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भोपाल · 50 मिनट पहले

मध्य प्रदेश में मानसून विदा, फिर भी बारिश का दौर जारी; 21 जिलों में अलर्ट, दिन में गर्मी और रात में ठंडक

मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी बारिश जारी है। 21 जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना, पचमढ़ी में रात का तापमान 17 डिग्री दर्ज।

दीपक शर्मा
दीपक शर्मा
Editor-in-Chief · 50 मिनट पहले
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मध्य प्रदेश में मानसून विदा, फिर भी बारिश का दौर जारी; 21 जिलों में अलर्ट, दिन में गर्मी और रात में ठंडक

भोपाल। मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई के बाद भी बारिश का सिलसिला थम नहीं रहा है। अक्टूबर में मौसम के बदलते मिजाज से प्रदेश के कई हिस्सों में कहीं बारिश, कहीं तेज हवाएं तो कहीं दिन में गर्मी और रात में ठंडक का अहसास हो रहा है। सक्रिय मौसमी सिस्टम के प्रभाव से पिछले कुछ दिनों से आंधी और बारिश का दौर जारी है। दशहरे के दिन हुई बारिश ने भी कई स्थानों पर रावण दहन के आयोजनों की तैयारियों को प्रभावित किया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, बुधवार को प्रदेश के 21 जिलों में बारिश की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

दशहरे पर बारिश से रावण दहन की तैयारियां प्रभावित

मंगलवार को रतलाम, महू सहित प्रदेश के कई स्थानों पर बारिश हुई। इससे खुले मैदानों में आयोजित होने वाले दशहरा कार्यक्रमों की तैयारियों पर असर पड़ा। बारिश से रावण के पुतले भीगने की आशंका के चलते आयोजकों को उन्हें सुरक्षित रखने के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने पड़े।

अक्टूबर में बारिश का यह दौर लोगों के लिए मौसम के बदलते मिजाज का संकेत है। मानसून की विदाई के बाद जहां आमतौर पर बारिश की गतिविधियां कम होने लगती हैं, वहीं मौसमी सिस्टम सक्रिय होने से कई क्षेत्रों में फिर बादल और बारिश देखने को मिल रही है।

आज 21 जिलों में बारिश की संभावना, तेज हवाएं चलने के आसार

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, बुधवार को प्रदेश के पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। जिन जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है, उनमें इंदौर, उज्जैन, गुना, राजगढ़, आगर-मालवा, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, धार, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास, शाजापुर, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा शामिल हैं।

इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। गरज-चमक के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। अगले दो दिनों तक भी प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला रह सकता है।

पचमढ़ी में रात का तापमान 17 डिग्री, दिन में कई शहरों में गर्मी

प्रदेश में इन दिनों दिन और रात के तापमान में अंतर देखने को मिल रहा है। रात में ठंडक बढ़ रही है, जबकि दिन में कई शहरों में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है।

मौसम संबंधी आंकड़ों के अनुसार, पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कटनी के करौंदी में न्यूनतम तापमान 17.8 डिग्री, मलाजखंड में 18.1 डिग्री, छिंदवाड़ा में 18.2 डिग्री और ग्वालियर में 18.3 डिग्री सेल्सियस रहा।

दूसरी ओर, रतलाम, खरगोन, खंडवा, मंदसौर, उज्जैन और नर्मदापुरम में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। इस तरह प्रदेश में एक ओर रात के समय ठंडक महसूस होने लगी है, वहीं दिन में गर्मी का असर बना हुआ है।

3 अक्टूबर को विदा हुआ था मानसून, फिर क्यों हो रही बारिश?

मध्य प्रदेश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई 3 अक्टूबर को हो चुकी है। इसके बावजूद बारिश जारी रहने की वजह मानसून की वापसी के बाद सक्रिय हुए मौसमी सिस्टम हैं। इनके प्रभाव से वातावरण में नमी, बादलों की आवाजाही और स्थानीय स्तर पर बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के मुताबिक, पिछले दस वर्षों के आंकड़ों में अक्टूबर के दौरान बारिश, गर्मी और ठंडक का मिला-जुला असर देखने को मिलता रहा है। इस बार भी मौसम का मिजाज कुछ इसी तरह बना हुआ है।

इस साल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून करीब 100 दिनों तक सक्रिय रहा। हालांकि, पूरे प्रदेश में बारिश का वितरण एक जैसा नहीं रहा। कुछ क्षेत्रों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि कई जिलों में बारिश की कमी बनी रही।

मानसूनी सीजन में सामान्य से करीब 1.5 इंच कम बारिश

जून से सितंबर तक चले मानसूनी सीजन में मध्य प्रदेश में कुल 908.4 मिलीमीटर यानी लगभग 35.8 इंच बारिश दर्ज की गई। प्रदेश में सामान्य बारिश का आंकड़ा 949.5 मिलीमीटर यानी करीब 37.3 इंच है। इस हिसाब से पूरे सीजन में सामान्य से लगभग 41.1 मिलीमीटर यानी 1.6 इंच कम बारिश हुई। प्रतिशत के लिहाज से बारिश सामान्य से करीब चार प्रतिशत कम रही।

क्षेत्रवार आंकड़ों के अनुसार, पूर्वी मध्य प्रदेश में कुल मिलाकर सामान्य से चार प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में सामान्य से 12 प्रतिशत कम बारिश हुई। हालांकि, पूर्वी क्षेत्र के कुछ जिले भी सामान्य बारिश के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाए।

बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से पांच से 21 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई। वहीं पश्चिमी क्षेत्र के कई जिलों में बारिश की कमी अधिक रही।

आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से नौ से 51 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई।

25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा, 30 जिलों में कमी

मानसूनी सीजन के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के 25 जिलों में बारिश का सामान्य कोटा पूरा हुआ। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।

इसके विपरीत, 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। इनमें नरसिंहपुर, दमोह, बालाघाट, अशोकनगर, मुरैना, मंदसौर, खंडवा, बड़वानी, नीमच, जबलपुर, रीवा, सागर, देवास, सिवनी, सीहोर, शिवपुरी, रायसेन, छिंदवाड़ा, विदिशा, शाजापुर, पांढुर्णा, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार और आलीराजपुर शामिल हैं।

मौसम में उतार-चढ़ाव के बीच सतर्क रहने की जरूरत

अक्टूबर में बदलता मौसम प्रदेश के लोगों को दिन में गर्मी और रात में ठंडक का अनुभव करा रहा है। वहीं, मौसमी सिस्टम के कारण कुछ क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखने और गरज-चमक के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है।

मानसून की विदाई के बाद भी बारिश की गतिविधियां यह बताती हैं कि मौसम का बदलाव केवल मानसून के लौटने से तय नहीं होता, बल्कि उसके बाद सक्रिय होने वाले मौसमी सिस्टम भी प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर सकते हैं।

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