भोपाल में SIR के विरोध में कांग्रेस का हल्लाबोल, पुलिस से झड़प; वाटर कैनन से रोका मार्च
भोपाल में SIR के विरोध में कांग्रेस ने CEO कार्यालय का घेराव किया। बैरिकेड पार करने के प्रयास में पुलिस से झड़प हुई, वाटर कैनन चलाया गया और कई कार्यकर्ताओं को बसों से हटाया गया।


भोपाल। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) के विरोध में सोमवार को भोपाल में कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन हुआ। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) कार्यालय का घेराव करने पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार की और कई प्रदर्शनकारियों को बसों में बैठाकर मौके से हटाया।
कांग्रेस कार्यकर्ता प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से नारेबाजी करते हुए निर्वाचन कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। कुछ कार्यकर्ता बैरिकेड पर चढ़ गए और झंडे लहराने लगे। इसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
हेमंत कटारे समेत कई कार्यकर्ता घायल
प्रदर्शन के दौरान हुई धक्का-मुक्की में उप नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे समेत कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घायल नेताओं को संभाला। बाद में उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने लगातार बैरिकेडिंग बनाए रखी। स्थिति नियंत्रित करने के बाद कई प्रदर्शनकारियों को बसों में बैठाकर प्रदर्शन स्थल से हटाया गया।
ज्ञानेश कुमार के मुखौटे के साथ प्रतीकात्मक प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध भी किया। एक कांग्रेस कार्यकर्ता ज्ञानेश कुमार का मुखौटा पहनकर पहुंचा। उसे जंजीरों में बांधकर प्रदर्शन किया गया।
इस दौरान जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी प्रतीकात्मक प्रदर्शन में शामिल नजर आए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने “वोट चोर, गद्दी छोड़” जैसे नारे लगाए।
कांग्रेस इससे पहले भी SIR और मतदाता सूची में हुए बदलावों को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाती रही है। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी की है।
PCC कार्यालय से शुरू हुआ मार्च
CEO कार्यालय के घेराव से पहले प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर सभा आयोजित की गई। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, विधायक और पूर्व मंत्री सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
सभा के बाद कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता पैदल मार्च करते हुए निर्वाचन कार्यालय की ओर बढ़े। पुलिस ने पहले से लगाए गए बैरिकेड के जरिए मार्च को रोकने की कोशिश की। इसके बाद कार्यकर्ताओं द्वारा बैरिकेड पार करने के प्रयास के दौरान टकराव की स्थिति बनी।
SIR को लेकर कांग्रेस के क्या सवाल?
कांग्रेस लंबे समय से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सवाल उठा रही है। पार्टी का कहना है कि SIR की प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। कांग्रेस ने हटाए गए नामों का विधानसभा, जिला और कारणवार विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पहले भी अंतिम मतदाता सूची से हटाए गए करीब 34.25 लाख नामों का विधानसभा, जिला और कारणवार विवरण सार्वजनिक करने की मांग उठाई थी। कांग्रेस ने ड्राफ्ट सूची से बाहर किए गए नामों और दावे-आपत्तियों के बाद बहाल किए गए नामों की जानकारी भी मांगी है।
चुनाव आयोग पर सवाल, इस्तीफे की मांग
कांग्रेस नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई। वहीं, SIR को लेकर चुनाव आयोग ने संबंधित फैसलों को सर्वसम्मति से लिए जाने की बात कही है। इस मुद्दे पर कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच राजनीतिक विवाद जारी है।
भोपाल का सोमवार का प्रदर्शन इसी राजनीतिक टकराव का हिस्सा रहा। एक ओर कांग्रेस मतदाता सूची में बदलाव और SIR की प्रक्रिया को लेकर पारदर्शिता की मांग कर रही है, वहीं प्रदर्शन के दौरान पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ने के प्रयास और कानून-व्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया।

