कम बजट में घूमना है तो ये 4 जगहें हैं बेस्ट, पहाड़ों की खूबसूरती के साथ जेब भी रहेगी हल्की
दिल्ली-एनसीआर से आसानी से पहुंच सकते हैं, कम खर्च में प्रकृति, पहाड़ और सुकून का मिलेगा भरपूर आनंद


लाइफस्टाइल डेस्क। भागदौड़ भरी जिंदगी, काम का तनाव और रोजमर्रा की व्यस्तता के बीच हर किसी का मन कभी न कभी प्रकृति के करीब जाकर सुकून पाने का करता है। पहाड़ों की ठंडी हवा, हरियाली, झरने और शांत वातावरण कुछ दिनों के लिए जिंदगी की रफ्तार को थामने का मौका देते हैं। हालांकि, अक्सर लोग बजट का हवाला देकर पहाड़ों की यात्रा का प्लान टाल देते हैं।
लेकिन अगर थोड़ी प्लानिंग के साथ यात्रा की जाए तो भारत में कई ऐसी खूबसूरत जगहें हैं, जहां कम बजट में भी शानदार छुट्टियां बिताई जा सकती हैं। खासकर दिल्ली-एनसीआर से यात्रा करने वालों के लिए हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिल स्टेशन किफायती विकल्प साबित हो सकते हैं।
यहां आपको महंगे होटल और लग्जरी ट्रांसपोर्ट के बजाय हॉस्टल, होमस्टे, लोकल बस और शेयरिंग कैब जैसे विकल्प मिल जाते हैं। आइए जानते हैं ऐसी ही चार खूबसूरत जगहों के बारे में।
1. कसोल, हिमाचल प्रदेश
हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत पार्वती घाटी में बसा कसोल युवाओं, बैकपैकर्स और प्रकृति प्रेमियों के बीच काफी लोकप्रिय है। पार्वती नदी के किनारे बसा यह छोटा-सा गांव पहाड़ों, हरियाली और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है।
कसोल की खास बात यह है कि यहां सीमित बजट में भी ठहरने के कई विकल्प मिल जाते हैं। हॉस्टल और होमस्टे में अपेक्षाकृत कम कीमत पर रुकने की सुविधा मिल सकती है। दिल्ली और चंडीगढ़ से कसोल क्षेत्र के लिए बस से यात्रा करना भी एक किफायती विकल्प है।
यहां घूमने के दौरान मणिकर्ण साहिब, तोष गांव और पार्वती घाटी जैसे स्थानों को एक्सप्लोर किया जा सकता है। ट्रैकिंग पसंद करने वाले पर्यटकों के लिए आसपास के ट्रेक भी आकर्षण का केंद्र हैं।
नदी किनारे बैठकर पहाड़ों को निहारना और शांत वातावरण में समय बिताना कसोल को खास बनाता है।
2. मैक्लॉडगंज और धर्मकोट, हिमाचल प्रदेश
अगर आप पहाड़ों के साथ-साथ अलग संस्कृति और शांत वातावरण का अनुभव करना चाहते हैं, तो मैक्लॉडगंज और धर्मकोट अच्छा विकल्प हो सकते हैं।
कांगड़ा जिले में स्थित मैक्लॉडगंज तिब्बती संस्कृति और बौद्ध परंपरा के लिए जाना जाता है। इसके आसपास स्थित धर्मकोट अपेक्षाकृत शांत माहौल और प्राकृतिक सुंदरता के लिए लोकप्रिय है।
यहां घूमने के लिए हर जगह महंगी टैक्सी लेने की जरूरत नहीं पड़ती। कई स्थानों तक पैदल पहुंचा जा सकता है, जबकि आसपास की यात्रा के लिए शेयरिंग कैब और लोकल ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है।
यहां भागसूनाग झरना, नामग्याल मठ और ट्रियुंड ट्रेक पर्यटकों के बीच खासे लोकप्रिय हैं।
धर्मकोट के छोटे कैफे और लोकल खाने के विकल्प भी बजट यात्रियों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं। पहाड़ों के बीच बैठकर गर्म चाय और स्थानीय भोजन का आनंद यात्रा को और यादगार बना सकता है।
