दिव्यऋषि तिवारी की मौत के बाद कांग्रेस का प्रदर्शन, बिजली विभाग और नगर निगम का पुतला फूंका
DB मॉल भोपाल के सामने बिजली के खंभे में करंट लगने से युवा अधिवक्ता दिव्यऋषि तिवारी की मौत के बाद कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। पांच दिन बाद भी जिम्मेदारी और हादसे की वजह पर सवाल।


भोपाल। एमपी नगर स्थित DB मॉल के सामने बिजली के खंभे में करंट आने से युवा अधिवक्ता दिव्यऋषि तिवारी की मौत के पांच दिन बाद भी हादसे की वजह और जिम्मेदारी को लेकर सवाल बने हुए हैं। हादसे के बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच शुरू की गई है और संबंधित एजेंसी के खिलाफ लापरवाही के मामले में FIR दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, जिम्मेदारी तय करने और घटना की पूरी वजह सार्वजनिक करने की मांग को लेकर कांग्रेस ने गुरुवार को DB मॉल के सामने प्रदर्शन किया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान बिजली विभाग और नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की और दोनों विभागों का पुतला फूंका। कांग्रेस नेताओं ने मांग की कि यह स्पष्ट किया जाए कि जिस खंभे में करंट आया था, उसके रखरखाव की जिम्मेदारी किस विभाग या एजेंसी की थी और खंभे में बिजली का करंट कैसे पहुंचा।
'व्यस्त इलाके में खंभे में करंट आना गंभीर मामला'
कांग्रेस महासचिव संजीव सक्सेना ने कहा कि DB मॉल के सामने शहर के सबसे व्यस्त व्यावसायिक इलाकों में से एक है। यहां बड़ी संख्या में लोग रोजाना आवाजाही करते हैं। ऐसे स्थान पर बिजली के खंभे में करंट आना सुरक्षा व्यवस्था और रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कहा कि सड़क पार करते समय खंभे के संपर्क में आने से दिव्यऋषि तिवारी की जान चली गई। अब जरूरी है कि हादसे की तकनीकी वजह के साथ यह भी स्पष्ट किया जाए कि खंभे के रखरखाव की जिम्मेदारी किस एजेंसी की थी।
'जिम्मेदारी तय करने के लिए लंबी जांच क्यों?'
सक्सेना ने कहा कि खंभे में करंट आने की वजह और उसके रखरखाव की जिम्मेदारी स्पष्ट होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी बिजली विभाग, नगर निगम, स्मार्ट सिटी या किसी अन्य एजेंसी की हो सकती है, लेकिन संबंधित विभागों को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
उन्होंने दिव्यऋषि तिवारी की मौत के मामले में जिम्मेदारी तय कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए शहर की विद्युत व्यवस्था की जांच जरूरी है।
कॉलोनियों और बस्तियों में भी सुरक्षा पर सवाल
कांग्रेस नेताओं ने शहर में बिजली के खुले तार, क्षतिग्रस्त खंभों और अन्य विद्युत सुरक्षा संबंधी शिकायतों का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि कई कॉलोनियों और बस्तियों में भी बिजली व्यवस्था से जुड़े जोखिम बने रहते हैं।
कांग्रेस ने मांग की कि सार्वजनिक स्थानों पर लगे बिजली और स्ट्रीट लाइट के खंभों की नियमित जांच कराई जाए, ताकि किसी दूसरे व्यक्ति की जान खतरे में न पड़े।
मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता राहुल राठौर ने कहा कि सरकार को केवल जांच की बात करने के बजाय हादसे के लिए जिम्मेदार एजेंसी की पहचान कर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर विद्युत सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए।
राठौर ने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा और कार्यकर्ता सड़क पर उतरकर विरोध करेंगे।
जांच रिपोर्ट का इंतजार
दिव्यऋषि तिवारी की मौत के मामले में प्रशासन की ओर से जांच समिति गठित किए जाने की जानकारी सामने आई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार समिति को घटना की जांच कर रिपोर्ट देने की जिम्मेदारी दी गई है। पुलिस ने भी संबंधित एजेंसी के खिलाफ लापरवाही से मृत्यु के मामले में कार्रवाई शुरू की है।
