चुनाव आयोग पर कांग्रेस के सवालों पर शिवराज का हमला, बोले- हार के बाद जनादेश का अपमान करना पुरानी आदत
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चुनाव आयोग पर कांग्रेस के सवालों पर हमला बोला। उन्होंने मतपत्र से चुनाव की मांग और संवैधानिक संस्थाओं को लेकर कांग्रेस की राजनीति पर निशाना साधा।


भोपाल। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत पार्टी नेताओं पर निशाना साधते हुए शिवराज ने कहा कि चुनाव में हार के बाद जनादेश को स्वीकार करने के बजाय चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना कांग्रेस की पुरानी आदत रही है।
शिवराज सिंह चौहान ने सवाल किया कि जब कांग्रेस चुनाव जीतती है, तब चुनाव आयोग सही होता है, लेकिन चुनाव हारने के बाद वही चुनाव आयोग गलत कैसे हो जाता है? उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता के जनादेश का सम्मान किया जाना चाहिए और हार-जीत के लिए संवैधानिक संस्थाओं को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।
मतपत्र से चुनाव कराने की मांग पर भी निशाना
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस की ओर से मतपत्र के जरिए चुनाव कराने की मांग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश को फिर से 80 और 90 के दशक की चुनाव व्यवस्था की ओर ले जाना चाहती है।
शिवराज ने कहा कि तकनीक के इस्तेमाल से चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और व्यवस्था बेहतर हुई है। ऐसे में कांग्रेस इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से होने वाली चुनाव प्रक्रिया का विरोध क्यों कर रही है, यह उसे स्पष्ट करना चाहिए।
'कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल में कांग्रेस कैसे जीती?'
शिवराज ने कांग्रेस के चुनाव आयोग पर लगाए जा रहे आरोपों के बीच पार्टी की चुनावी जीत का भी हवाला दिया। उन्होंने सवाल किया कि यदि कांग्रेस को चुनाव प्रक्रिया और चुनाव आयोग पर भरोसा नहीं है, तो कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस चुनाव कैसे जीत गई?
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव हारने के बाद कांग्रेस जनादेश को स्वीकार करने के बजाय चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था को कठघरे में खड़ा कर रही है। शिवराज के मुताबिक, लोकतांत्रिक संस्थाओं पर लगातार सवाल उठाने से जनता का इन संस्थाओं पर भरोसा कमजोर हो सकता है।
'संस्थाएं गलत हैं तो सब ध्वस्त कर दो, यह पाप है'
शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस के राजनीतिक रवैये पर हमला करते हुए आपातकाल का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पूर्व में भी आपातकाल लगाकर लोकतंत्र को कमजोर कर चुकी है और अब संवैधानिक संस्थाओं तथा चुनाव व्यवस्था को लेकर उसी तरह का खतरनाक खेल खेलने की कोशिश की जा रही है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यदि कोई यह मानने लगे कि संस्थाएं गलत हैं और व्यवस्थाएं गलत हैं, इसलिए उन्हें ध्वस्त कर देना चाहिए तथा देश को अराजकता की ओर ले जाना चाहिए, तो यह लोकतंत्र के लिए गंभीर स्थिति है। उन्होंने इसे 'पाप' बताते हुए कहा कि कांग्रेस के नापाक इरादे और मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे।