3. लैंसडाउन, उत्तराखंड
अगर आपका मकसद भीड़भाड़ से दूर रहकर कुछ दिन शांति में बिताना है, तो उत्तराखंड का लैंसडाउन आपकी सूची में जरूर होना चाहिए।
गढ़वाल क्षेत्र में स्थित यह हिल स्टेशन अपनी साफ-सफाई, शांत वातावरण और प्राकृतिक खूबसूरती के लिए जाना जाता है। सैन्य क्षेत्र होने के कारण यहां का वातावरण अन्य लोकप्रिय हिल स्टेशनों की तुलना में काफी शांत महसूस हो सकता है।
दिल्ली-एनसीआर से लैंसडाउन पहुंचना भी अपेक्षाकृत आसान है। बजट यात्रियों के लिए बस और ट्रेन के साथ आगे लोकल परिवहन का विकल्प इस्तेमाल किया जा सकता है।
लैंसडाउन में टिप-इन-टॉप, भुल्ला ताल और संतोषी माता मंदिर जैसे स्थान देखे जा सकते हैं। पहाड़ों के मनोरम दृश्य और ठंडी हवा इस जगह को वीकेंड ट्रिप के लिए भी आकर्षक बनाती है।
अगर आप ऐसी जगह तलाश रहे हैं जहां ज्यादा भीड़ न हो और प्रकृति के बीच आराम से समय बिताया जा सके, तो लैंसडाउन एक अच्छा विकल्प हो सकता है।
4. चकराता, उत्तराखंड
उत्तराखंड के देहरादून जिले के पास स्थित चकराता उन यात्रियों के लिए बेहतर विकल्प है जो लोकप्रिय और भीड़भाड़ वाले हिल स्टेशनों के बजाय किसी ऑफबीट जगह की तलाश में हैं।
घने जंगल, पहाड़ी रास्ते और प्राकृतिक झरने चकराता की खूबसूरती को अलग पहचान देते हैं। देहरादून से बस या शेयरिंग कैब के माध्यम से यहां पहुंचा जा सकता है।
चकराता में टाइगर फॉल, चीलमिरी नेक और आसपास के जंगल प्रमुख आकर्षण हैं। यहां का शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता उन लोगों को खास तौर पर पसंद आ सकती है जो कुछ दिनों के लिए शहर की भागदौड़ से पूरी तरह दूर होना चाहते हैं।
रहने और खाने के लिए बजट विकल्प पहले से तलाशने पर यात्रा का खर्च काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
कम बजट में यात्रा के लिए रखें इन बातों का ध्यान
कम बजट में पहाड़ों की यात्रा करने के लिए सिर्फ सस्ती जगह चुनना ही काफी नहीं है। थोड़ी स्मार्ट प्लानिंग भी जरूरी है।
यात्रा से पहले बस, ट्रेन और होटल की कीमतों की तुलना करें।
पीक सीजन में महंगे होटल के बजाय हॉस्टल या होमस्टे तलाशें।
स्थानीय बस और शेयरिंग कैब का इस्तेमाल करें।
बहुत ज्यादा पर्यटन वाले इलाकों में रोजाना बाहर खाने के बजाय स्थानीय भोजन विकल्प चुनें।
ट्रेकिंग या प्राकृतिक स्थानों पर जाते समय मौसम और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
मानसून के दौरान पहाड़ी इलाकों में यात्रा करते समय भूस्खलन और सड़क की स्थिति की जानकारी जरूर लें।
कम बजट, ज्यादा अनुभव
कसोल की घाटियां हों, मैक्लॉडगंज की तिब्बती संस्कृति, लैंसडाउन का शांत वातावरण या चकराता के जंगल और झरने—इन सभी जगहों पर महंगे टूर पैकेज के बिना भी यात्रा का आनंद लिया जा सकता है।
जरूरत सिर्फ इतनी है कि यात्रा से पहले बजट, परिवहन, ठहरने और मौसम की सही योजना बना ली जाए। ऐसे में कम खर्च में भी पहाड़ों के बीच कुछ दिन बिताकर रोजमर्रा की जिंदगी की थकान दूर की जा सकती है।
