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राजकाज · 06-12-2025

संयुक्त संचालक ने मगरधा के प्रभारी प्राचार्य को निलंबित किया, लापरवाही और अनियमितताओं पर गिरी गाज

Image gemini ai नर्मदापुरम। शिक्षा विभाग में बड़ी कार्रवाई करते हुए लोक शिक्षण नर्मदापुरम संभाग के संयुक्त संचालक ने गुरुवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मगरधा के प्रभारी प्राचार्य पीयूष राठौर को निलंबित कर दिया। उनके विरुद्ध यह कार्रवाई काम में लापरव…

देनवा पोस्ट
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समाचार डेस्क · 06-12-2025
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Image gemini ai

नर्मदापुरम। शिक्षा विभाग में बड़ी कार्रवाई करते हुए लोक शिक्षण नर्मदापुरम संभाग के संयुक्त संचालक ने गुरुवार को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मगरधा के प्रभारी प्राचार्य पीयूष राठौर को निलंबित कर दिया। उनके विरुद्ध यह कार्रवाई काम में लापरवाही, आर्थिक अनियमितता और शिक्षकों के साथ दुर्व्यवहार संबंधी लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर की गई।

शिकायतों से शुरू हुई कार्रवाई

मगरधा स्कूल में कार्यरत अतिथि शिक्षकों ने राठौर के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। जिला शिक्षा अधिकारी हरदा के पत्र और प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में पाया गया कि:

अतिथि शिक्षकों को अनुपस्थित अवकाश का मानदेय भुगतान,

विद्यार्थियों को प्रवेश पत्र वितरण में अनियमितता,संबल योजना के अंतर्गत बोर्ड द्वारा माफ राशि वापस न करना,शिक्षण सत्र 2024–25 में अतिथि शिक्षकों की उपस्थिति रजिस्टर में गड़बड़ी,विद्यालयी कार्यों में लापरवाही

जैसे मामलों में राठौर दोषी पाए गए।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ ऑडियो बना बड़ी वजह

जांच के दौरान राठौर का एक ऑडियो क्लिप इंटरनेट मीडिया पर वायरल हुआ, जिससे विभाग की छवि धूमिल हुई। इस ऑडियो में कथित तौर पर अतिथि शिक्षकों के प्रति अनुचित व्यवहार और दबाव डालने जैसी बातें सामने आईं।

विभाग ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए रिपोर्ट में उल्लेख किया कि राठौर का आचरण मप्र सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम (1),(2)एवं(3)का उल्लंघन है।

आर्थिक अनियमितता के भी आरोप

जांच रिपोर्ट के अनुसार, प्रभारी प्राचार्य रहते हुए राठौर:पद का दुरुपयोग,

अनियमित भुगतान,प्रशासनिक कार्यों में अत्यधिक लापरवाही,स्वेच्छाचारी निर्णय

जैसी गतिविधियों में लिप्त पाए गए।

निलंबन आदेश जारी, मुख्यालय बदला गया

नियम 09, मप्र सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत राठौर को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

निलंबन अवधि के लिए उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, खिड़कियां कार्यालय निर्धारित किया गया है।

निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।

अतिथि शिक्षकों ने भी लगाए प्रताड़ना के आरोप

अतिथि शिक्षक समन्वय समिति के सदस्य, संयुक्त कलेक्टर सतीश राय और जिला शिक्षा अधिकारी डीएस रघुवंशी को सौंपे गए ज्ञापन में अतिथि शिक्षकों ने बताया:राठौर पद का लगातार दुरुपयोग कर रहे हैं।अतिथि शिक्षकों को प्रताड़ित किया जा रहा था।प्राचार्य अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल कर रहे थे,

इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की गई।

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