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नर्मदापुरम · 10-08-2023

Narmadapuram : स्कूल शिक्षा विभाग की रैंकिंग में छिंदवाड़ा जिला प्रथम,राजगढ़ फिसड्डी, नर्मदापुरम 16वे स्थान पर

Narmadapuram : स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार)इंदर सिंह परमार ने राज्य शिक्षा केन्द्र अंतर्गत प्रारंभिक शिक्षा में सूबे के 52 जिलों का सत्र 2022-23 का रिपोर्ट कार्ड और उनकी रैंकिंग जारी की है। राज्य शिक्षा केन्द्र अंतर्गत कक्षा 1 से 8 तक की शिक्षा …

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समाचार डेस्क · 10-08-2023
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Narmadapuram : स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री(स्वतंत्र प्रभार)इंदर सिंह परमार ने राज्य शिक्षा केन्द्र अंतर्गत प्रारंभिक शिक्षा में सूबे के 52 जिलों का सत्र 2022-23 का रिपोर्ट कार्ड और उनकी रैंकिंग जारी की है। राज्य शिक्षा केन्द्र अंतर्गत कक्षा 1 से 8 तक की शिक्षा में शैक्षणिक सत्र 2022-23 में जारी रैंकिंग में छिंदवाड़ा जिला प्रथम स्थान पर रहा। वहीं राजगढ़ फिसड्डी रहा है। नर्मदापुरम संभाग के जिले नर्मदापुरम की बात करें तो टॉप 10 में भी यह अपनी जगह नहीं बना पाया है। वैसे तो नर्मदापुरम हर चीज में टाप पर रहता है, लेकिन शिक्षा के मामले यह नजर नही आ रहा है। वही पिछली बार से रेंकिग सुधारते हुए 18 वे पायदान से 16वे स्थान पर पहुंच गया है। बालाघाट, सिवनी, छतरपुर, शाजापुर, दमोह, नरसिंहपुर, नीमच, डिंडोरी एवं सीहोर जिले क्रमशः प्रदेश में टॉप 10 में सबसे ऊपर रहे।

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यह जिले रहे फिसड्डी

सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाले जिलों में राजगढ़ 52वे स्थान पर, सिंगरौली

51, रीवा 50, बुरहानपुर 49, सीधी 48, मुरैना 47, सागर, 46, विदिशा 45,

उज्जैन 44 और रतलाम 43वे स्थान पर रहा।

इन जिलों की गिर गई रैंक

पिछले साल से तुलना करें तो मुरैना जिले की रैंक 37वे पायदान पर खिसक गई

है। इसी तरह सागर 27, उज्जैन 17, सीधी 17, विदिशा 14, मंदसौर 14, जबलपुर

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9, राजगढ़ 8, उमरिया 8 और बुरहानपुर जिले की रैंक 7 पायदान नीचे आ गई है।

इन जिलों ने किया बेहतर प्रदर्शन

श्योपुर जिले की रैंक 38 पायदान से बढ़कर 18वे स्थान पर पहुंच गई है।

अशोकनगर, सतना, दतिया, डिंडोरी, गुना, आगरमालवा, धार, छतरपुर, खंडवा और

अलिराजपुर जिलों ने भी पिछले साल की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है।

36 बिंदुओं पर की जांच

स्कूल शिक्षा विभाग ने जिले में प्राथमिक शिक्षा का स्तर तय करने के लिए

36 बिंदुओं पर जांच की। इनमें नामांकन, स्टूडेंट परफॉर्मेंस, टीचर्स

पार्टीसिपेंट जैसे कई बिंदुओं को शामिल किया गया। 90 से 100 तक अंक

अर्जित करने वाले जिले को एक्सीलेंट कैटेगिरी में रखा, लेकिन कोई भी जिला

इस कैटेगिरी में शामिल नहीं हो सका।

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