Supreme Court का बड़ा फैसला: कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में पूर्व PM मनमोहन सिंह को क्लीन चिट
सुप्रीम कोर्ट ने कोल ब्लॉक आवंटन मामले में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही समाप्त कर CBI की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार की और समन आदेश रद्द कर दिया।


नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को वर्ष 2005 के तलाबीरा-II कोल ब्लॉक आवंटन मामले में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही को समाप्त करते हुए उनके खिलाफ जारी समन आदेश रद्द कर दिया। अदालत ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार करते हुए कहा कि मामले में उनके खिलाफ मुकदमा चलाने का कोई पर्याप्त आधार नहीं है।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने कहा कि CBI की जांच रिपोर्ट का अवलोकन करने के बाद यह स्पष्ट है कि उसे खारिज करने अथवा मामले में संज्ञान लेने का कोई ठोस कारण नहीं है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि जांच एजेंसी की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार करने के स्थापित कानूनी मानकों के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि 11 मार्च 2015 को विशेष अदालत द्वारा पारित आदेश, जिसके तहत डॉ. मनमोहन सिंह को ट्रायल का सामना करने के लिए समन जारी किया गया था, उसे रद्द किया जाता है।
यह मामला वर्ष 2005 में ओडिशा के तलाबीरा-II कोल ब्लॉक के आवंटन से जुड़ा था। उस समय विशेष अदालत ने तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला, पूर्व कोयला सचिव पी.सी. पारख सहित छह लोगों को आरोपी के रूप में समन जारी किया था। हालांकि बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उस आदेश पर रोक लगा दी थी।
सुनवाई के दौरान डॉ. मनमोहन सिंह की ओर से यह दलील दी गई थी कि उनके जैसे लोकसेवक के विरुद्ध अभियोजन चलाने के लिए आवश्यक वैधानिक मंजूरी प्राप्त नहीं की गई थी। साथ ही उन्होंने कोयला ब्लॉक आवंटन से जुड़े अपने निर्णय में किसी भी प्रकार की आपराधिक मंशा या अनियमितता से इनकार किया था।
CBI ने अपनी जांच पूरी करने के बाद मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करते हुए डॉ. मनमोहन सिंह सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ अभियोजन योग्य साक्ष्य नहीं होने की बात कही थी। अब सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस रिपोर्ट को स्वीकार किए जाने के साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही औपचारिक रूप से समाप्त हो गई है।
उल्लेखनीय है कि डॉ. मनमोहन सिंह का दिसंबर 2024 में निधन हो चुका है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (UPA) सरकार के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में से एक में उनके खिलाफ सभी न्यायिक कार्यवाहियां समाप्त हो गई हैं।
