इंदौर में 10 साल की बच्ची की इलाज के दौरान मौत, परिजनों ने डॉक्टर पर लगाया लापरवाही का आरोप; जांच की मांग
इंदौर के गणेश नगर की 10 वर्षीय बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया है, जबकि डॉक्टर ने आरोपों को खारिज किया।


इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में 10 वर्षीय बच्ची की इलाज के दौरान मौत का मामला सामने आया है। बच्ची की पहचान दिव्यांशी सोलंकी के रूप में हुई है। वह गणेश नगर क्षेत्र की रहने वाली थी। बच्ची के पिता का नाम मनोज सोलंकी बताया गया है और परिवार मूल रूप से देवास जिले के बागली के पूजापुरा क्षेत्र का रहने वाला है।
बताया जा रहा है कि बच्ची को पिछले करीब 10 दिनों से पेट दर्द की शिकायत थी। रविवार को उसकी मां उसे इलाज के लिए खातीवाला टैंक स्थित हर्ष क्लिनिक लेकर पहुंची थी। उपचार के दौरान अचानक बच्ची की तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल बन गया। परिजनों और स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पेट दर्द की शिकायत के बाद क्लिनिक पहुंची थी बच्ची
परिजनों के अनुसार, दिव्यांशी पिछले करीब 10 दिनों से पेट दर्द से परेशान थी। रविवार दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच उसकी मां उसे सामान्य जांच और उपचार के लिए खातीवाला टैंक स्थित हर्ष क्लिनिक लेकर पहुंची।
परिजनों का आरोप है कि क्लिनिक में उपचार मिलने के बाद बच्ची की हालत तेजी से बिगड़ने लगी। इसके बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने डॉक्टर पर लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप
बच्ची के परिजनों ने क्लिनिक के चिकित्सक डॉ. श्रीचंद मांगेचा पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। परिवार का कहना है कि बच्ची को पेट दर्द की सामान्य शिकायत के चलते क्लिनिक लाया गया था, लेकिन उपचार के दौरान उसकी हालत गंभीर हो गई।
घटना के बाद परिजन, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक देर रात क्लिनिक पहुंचे और विरोध जताया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा यदि लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
डॉक्टर ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं, डॉक्टर श्रीचंद मांगेचा ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि बच्ची के इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई।
चिकित्सक के मुताबिक, जब बच्ची को क्लिनिक लाया गया था, तब उसकी शारीरिक स्थिति पहले से ही गंभीर थी। उन्होंने इलाज में चूक होने के आरोपों को निराधार बताया है।
मेडिकल रिपोर्ट से सामने आएगा मौत का कारण
फिलहाल बच्ची की मौत के वास्तविक चिकित्सकीय कारण को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। यह भी जांच का विषय है कि बच्ची की मौत उसकी बीमारी की गंभीरता के कारण हुई या उपचार के दौरान किसी तरह की चिकित्सकीय चूक की भूमिका रही।
मामले में पुलिस जांच और मेडिकल रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। पोस्टमार्टम तथा अन्य चिकित्सकीय जांच की रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण और इलाज में कथित लापरवाही के आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
परिजनों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल डॉक्टर की ओर से लगाए गए आरोपों से इनकार किया गया है और जांच के निष्कर्ष का इंतजार है।
