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धर्म संस्कृति · 09-07-2025

Live Updates Guru Purnima 2025 : पूजा मुहूर्त विधि मंत्र पूजा सामग्री व्यास पूर्णिमा शुभकामनाएं संदेश छवियाँ

Guru Purnima 2025 Live: हर धर्म में गुरु का विशेष महत्व है फिर चाहें वो शिक्षक हों या आध्यात्मिक गुरु। हर साल गुरुओं के लिए एक खास दिन समर्पित होता है जिसे गुरु पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। इस दिन गुरुओं की पूजा, उनके प्रति आभार प्रकट किया जाता है और शिष्…

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समाचार डेस्क · 09-07-2025
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Live Updates Guru Purnima 2025 :  पूजा मुहूर्त विधि मंत्र पूजा सामग्री व्यास पूर्णिमा शुभकामनाएं संदेश छवियाँ

Guru Purnima 2025 Live: हर धर्म में गुरु का विशेष महत्व है फिर चाहें वो शिक्षक हों या आध्यात्मिक गुरु। हर साल गुरुओं के लिए एक खास दिन समर्पित होता है जिसे गुरु पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है। इस दिन गुरुओं की पूजा, उनके प्रति आभार प्रकट किया जाता है और शिष्य आशीर्वाद लेते हैं, कुछ लोग तो गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु दीक्षा भी लेते हैं इस साल गुरु पूर्णिमा 10 जुलाई 2025 को है।

कबीरदास जी कहते हैं - गुरु बिन ज्ञान न होत है, गुरु बिन मिलै न मोष। गुरु बिन लखै न सत्य को, गुरु बिन मिटै न दोष। ये दोहा गुरु की महिमा को दर्शाता है। गुरु के बिना ज्ञान नहीं होता, गुरु के बिना मोक्ष नहीं मिलता, गुरु के बिना सत्य का ज्ञान नहीं होता और गुरु के बिना दोष नहीं मिटते। इसलिए जीवन में गुरु का दर्जा ईश्वर के समान है। गुरु पूर्णिमा का मुहूर्त, विधि, उपाय, मंत्र, भोग आदि से जुड़ी समस्त जानकारी आप यहां देख सकते हैं।

क्यों मनाते हैं गुरु पूर्णिमा

गुरु पूर्णिमा, आषाढ़ मास की पूर्णिमा को मनाई जाती है, और इसका मुख्य कारण है महर्षि वेद व्यास का जन्मदिवस इसलिए इस दिन को व्यास पूर्णिमा के रुप में भी मनाने की परंपरा है। वेद व्यास को हिंदू धर्म के सबसे महान गुरुओं में से एक माना जाता है, जिन्होंने महाभारत जैसे महान ग्रंथों की रचना की।

गुरु पूर्णिमा तिथि

इस बार गुरु पूर्णिमा की तिथि 10 जुलाई को अर्धरात्रि में 1:36 मिनट पर शुरू होगी, जो अगले दिन 11 जुलाई को आधी रात में 2 बजकर 6 मिनट पर समाप्त होगी। उदयातिथि पड़ने के कारण यह पर्व 10 जुलाई को मनाई जाएगी।

गुरु पूर्णिमा पर क्या करें

गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व गुरु और शिष्य के पवित्र रिश्ते का प्रतीक है। गुरु शिष्य को सही दिशा दिखाने वाले, अज्ञानता का नाश करने वाले और ज्ञान की रोशनी फैलाने वाले होते हैं। इस दिन हम सभी को अपने गुरु का सम्मान करते हुए उनके द्वारा दिए गए उपदेशों को जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लेना चाहिए।

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