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लाइफस्टाइल डेस्क · 26 दिन पहले

बालों के लिए क्यों फायदेमंद है जटामांसी? जानें इसके फायदे और इस्तेमाल का सही तरीका

जानें जटामांसी के बालों के लिए संभावित फायदे, हेयर ऑयल और हेयर मास्क बनाने का तरीका। झड़ते बाल, डैंड्रफ और स्कैल्प केयर के लिए उपयोगी जानकारी।

कंचन शर्मा
कंचन शर्मा
Reporter · 26 दिन पहले
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बालों के लिए क्यों फायदेमंद है जटामांसी? जानें इसके फायदे और इस्तेमाल का सही तरीका

लाइफस्टाइल डेस्क। बदलती जीवनशैली, खराब खानपान, प्रदूषण और तनाव का असर सबसे पहले बालों पर दिखाई देता है। कम उम्र में बाल झड़ना, समय से पहले सफेद होना और डैंड्रफ जैसी समस्याएं आज आम हो गई हैं। आयुर्वेद में इन समस्याओं के लिए कई औषधीय जड़ी-बूटियों का उल्लेख मिलता है, जिनमें जटामांसी को विशेष महत्व दिया गया है। इसकी सुगंधित जड़ों का उपयोग वर्षों से पारंपरिक चिकित्सा और हर्बल हेयर केयर में किया जाता रहा है।

जटामांसी बाजार में तेल, पाउडर और जड़ के रूप में आसानी से उपलब्ध है। आइए जानते हैं कि बालों के लिए इसके संभावित फायदे क्या हैं और इसका इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है।

बालों के लिए जटामांसी के संभावित फायदे

1. बालों का झड़ना कम करने में सहायक

आयुर्वेद में जटामांसी को बालों की जड़ों को पोषण देने वाली जड़ी-बूटी माना जाता है। नियमित उपयोग से बालों की जड़ों को मजबूती मिलने और हेयर फॉल कम होने में मदद मिल सकती है।

2. स्कैल्प को स्वस्थ रखने में मदद

जटामांसी स्कैल्प के रूखेपन को कम करने और डैंड्रफ जैसी समस्याओं में सहायक मानी जाती है। स्वस्थ स्कैल्प बालों की बेहतर ग्रोथ के लिए जरूरी होता है।

3. बालों की चमक और मुलायमपन बढ़ाने में मदद

इसके उपयोग से बाल अधिक मुलायम, चमकदार और घने दिखाई दे सकते हैं। यही वजह है कि इसे कई हर्बल हेयर ऑयल और हेयर केयर उत्पादों में शामिल किया जाता है।

4. समय से पहले सफेद होने वाले बालों के लिए

आयुर्वेदिक मान्यताओं के अनुसार, जटामांसी का नियमित उपयोग असमय सफेद होने वाले बालों की समस्या में सहायक हो सकता है। हालांकि, इस संबंध में वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं।

गंजेपन और सफेद बालों के लिए पारंपरिक उपाय

आयुर्वेदिक परंपराओं में जटामांसी, बला, कमल और कूठ को बराबर मात्रा में लेकर पीसकर लेप बनाने का उल्लेख मिलता है। इस लेप को सिर पर लगाने से बालों के झड़ने और समय से पहले सफेद होने की समस्या में लाभ मिलने की बात कही जाती है। हालांकि, इसके प्रभाव व्यक्ति-विशेष पर अलग-अलग हो सकते हैं।

जटामांसी का तेल कैसे बनाएं?

जटामांसी का पाउडर या इसकी जड़ को नारियल, बादाम या तिल के तेल में हल्का गर्म करें। इसके बाद तेल को छानकर किसी साफ बोतल में भर लें। रात में इस तेल से हल्के हाथों से स्कैल्प की मालिश करें और सुबह माइल्ड शैंपू से बाल धो लें।

जटामांसी हेयर मास्क बनाने का तरीका

जटामांसी पाउडर में थोड़ा दही और एलोवेरा जेल मिलाकर गाढ़ा पेस्ट तैयार करें। इस पेस्ट को बालों की जड़ों और पूरे स्कैल्प पर अच्छी तरह लगाएं। लगभग 30 मिनट बाद माइल्ड शैंपू से बाल धो लें। सप्ताह में एक बार इसका उपयोग किया जा सकता है।

इस्तेमाल से पहले रखें ये सावधानियां

पहली बार इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें।

यदि स्कैल्प पर संक्रमण, घाव या एलर्जी है, तो इसका उपयोग करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।

अत्यधिक बाल झड़ने या लंबे समय से सफेद बालों की समस्या होने पर त्वचा विशेषज्ञ या आयुर्वेद चिकित्सक से परामर्श लेना बेहतर रहेगा।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। Denvapost किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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