मूंग रीसर्कुलेशन पर कड़ा शिकंजा: कलेक्टर सोमेश मिश्रा के सख्त आदेश, पुराने वेयरहाउस रहेंगे सील
नर्मदापुरम में मूंग रीसर्कुलेशन रोकने के लिए कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने सख्त निर्देश जारी किए। पुराने वेयरहाउस सील होंगे, स्टॉक का 100% भौतिक सत्यापन होगा।


नर्मदापुरम। समर्थन मूल्य पर मूंग उपार्जन को पारदर्शी और किसानों के हित में बनाए रखने के लिए कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने जिले में सख्त निर्देश जारी किए हैं। मूंग के रीसर्कुलेशन (पुनः बिक्री) पर रोक लगाने के उद्देश्य से उपार्जन अवधि तक उन सभी वेयरहाउसों को सील किया जाएगा, जहां पहले से मूंग का भंडारण किया गया है। साथ ही व्यापारियों, मिलर्स और स्टॉकहोल्डर्स के गोदामों में रखी मूंग का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन कराया जाएगा।
20 अगस्त तक जारी रहेगा उपार्जन
मध्यप्रदेश शासन के किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा जारी उपार्जन नीति के तहत भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) अंतर्गत विपणन वर्ष 2026-27 के लिए ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द का समर्थन मूल्य पर उपार्जन 1 जुलाई से 20 अगस्त 2026 तक किया जा रहा है। इसी दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता रोकने के लिए प्रशासन ने यह कदम उठाया है।
पूर्व में भंडारित वेयरहाउस रहेंगे सील
कलेक्टर के आदेशानुसार उपार्जन केंद्रों के अलावा ऐसे सभी वेयरहाउस, जहां पहले से मूंग का भंडारण है, उपार्जन अवधि तक सील रहेंगे। किसी भी वेयरहाउस या भंडारण केंद्र से मूंग की निकासी केवल संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी (एसडीएम) की लिखित अनुमति से ही होगी। निकासी अधिकृत अधिकारी की मौजूदगी में कराई जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उक्त मूंग समर्थन मूल्य उपार्जन केंद्र तक न पहुंचे।
संयुक्त जांच दल करेगा सत्यापन
कलेक्टर ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि राजस्व विभाग, मंडी समिति और सहकारिता विभाग के अधिकारियों का संयुक्त जांच दल गठित किया जाए। यह दल मंडी क्षेत्र में सभी मूंग व्यापारियों, मिलर्स और स्टॉकहोल्डर्स के गोदामों व व्यापारिक प्रतिष्ठानों में उपलब्ध मूंग के स्टॉक का 100 प्रतिशत भौतिक सत्यापन करेगा।
दस्तावेजों से होगा स्टॉक का मिलान
जांच के दौरान व्यापारियों के पास उपलब्ध मूंग के स्टॉक का मिलान मंडी की आवक-जावक पंजी, गेट पास और क्रय-विक्रय बिलों से किया जाएगा। साथ ही मंडी सचिव प्रतिदिन मूंग की आवक और व्यापारियों के स्टॉक की रिपोर्ट संबंधित एसडीएम और जिला कार्यालय को भेजेंगे।
संदिग्ध स्टॉक मिलने पर होगी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान यदि किसी व्यापारी के पास बिना अभिलेख या संदिग्ध मूंग का स्टॉक पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी व्यापारियों, मिलर्स और स्टॉकहोल्डर्स के गोदामों में उपलब्ध मूंग के स्टॉक का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन आगामी सात दिनों के भीतर पूरा किया जाए। प्रशासन का उद्देश्य समर्थन मूल्य पर उपार्जन प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और वास्तविक किसानों के हित में संचालित करना है
