से उसने अपना ऑटो ट्रेन में भेज दिया।
हालांकि, वायरल वीडियो के साथ किया जा रहा यह दावा भ्रामक और गलत है। वीडियो वास्तविक है, लेकिन इसका मौजूदा मराठी विवाद से कोई संबंध नहीं है।
पुराना है वायरल वीडियो
वायरल वीडियो की पड़ताल में सामने आया कि यह वीडियो हाल की घटना का नहीं है। सेंट्रल रेलवे ने भी सोशल मीडिया पर किए जा रहे इस दावे को खारिज किया है।
सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी स्वप्निल नीला के मुताबिक, वायरल वीडियो में दिखाई दे रही ट्रेन लोकमान्य तिलक टर्मिनस (LTT)-बनारस समर स्पेशल थी। यह ट्रेन अप्रैल से जून 2026 के बीच संचालित की गई थी।
यानी जिस वीडियो को मौजूदा मराठी भाषा विवाद से जोड़कर शेयर किया जा रहा है, वह कई महीने पुराना है।
ऑटो को ट्रेन में क्यों चढ़ाया गया था?
मुंबई डिवीजन के DRM के अनुसार, वायरल वीडियो में दिखाई दे रही ट्रेन स्पेशल ट्रेन नंबर 01073/74 थी, जो लोकमान्य तिलक टर्मिनस से बनारस के बीच चलाई गई थी।
यह ट्रेन 1 अप्रैल से 15 जून 2026 के बीच संचालित हुई थी। वर्तमान में यह ट्रेन सेवा में नहीं है।
रेलवे के मुताबिक, वीडियो में दिखाई दे रहा ऑटो रिक्शा किसी यात्री के साथ मुंबई से गांव लौटने के लिए ट्रेन में नहीं चढ़ाया गया था, बल्कि उसे बाकायदा पार्सल के तौर पर बुक किया गया था।
27 अप्रैल को बुक हुआ था ऑटो
रेलवे की जानकारी के अनुसार ऑटो रिक्शा को 27 अप्रैल 2026 को पार्सल के रूप में बुक किया गया था। इसे लोकमान्य तिलक टर्मिनस से बनारस भेजा जाना था।
इसलिए ऑटो को ट्रेन के पार्सल कोच में लोड किया गया था। यह रेलवे की सामान्य पार्सल परिवहन व्यवस्था का हिस्सा था।
मराठी विवाद से जोड़कर फैलाया गया गलत दावा
सोशल मीडिया पर वीडियो को महाराष्ट्र में मराठी भाषा को लेकर चल रहे विवाद से जोड़कर शेयर किए जाने के कारण इसे तेजी से प्रसारित किया गया। पोस्ट में दावा किया गया कि मराठी नहीं आने के कारण ऑटो चालक मुंबई छोड़कर अपने गांव जा रहा है।
लेकिन रेलवे की ओर से दी गई जानकारी इस दावे को खारिज करती है। वीडियो में दिखाई दे रही घटना पुरानी है और ऑटो को बाकायदा पार्सल के रूप में बुक कर दूसरी जगह भेजा जा रहा था।
Fact Check: वीडियो असली, लेकिन दावा झूठा
निष्कर्ष: वायरल वीडियो वास्तविक है, लेकिन इसके साथ किया जा रहा दावा गलत और भ्रामक है। वीडियो का महाराष्ट्र के मौजूदा मराठी भाषा विवाद से कोई संबंध नहीं है। ऑटो चालक के मुंबई छोड़ने की कहानी भी सही नहीं है। ऑटो को अप्रैल 2026 में पार्सल के तौर पर बुक कर LTT से बनारस भेजा गया था।
फैक्ट चेक रिजल्ट: वायरल दावा — गलत।
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