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काम की बात · 16-06-2024

जापान में इस घातक बीमारी ने मचाई तबाही, 48 घंटों में संक्रमित व्यक्ति की हो रही मौत, अब तक मिले 977 मरीज

What is Streptococcal toxic shock syndrome (STSS): इन दिनों जापान में एक दुर्लभ बीमारी के कारण लोगों में दहशत फैलती जा रही है. ये बीमारी मांस खाने वाले बैक्टीरिया के कारण हो रही है, जो बेहद ही घातक बीमारी है. यह जापान में मुख्य रूप से टोक्यो में तेजी से फैल र…

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समाचार डेस्क · 16-06-2024
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जापान में इस घातक बीमारी ने मचाई तबाही, 48 घंटों में संक्रमित व्यक्ति की हो रही मौत, अब तक मिले 977 मरीज

What is Streptococcal toxic shock syndrome (STSS): इन दिनों जापान में एक दुर्लभ बीमारी के कारण लोगों में दहशत फैलती जा रही है. ये बीमारी मांस खाने वाले बैक्टीरिया के कारण हो रही है, जो बेहद ही घातक बीमारी है. यह जापान में मुख्य रूप से टोक्यो में तेजी से फैल रही है. इसका नाम है स्ट्रेप्टोकोकल टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम (STSS), जो एक आक्रामक बीमारी है. एसटीएसएस 48 घंटों के भीतर घातक हो सकती है और पीड़ित व्यक्ति की जान भी जा सकती है. इकोनॉमिकटाइम्स में छपी एक खबर के अनुसार, 2024 में अब तक 6 महीनों में सिर्फ टोक्यो में 145 मामले दर्ज किए गए हैं. स्थानीय समाचार पत्र असाही शिंबुन की एक रिपोर्ट के अनुसार, अधिकांश मामले 30 से अधिक उम्र के वयस्कों में हैं, जबकि मृत्यु दर लगभग 30 प्रतिशत है.

जापान के राष्ट्रीय संक्रामक रोग संस्थान की रिपोर्ट के अनुसार, 2 जून तक देशभर में एसटीएसएस के मामले 977 तक पहुंच गए हैं. पिछले साल कुल 941 मामले सामने आए थे. टोक्यो वूमेंस मेडिकल यूनिवर्सिटी में इंफेक्शियस डिजीज के प्रोफेसर केन किकुची के अनुसार, इस बैक्टीरिया के संपर्क में आने वाले अधकितर लोगों की मौत 48 घंटे के अंदर हो सकती है. यह बेहद ही घातक है. इससे संक्रमित व्यक्ति को सुबह के समय पैरों में सूजन नजर आती है, जो दोपहर तक घुटनों में फैल जाती है और 48 घंटे के अंदर पीड़ित व्यक्ति की मौत हो सकती है.

ग्रुप ए स्ट्रेप्टोकोकस (GAS) है कारण

डब्लूएचओ को यूरोप के कई अन्य देशों ने ग्रुप ए स्ट्रेप्टोकोकस डिजीज के मामलों में इजाफा होने की सूचना दी थी, जिसका एक हिस्सा स्ट्रेप्टोकोकल टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम भी है. WHO के अनुसार, कोरोना के कारण लगाए गए प्रतिबंध को हटाने के बाद से ही इसके मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है.

स्ट्रेप्टोकोकल टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम के लक्षण

स्ट्रेप्टोकोकल टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम के लक्षणों में सूजन, गले में खराश, अंगों में दर्द, निम्न रक्तचाप, बुखार, ठंड लगना, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी आदि शामिल हैं. अधिक गंभीर होने पर सांस लेने में तकलीफ, नेक्रोसिस (necrosis), अंगों का फेल होने से मौत आदि शामिल हैं. आपको बता दें कि जिनकी उम्र 50 से अधिक है, उन्हें इस घातक बीमारी के होने का जोखिम काफी अधिक है. खुद को सुरक्षित रखने के लिए घाव को खुला ना छोड़े, हाथ साफ करते रहें. हाइजीन का ख्याल रखें. संक्रमित व्यक्ति से दूर रहें.

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