Mp News: चार मेडिकल कॉलेजों के लिए 1200 करोड़ रुपये स्वीकृत, 136 शवों के ऑपरेशन को भी मंजूरी
वल्लभ भवन - फोटो : सोशल मीडिया मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णयों की प्रशासकीय स्वीकृति के शुक्रवार को आदेश जारी कर दिए गए। 11 मार्च को आयोजित बैठक में लिए गए निर्णयों में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति…


वल्लभ भवन
- फोटो : सोशल मीडिया
मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णयों की प्रशासकीय स्वीकृति के शुक्रवार को आदेश जारी कर दिए गए। 11 मार्च को आयोजित बैठक में लिए गए निर्णयों में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति आदेश जारी किए गए हैं। सिंगरौली, श्योपुर, नीमच और मंदसौर चिकित्सा महाविद्यालय के लिए पुनरीक्षित स्वीकृति जारी की गई है। सिंगरौली के लिए 289.74 करोड़ रुपये, श्योपुर के लिए 288.50 करोड़ रुपये, नीमच के लिए 287.45 करोड़ रुपये और मंदसौर चिकित्सा महाविद्यालय के लिए 302.26 करोड़ रुपये कुल राशि रूपये 1167 करोड़ 95 लाख रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गयी है। इसके साथ ही सिंहस्थ की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए उज्जैन चिकित्सा महाविद्यालय में सिविल कार्यों के लिये 592.30 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
13 नर्सिंग कॉलेज के लिए 192 करोड़ 40 लाख रुपये स्वीकृत
केंद्र प्रवर्तित योजना के मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग कॉलेज की स्थापना के लिए 14.80 करोड़ प्रति नर्सिंग महाविद्यालय की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। दतिया, खंडवा, रतलाम, शहडोल, विदिशा, छिंदवाड़ा, शिवपुरी, सतना, राजगढ़, नीमच, मंदसौर, श्योपुर एवं सिंगरौली में नर्सिंग महाविद्यालय के निर्माण के लिए कुल 192 करोड़ 40 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
136 शव वाहन संचालन की स्वीकृति
प्रदेश के समस्त जिलों में शव वाहन संचालित किए जाने के लिए 136 शव वाहन के संचालन की स्वीकृति दी गई। प्रदेश के समस्त 13 चिकित्सा महाविद्यालयों वाले जिलों में प्रारंभिक स्तर पर 4 तथा शेष अन्य 42 जिला चिकित्सालयों में 2 कुल 136 शव वाहन के लिए निविदा की स्वीकृति राज्य शासन द्वारा प्रदान की गयी है। रोगी/पीड़ित की शासकीय संस्था में मृत्यु उपरांत मृतक को निवास स्थल/श्मशान तक निःशुल्क परिवहन व्यवस्था शव वाहन द्वारा आउटसोर्स माध्यम से संचालित किए जाने के लिए निविदा आमंत्रित किए जाने की स्वीकृति दी गई है। योजना के विभिन्न पहलुओं पर सुझाव देने के लिए चार सदस्यीय मंत्रि-परिषद उप-समिति गठन किए जाने का निर्णय लिया गया है। इसमें उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, मंत्री नगरीय विकास एवं आवास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा सहकारिता मंत्री सम्मिलित हैं। इसके साथ ही प्रदेश में एयर एंबुलेंस की संचालन व्यवस्था और "मानक संचालन प्रक्रिया" को स्वीकृति प्रदान की गई है।
