तिलक वर्मा की तूफानी पारी से भारत ने न्यूजीलैंड को हराया, 26 गेंदों में नाबाद 51 रन बनाकर दिलाई रोमांचक जीत
आखिरी तीन ओवर में चाहिए थे 46 रन, छह विकेट गिरने के बावजूद नहीं मानी हार; गौतम गंभीर की सलाह बनी जीत का मंत्र


स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय क्रिकेट टीम ने शनिवार, 24 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च में न्यूजीलैंड के खिलाफ रोमांचक मुकाबले में चार विकेट से जीत दर्ज की। इस जीत के नायक युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा रहे, जिन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में 26 गेंदों पर छह चौकों और एक छक्के की मदद से नाबाद 51 रनों की शानदार पारी खेली। उनके इस मैच जिताऊ प्रदर्शन के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया।
180 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम एक समय मुश्किल स्थिति में पहुंच गई थी। आखिरी तीन ओवर में जीत के लिए 46 रनों की जरूरत थी और भारत के छह विकेट गिर चुके थे। क्रीज पर तिलक वर्मा 13 गेंदों में 17 रन और नीतीश कुमार रेड्डी नौ गेंदों में 16 रन बनाकर मौजूद थे। ऐसे दबाव भरे क्षणों में तिलक ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए मुकाबले का रुख पलट दिया और एक गेंद शेष रहते भारत को जीत दिला दी।
गौतम गंभीर की सलाह ने बढ़ाया आत्मविश्वास
मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में तिलक वर्मा ने अपनी शानदार पारी के पीछे की रणनीति का खुलासा किया। उनसे पूछा गया कि लगातार विकेट गिरने के बावजूद उन्होंने किस मानसिकता के साथ बल्लेबाजी की।
तिलक ने बताया कि उनका पूरा ध्यान आखिरी गेंद तक क्रीज पर टिके रहने पर था। मैच से पहले उन्होंने मुख्य कोच गौतम गंभीर और बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक से बातचीत की थी। दोनों ने उन पर भरोसा जताते हुए कहा था कि यदि वह अंत तक बल्लेबाजी करते हैं, तो भारत को मुकाबला जिता सकते हैं।
तिलक के मुताबिक, कोच की यही बात मुश्किल परिस्थितियों में उनके दिमाग में चल रही थी। उन्होंने जल्दबाजी करने के बजाय मैच को आखिरी ओवर तक ले जाने की रणनीति अपनाई।
जीत के बाद बोले तिलक—खुद पर गर्व है
अपनी मैच जिताऊ पारी को लेकर तिलक वर्मा ने कहा कि वह मुकाबले को जितना संभव हो, अंत तक ले जाना चाहते थे। उन्हें विश्वास था कि अगर वह क्रीज पर टिके रहे तो टीम को जीत दिला सकते हैं।
उन्होंने कहा कि आखिरकार वही हुआ, जिस पर टीम प्रबंधन और उनके साथियों ने भरोसा जताया था। इस प्रदर्शन से उन्हें खुद पर गर्व महसूस हो रहा है।
नमन धीर के साथ साझेदारी को बताया अहम
तिलक वर्मा ने मैच के दौरान नमन धीर के साथ हुई साझेदारी का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि क्राइस्टचर्च की पिच पिछले मुकाबले की तुलना में कुछ धीमी थी। ऐसे में उन्होंने नमन को स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ तेजी से रन दौड़कर लेने की सलाह दी थी।
दोनों बल्लेबाजों ने इसी रणनीति के तहत पारी को आगे बढ़ाया। हालांकि, मिचेल सैंटनर के आखिरी ओवर में नमन धीर आउट हो गए। तिलक ने कहा कि अगर नमन आउट नहीं होते तो संभवतः भारतीय टीम 18वें ओवर में ही मुकाबला समाप्त कर देती।
उन्होंने नमन की बल्लेबाजी की सराहना करते हुए कहा कि जीत में उनका भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
हैदराबाद के दो खिलाड़ियों ने पलटा मुकाबला
तिलक वर्मा ने अपने साथी नीतीश कुमार रेड्डी की भी तारीफ की। दोनों खिलाड़ी हैदराबाद से आते हैं और दबाव के क्षणों में उनकी बल्लेबाजी भारत के लिए निर्णायक साबित हुई।
तिलक ने कहा कि हैदराबाद के दोनों खिलाड़ियों ने मिलकर टीम को जीत तक पहुंचाया, जिससे उन्हें बेहद खुशी है।
इस मुकाबले में तिलक की बल्लेबाजी ने एक बार फिर साबित किया कि टी20 क्रिकेट में आखिरी ओवर तक टिके रहने वाला बल्लेबाज किसी भी समय मैच का परिणाम बदल सकता है।

