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भोपाल · 20 मिनट पहले

MP Weather: 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, सितंबर में भी बरसेगा पानी

मध्य प्रदेश में अगस्त की विदाई बारिश और बाढ़ के बीच हो रही है। 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि सितंबर की शुरुआत में भी कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है।

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समाचार डेस्क · 20 मिनट पहले
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MP Weather: 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, सितंबर में भी बरसेगा पानी

भोपाल। मध्य प्रदेश में अगस्त की विदाई बारिश के बीच हो रही है। प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में सक्रिय मौसम तंत्र के प्रभाव से बारिश का दौर फिर तेज हुआ है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के भोपाल केंद्र ने 31 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक की चेतावनी जारी की है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी गरज-चमक के साथ बारिश के आसार हैं।

लगातार बारिश के कारण प्रदेश के कई इलाकों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा है। बांधों और जलाशयों में पानी की आवक बढ़ने से कुछ स्थानों पर गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

चित्रकूट में बाढ़ के हालात, मुख्यमंत्री ने लिया जायजा

सतना के चित्रकूट में भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात बने। मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में पानी भर गया। कई स्थानों पर सड़क और घरों के आसपास मिट्टी, कीचड़ और मलबा जमा हो गया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चित्रकूट पहुंचकर बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। उन्होंने राहत एवं आश्रय स्थलों में रह रहे प्रभावित लोगों से मुलाकात की और राहत सामग्री वितरण की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने बाढ़ की स्थिति को लेकर स्थानीय परिस्थितियों और अतिक्रमण सहित विभिन्न कारणों की समीक्षा की।

बाणसागर बांध में बढ़ी पानी की आवक

शहडोल क्षेत्र के बाणसागर बांध में पानी की आवक बढ़ने के बाद गेट खोले गए हैं। पानी की आवक बढ़ने के चलते निचले इलाकों में प्रशासन की ओर से सतर्कता बढ़ाई गई है।

बांधों से पानी छोड़े जाने की स्थिति में नदी किनारे और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और प्रशासन की चेतावनियों का पालन करने की अपील की जा रही है।

आज इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार 31 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना है। स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार रीवा, मऊगंज, मैहर, सीधी, उमरिया, शहडोल, डिंडोरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट समेत कई जिलों में बारिश का असर अधिक रह सकता है।

इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, सतना, सिंगरौली, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित कई जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

सितंबर की शुरुआत में भी बारिश बढ़ाएगी परेशानी

बारिश का दौर अगस्त के साथ खत्म होता नजर नहीं आ रहा। IMD भोपाल के पूर्वानुमान में सितंबर के शुरुआती दिनों में मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 1 से 3 सितंबर के दौरान बारिश की तीव्रता बढ़ने का अनुमान है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी कुछ दिनों में भारी बारिश हो सकती है।

ऐसे में पहले से बाढ़ प्रभावित जिलों में प्रशासन को नदी-नालों, पुल-पुलियों और निचले इलाकों पर विशेष निगरानी रखने की जरूरत होगी।

भोपाल में बड़े तालाब का जलस्तर बढ़ा

लगातार बारिश के कारण भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा है। जलस्तर पूर्ण भराव स्तर के करीब पहुंचने के कारण भदभदा बांध से पानी छोड़े जाने की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है।

भदभदा से पानी छोड़े जाने पर इसका असर आगे कलियासोत बांध के जलस्तर पर भी पड़ सकता है। ऐसे में राजधानी के जलाशयों और नदी क्षेत्रों में प्रशासन की निगरानी बढ़ गई है।

अधिकांश जलाशयों में बढ़ा जलस्तर

अगस्त के अंतिम दिनों में हुई बारिश ने प्रदेश के जलाशयों की स्थिति में सुधार किया है। कई बांधों में पानी का स्तर बढ़ा है और कुछ जलाशयों के गेट भी खोले गए हैं।

हालांकि प्रदेश के सभी हिस्सों में बारिश समान नहीं हुई है। कुछ जिलों और संभागों में अब भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। यही वजह है कि मानसून के अंतिम चरण में होने वाली बारिश पर किसानों के साथ-साथ जल संसाधन विभाग और प्रशासन की भी नजर बनी हुई है।

प्रदेश में मानसूनी बारिश का आंकड़ा

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस मानसून सीजन में मध्य प्रदेश में अब तक करीब 700 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश की सामान्य मानसूनी बारिश की तुलना में अभी कमी बनी हुई है।

जून में बारिश सामान्य से कम रहने के बाद जुलाई में बारिश की स्थिति में सुधार हुआ। अब अगस्त के अंतिम दिनों में सक्रिय मौसम तंत्र के कारण बारिश फिर तेज हुई है। सितंबर की शुरुआत में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान होने से मानसूनी कमी को कुछ हद तक पूरा होने की उम्मीद है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता जरूरी

बारिश के साथ अब सबसे बड़ी चिंता उन क्षेत्रों की है, जहां नदी-नाले पहले से उफान पर हैं और बांधों से पानी छोड़ा जा रहा है। प्रशासन की ओर से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को नदी, नाले, पुल और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने तथा स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है।

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