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राजकाज · 13-07-2024

Makhannagar News: नंदन फलोंउद्यान नष्ट करने पर हितग्राही को मिला नोटिस

माखननगर: जनपद पंचायत माखन नगर ग्राम पंचायत बुधवाड़ा में एक नया मामला सामने आया जिसमें हितग्राही द्वारा शासन की योजना का फायदा तो लिया गया लेकिन मौके पर उद्यान ही नहीं मिला। जब यह जानकारी जनपद पंचायत माखन नगर को लगी तो जनपद सीईओ ने हितग्राही के लिए नोटिस जारी क…

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समाचार डेस्क · 13-07-2024
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समाचार

माखननगर: जनपद पंचायत माखन नगर ग्राम पंचायत बुधवाड़ा में एक नया मामला सामने आया जिसमें हितग्राही द्वारा शासन की योजना का फायदा तो लिया गया लेकिन मौके पर उद्यान ही नहीं मिला। जब यह जानकारी जनपद पंचायत माखन नगर को लगी तो जनपद सीईओ ने हितग्राही के लिए नोटिस जारी कर दो दिनों में जवाब मांगा है कि फल उद्यान कहां गया है।

सरकार द्वारा किसानों की आय बढ़ाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं के माध्यम से किसान अपनी मुख्य फसल के साथ ही अन्य फसलें एवं बागवानी फसलों से आय बढ़ा सकते हैं। प्रदेश में महात्मागांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के अन्तर्गत नंदन फलोद्यान योजना के माध्यम से जनपद पंचायत माखन नगर के किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है। ग्राम पंचायत बुधवाड़ा  के किसान गोपाल वाडीबा को एक लाख 71 हजार रूपए की राशि फलोद्यान के लिए स्वीकृत की गई है, जिसमें से एक लाख 53 हजार 755 रुपए व्यय किए गए । इसमें किसान द्वारा करीब 400 पौधे लगाए जाने थे। लेकिन जब उपयंत्री प्राची तिवारी ने खेत का निरीक्षण किया तो खेत में मात्र 11 पौधे ही पाए गए। जनपद सीईओ एससी अग्रवाल ने हितग्राही को 12 जुलाई 24 को नोटिस जारी कर कहा कि उक्त राशि शासन के खाते में जमा कर दो दिनों में कार्यालय में उपस्थित होकर पौधे नष्ट होने का कारण स्पष्ट करे।

निरीक्षण करती उपयंत्री

क्या है मुख्यमंत्री फलोद्यान योजना (  Falodyan Yojana

राज्य सरकार द्वारा लघु और सीमांत श्रेणी के किसानों के लिए बाग लगाने की योजना शुरू की है। इस योजना के तहत किसान अपने निजी खेत में अमरूद, आम, नींबू, लीची आर आडू की खेती कर सकते हैं। इसके अलावा जहां किसान बाग लगाते हैं, उसकी कंटीले तार से फेसिंग की जाती हैं। इस योजना की खास बात यह है कि इस योजना के तहत किसान द्वारा बाग लगाने का पूरा खर्चा सरकार की ओर से वहन किया जाता हैं। इसके अंतर्गत सरकार किसान को मजदूरी का भुगतान भी करती। यानि ये योजना किसानों के लिए दोहरा लाभ प्रदान करने वाली योजना है। इस योजना में किसान को कोई लागत नहीं लगानी है सिर्फ अपने खेत में बागवानी फसलों की खेती करनी है। उसके बाद भी हितग्राही योजना का फायदा न उठाकर कर सरकार के पैसे की बर्बादी कर रहे हैं। और शासन के साथ अपना नुकसान भी कर रहे है।

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