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देश-दुनिया · 09-04-2024

खतरनाक महामारी के नजदीक पहुंच गई है दुनिया, यह वायरस कोविड से 100 गुना अधिक मारक, एक्सपर्ट का दावा

क्या दुनिया में फिर से कोविड-19 की तरह महामारी फैलने वाली है? यह सवाल नया नहीं है. पांच साल पहले दुनिया भर में फैली महामारी ने दुनिया को यह असहसास दिला दिया था कि मानवजाति ऐसी की भी महामारी से निपटने के लिए तैयार नहीं है. एक विशेषज्ञ की माने तो अब इस पर गंभीर…

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समाचार डेस्क · 09-04-2024
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खतरनाक महामारी के नजदीक पहुंच गई है दुनिया, यह वायरस कोविड से 100 गुना अधिक मारक, एक्सपर्ट का दावा

क्या दुनिया में फिर से कोविड-19 की तरह महामारी फैलने वाली है? यह सवाल नया नहीं है. पांच साल पहले दुनिया भर में फैली महामारी ने दुनिया को यह असहसास दिला दिया था कि मानवजाति ऐसी की भी महामारी से निपटने के लिए तैयार नहीं है. एक विशेषज्ञ की माने तो अब इस पर गंभीरता से विचार करने की पड़ने वाली है क्योंकि ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि दुनिया खतरनाक रूप से अगली महामारी के नजदीक पहुंच गया है. इसकी वजह पक्षियों से फैलने वाला एक एवियन वायरल है जिसने पहले ही दुनिया में असर दिखाना शुरू भी कर दिया है.

इस समय दुनिया भर में एवियन फ्लू के मामले इंसानों में तेजी से बढ़ रहा है. हाल ही में अमेरिका के टेक्सास में नया मामला सामने आया है जिससे देश के चिकित्सकीय पेशेवरों में बहुत ही खतरनाक और मारक एच5एन1 स्ट्रेन को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है. यही कारण है कि पिट्सबर्ग के एक बर्ड फ्लू रिसर्चर डॉ सुरेश कुचिपुड़ी ने चेताया है कि अगली महामारी बहुत नजदीक है.

इसकी वजह यह है कि यह वारयस संक्रमित लोगों में से आधों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है. व्हाइट हाउस ब्रीफिंग पर बोलते हुए डॉ कुचिपुड़ी ने बताया कि यह वायर कई सालों या शायद दशकों से ही महामारी की सूची में शीर्ष पर रहा था. लेकिन अब यह खतरनाक तौर पर महामारी फैलाने के नजदीक आ गया है.

यह वायरस कोविड से 100 गुना ज्यादा खतरनाक बताया जा रहा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Canva)

एच5एन1 ने पहले ही महामारी के वायरस होने के कई संकेत दे डाले हैं. यह वैश्विक स्तर पर फैल चुका है. इसे पक्षियों से फैलने वाला इस वायरस ने इंसान सहित कई स्तनपायी जानवरों को संक्रमित किया है यह कोई ऐसा वायरस नहीं है जो फैलने वाला है बल्कि यह पहले ही फैल चुका है और फैल रहा है.

केवल उम्मीद ही की जा सकती है कि इसकी दर कम होगी लेकिन यह भी हो सकता है कि वह ज्यादा म्यूटेट हो कर अधिक मारक हो जाए. फिर भी दुनिया के कई विशेषज्ञ मानते हैं दुनिया के कई देश जिसमें विकसित देश भी शामिल हैं, को अपने स्वास्थ्य तंत्र को महामारी से निटपने के लिये खुद को तैयार करने की जरूरत है.

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