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इंदौर · 43 मिनट पहले

इंदौर में हेड कांस्टेबल फिरोज खान की 65 करोड़ की संपत्ति का मामला, 46 अचल संपत्तियां जांच के दायरे में

इंदौर में हेड कांस्टेबल चालक फिरोज खान की कथित 65 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति के मामले में लोकायुक्त की जांच तेज। 46 अचल संपत्तियों, जमीन की रजिस्ट्रियों और धन के स्रोतों की पड़ताल जारी।

दीपक शर्मा
दीपक शर्मा
Editor-in-Chief · 43 मिनट पहले
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इंदौर में हेड कांस्टेबल फिरोज खान की 65 करोड़ की संपत्ति का मामला, 46 अचल संपत्तियां जांच के दायरे में

इंदौर। पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज में पदस्थ हेड कांस्टेबल चालक फिरोज खान से जुड़ी कथित आय से अधिक संपत्ति के मामले में लोकायुक्त पुलिस की जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। करीब 65 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े इस मामले में अब तक 46 अचल संपत्तियों की जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए लोकायुक्त मुख्यालय भोपाल से भी जांच की निगरानी की जा रही है। जांच एजेंसी संपत्तियों के वास्तविक स्वामित्व, जमीनों की खरीद-फरोख्त और धन के स्रोतों का पता लगा रही है।

पत्नी, परिचितों और अधिकारियों की भूमिका की जांच

जांच में फिरोज खान से जुड़ी संपत्तियों के साथ उनकी पत्नी हिना खान, परिचितों और कुछ प्रशासनिक अधिकारियों से संबंधित पहलुओं की भी पड़ताल किए जाने की जानकारी सामने आई है। जांच का प्रमुख केंद्र जमीनों के सौदों, रजिस्ट्री में दर्ज कीमत और कथित स्टाम्प ड्यूटी अनियमितताओं पर है।

जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संबंधित जमीनों की रजिस्ट्री में दर्ज राशि और उनकी वास्तविक बाजार कीमत में कितना अंतर था। साथ ही, यह भी जांचा जा रहा है कि संपत्ति के लेन-देन में नियमानुसार स्टाम्प ड्यूटी जमा की गई थी या नहीं। हालांकि, इन मामलों में किसी अनियमितता की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

स्कीम-94 की संपत्ति पर विशेष नजर

इंदौर की स्कीम-94 स्थित एक बहुमूल्य संपत्ति के लेन-देन को भी जांच के महत्वपूर्ण बिंदुओं में शामिल बताया जा रहा है। इसके अलावा मगरखेड़ा निवासी कस्तूरी बाई की जमीन से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल किए जाने की जानकारी है।

कस्तूरी बाई की मृत्यु के बाद जमीन के क्रय-विक्रय, स्वामित्व और संबंधित कानूनी दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संपत्ति का हस्तांतरण किन परिस्थितियों में हुआ और इससे संबंधित दस्तावेज नियमों के अनुरूप हैं या नहीं। फिलहाल इस मामले में किसी गड़बड़ी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

कई रजिस्ट्रियों में गवाह के रूप में दर्ज नाम

जांच के दौरान कुछ जमीनों की रजिस्ट्रियों में फिरोज खान का नाम गवाह के रूप में दर्ज होने की बात भी सामने आई है। जांच अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि इन सौदों में उनकी भूमिका क्या थी और वे खरीदार या विक्रेता पक्ष में से किससे जुड़े हुए थे।

इसके साथ ही, पत्नी से जुड़ी व्यावसायिक फर्म के नाम पर खरीदी गई कुछ संपत्तियों के वित्तीय स्रोतों की भी जांच की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन संपत्तियों की खरीद के लिए धन कहां से आया और क्या उसका संबंध फिरोज खान की ज्ञात आय से है।

46 अचल संपत्तियों के स्वामित्व और आय के स्रोतों की पड़ताल

प्रारंभिक जांच में अब तक 46 अचल संपत्तियों की जानकारी सामने आने का दावा किया गया है। अब इन संपत्तियों के स्वामित्व, खरीद की तारीख, भुगतान के तरीके और धन के स्रोतों का मिलान किया जा रहा है।

जांच एजेंसी का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि संबंधित संपत्तियां फिरोज खान की ज्ञात आय और वैध वित्तीय संसाधनों के अनुरूप हैं या नहीं। संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जा सकती है।

जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी तस्वीर

करीब 65 करोड़ रुपये की कथित आय से अधिक संपत्ति का मामला कई वित्तीय और संपत्ति संबंधी पहलुओं से जुड़ा है। जमीनों के सौदों, स्टाम्प ड्यूटी, व्यावसायिक फर्मों और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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