मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा की शुक्रवार से शुरुआत, इंदौर को मिलेंगी सबसे ज्यादा 145 बसें
मध्यप्रदेश में शुक्रवार से मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा शुरू होगी। 351 बसों से शुरुआत, इंदौर से 145 बसें चलेंगी। 40 नए रूट, ऑनलाइन टिकट और ऐप की सुविधा मिलेगी।


इंदौर। मध्यप्रदेश में यात्रियों को बेहतर, सुलभ और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा की शुरुआत शुक्रवार से होने जा रही है। प्रदेश में इस सेवा की शुरुआत 351 बसों से होगी, जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा इंदौर को मिलेगा। कुल 351 बसों में से 145 बसें इंदौर से संचालित होंगी।
इंदौर को इस सेवा का सबसे बड़ा लाभ मिलने के पीछे प्रमुख वजह शहर में पहले से मौजूद एआईसीटीएसएल (AICTSL) का मजबूत बस नेटवर्क है। इंदौर में एआईसीटीएसएल के माध्यम से पहले से ही आसपास के कई शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों तक बसों का संचालन किया जा रहा है। नई मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा में एआईसीटीएसएल के नेटवर्क को भी मर्ज किया गया है। इससे इंदौर से संचालित होने वाली बस सेवाओं का दायरा और बढ़ गया है।
40 नए रूट जुड़ेंगे, 60 से ज्यादा नई बसें चलेंगी
मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा के तहत प्रदेश में करीब 40 नए रूट जोड़े जाएंगे। इन रूटों पर 60 से अधिक नई बसों का संचालन प्रस्तावित है। इसका सीधा फायदा इंदौर और आसपास के जिलों के यात्रियों को मिलेगा।
वर्तमान में इंदौर से उज्जैन, खंडवा, झाबुआ, धार, आलीराजपुर, कुक्षी, खरगोन सहित कई शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बस सेवाएं संचालित हो रही हैं। नई व्यवस्था के बाद इन कनेक्टिविटी को और विस्तार मिलने की उम्मीद है।
इंदौर से संचालित बस सेवाओं में फिलहाल भोपाल के लिए सबसे मजबूत कनेक्टिविटी बताई जा रही है। नई सेवा के विस्तार के साथ यात्रियों को प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों और क्षेत्रों तक आने-जाने के लिए अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे।
तीन साल में 1500 बसों का नेटवर्क बनाने की योजना
मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा की शुरुआत फिलहाल 351 बसों से की जा रही है, लेकिन सरकार की योजना इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में विस्तार देने की है। अगले तीन वर्षों में करीब 1,500 बसों का नेटवर्क तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
इससे प्रदेश के बड़े शहरों के साथ-साथ छोटे शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच सार्वजनिक परिवहन की कनेक्टिविटी बढ़ाने पर जोर रहेगा।
पीपीपी मॉडल पर होगा संचालन
मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा का संचालन पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के आधार पर किया जा रहा है। बसों का संचालन निजी ऑपरेटर के माध्यम से होगा, जबकि सेवा का संचालन पैटर्न इंदौर की एआईसीटीएसएल व्यवस्था की तर्ज पर रखा गया है।
इस मॉडल के तहत यात्रियों को निर्धारित रूट, समय-सारणी और किराए के आधार पर बस सेवा उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी।
ऑनलाइन टिकट और मोबाइल ऐप की सुविधा
नई बस सेवा में यात्रियों के लिए तकनीक आधारित सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की तैयारी है। यात्रियों को ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा मोबाइल ऐप के माध्यम से बसों की समय-सारणी और बस की आवाजाही की स्थिति की जानकारी भी प्राप्त की जा सकेगी।
इससे यात्रियों को बस के आने-जाने की जानकारी पहले से मिल सकेगी और उन्हें बस स्टैंड या निर्धारित स्थान पर अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
दिव्यांग यात्रियों को 50 प्रतिशत किराया छूट
मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा में दिव्यांग यात्रियों के लिए किराए में 50 प्रतिशत छूट का प्रावधान रखा गया है। इसका उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन को अधिक समावेशी और सुलभ बनाना है।
वहीं, इस सेवा में किराया प्रति किलोमीटर अधिकतम करीब दो रुपये तक रहने की जानकारी दी गई है। निर्धारित किराया संबंधित रूट और यात्रा की दूरी के आधार पर लागू होगा।
इंदौर बनेगा सेवा के विस्तार का बड़ा केंद्र
351 बसों में से 145 बसों का इंदौर से संचालन होना इस बात को दर्शाता है कि नई परिवहन व्यवस्था में इंदौर को प्रमुख केंद्र के रूप में रखा गया है। एआईसीटीएसएल के पहले से स्थापित नेटवर्क और आसपास के जिलों से मजबूत कनेक्टिविटी के कारण यहां नई सेवा को विस्तार देने के लिए मौजूदा व्यवस्था का लाभ उठाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री सुगम बस सेवा के प्रदेशव्यापी विस्तार के साथ सरकार की कोशिश शहरों के बीच आवागमन को आसान बनाने के साथ-साथ उन क्षेत्रों तक भी सार्वजनिक परिवहन पहुंचाने की है, जहां नियमित और सुविधाजनक बस सेवा सीमित है।
शुक्रवार से शुरू होने वाली यह सेवा आने वाले तीन वर्षों में 1,500 बसों के नेटवर्क तक पहुंचती है तो प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का दायरा काफी व्यापक हो सकता है। फिलहाल 351 बसों के साथ इसकी शुरुआत हो रही है और इंदौर को शुरुआती चरण में सबसे बड़ा हिस्सा मिला है।
