ब्रेकिंग
शुक्रवार, 11 सितंबर 2026
नेविगेशन ऐप्स डाउनलोड
Denva Post
सभी खबरें
राजकाज · 15-07-2025

Sehore News : मूंग की फसल की मिट्टी और पाउडर को 2.5 मिमी की जाली से साफ करने के बाद ही लाएं किसान

ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी क्रम में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मदन सिंह रघुवंशी ने खरीदी केन्द्रों के संचालक की आयोजित एक बैठक में सख्त निर्देश जारी …

देनवा पोस्ट
देनवा पोस्ट
रिवर क्रूज चुनें
समाचार डेस्क · 15-07-2025
शेयर
Sehore News : मूंग की फसल की मिट्टी और पाउडर को 2.5 मिमी की जाली से साफ करने के बाद ही लाएं किसान

ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी क्रम में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मदन सिंह रघुवंशी ने खरीदी केन्द्रों के संचालक की आयोजित एक बैठक में सख्त निर्देश जारी किए हैं। बैठक में एसडीएम ने कहा कि किसानों की उपज की गुणवत्ता जांच व तौल में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं हो।

ताजा खबर पढ़ें

एसडीएम ने जोर देकर कहा कि खरीदी केंद्रों पर लाई जाने वाली मूंग की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होनी चाहिए। यदि मूंग गैर-एफएक्यू पाई जाती है तो किसान को 48 घंटे के भीतर अपनी उपज को सुधारना होगा। मूंग में अधिकतम 12 प्रतिशत नमी की अनुमति है। किसानों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वह अपनी फसल को केंद्र पर लाने से पहले उसमें से दाल, कचरा और मिट्टी को अच्छी तरह साफ कर लें। विशेष रूप से, मिट्टी और चूरी को 2.5 एमएम की जाली से साफ करके ही केंद्र पर लाएं ताकि असुविधा से बचा जा सके। उन्होंने बताया कि उपार्जन केंद्र पर लाई जाने वाली ट्रॉलियों में मूंग की ऊपरी और निचली परत की गुणवत्ता में भिन्नता पाए जाने पर संबंधित ट्रॉली को तुरंत निरस्त कर दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में किसान को अपनी ट्रॉली स्वयं के खर्च पर वापस ले जानी होगी। यह नियम सुनिश्चित करेगा कि किसान केंद्र पर केवल एक समान और अच्छी गुणवत्ता की मूंग ही लेकर आएं। उन्होंने खरीदी केंद्र संचालकों से कहा कि तौल कार्य छोटे कांटे से किया जाएगा और प्रत्येक बोरी का वजन 50 किलोग्राम व बारदाना के अनुसार होगा। केंद्र पर भीड़ और अव्यवस्था से बचने के लिए किसानों को क्रमबद्ध टोकन जारी किए जाएंगे। उपार्जन एजेंसियों को सभी केंद्रों पर बेनर और पोस्टर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। जिसमें नियमों और प्रक्रियाओं की जानकारी स्पष्ट रूप से दर्शायी जाएगी।

किसान अपनी सुविधा के अनुसार कर सकेगा स्लॉट की बुकिंग

एसडीएम ने बताया कि किसान अपनी सुविधानुसार उपार्जन केंद्र का चयन कर स्लॉट बुकिंग कर सकेंगे। इस बुकिंग की समयावधि सात दिन रहेगी और इसी अवधि में किसानों को अपनी उपज केंद्र पर बेचकर बिल बनवाना अनिवार्य होगा। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि समयावधि समाप्त होने के बाद कोई बिल नहीं बनेगा, जिससे समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सके। उन्होंने उपार्जन केंद्रों पर आने वाले किसानों के लिए पेयजल, बैठने की व्यवस्था (कुर्सी), छायादार स्थान और तिरपाल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। एसडीएम ने बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों और उपार्जन संस्थाओं के प्रबंधकों को पारदर्शिता से मूंग खरीद कार्य करने के निर्देश दिए। किसी भी खरीद संबंधी शिकायत के लिए अनिल जाट, सहायक संचालक से संपर्क करने के लिए किसानों से कहा है।

यह खबर शेयर करें
शेयर