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देश-दुनिया · 02-08-2026

होर्मुज संकट के बीच इराक-तुर्किये का बड़ा तेल समझौता, जेहान पाइपलाइन से होगा 7.5 लाख बैरल प्रतिदिन निर्यात

कम होगी खाड़ी देशों पर निर्भरता?: होर्मुज संकट के बीच इराक-तुर्किये का बड़ा तेल समझौता, ऐसे बढ़ाएंगे निर्यात

देनवा पोस्ट
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समाचार डेस्क · 02-08-2026
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होर्मुज संकट के बीच इराक-तुर्किये का बड़ा तेल समझौता, जेहान पाइपलाइन से होगा 7.5 लाख बैरल प्रतिदिन निर्यात

बगदाद। होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी बाधाओं के बीच इराक ने अपने तेल निर्यात को सुरक्षित और स्थिर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इराक और तुर्किये ने शनिवार को एक वर्ष के लिए तेल पाइपलाइन समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत इराक किर्कुक से तुर्किये के भूमध्यसागरीय बंदरगाह जेहान (Ceyhan) तक पाइपलाइन के जरिए प्रतिदिन कम से कम 7.5 लाख बैरल कच्चे तेल का निर्यात करेगा।

इराक का मानना है कि इस समझौते से खाड़ी के समुद्री मार्गों, विशेषकर होर्मुज जलडमरूमध्य पर उसकी निर्भरता कम होगी और तेल निर्यात में आने वाली बाधाओं से राहत मिलेगी।

एक साल तक लागू रहेगा समझौता

इराक के तेल मंत्री बासेम मोहम्मद खुदैर अल-अबादी ने बताया कि यह समझौता एक वर्ष तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान दोनों देश तेल, बिजली और जल संसाधन जैसे क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग के लिए व्यापक ढांचा समझौता तैयार करेंगे।

नई व्यवस्था के तहत किर्कुक-जेहान पाइपलाइन के माध्यम से बड़े पैमाने पर कच्चे तेल का निर्यात किया जाएगा, जिससे इराक को एक सुरक्षित वैकल्पिक निर्यात मार्ग उपलब्ध होगा।

होर्मुज संकट के बीच रणनीतिक फैसला

यह समझौता ऐसे समय हुआ है जब होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी तनाव और जहाजों की आवाजाही में बाधा के कारण इराक के तेल निर्यात पर असर पड़ा है। इराक का अधिकांश कच्चा तेल दक्षिणी टर्मिनलों से होकर इसी समुद्री मार्ग के जरिए वैश्विक बाजारों तक पहुंचता है।

नई पाइपलाइन से होने वाला निर्यात युद्ध-पूर्व स्तर तक तो नहीं पहुंचेगा, लेकिन मौजूदा निर्यात क्षमता की तुलना में यह बड़ी बढ़ोतरी मानी जा रही है।

2023 से प्रभावित थी पाइपलाइन

इराक-तुर्किये पाइपलाइन वर्ष 2023 से कानूनी और व्यावसायिक विवादों के चलते लगभग बंद पड़ी थी। इराक के अर्ध-स्वायत्त कुर्द क्षेत्र से होने वाले तेल निर्यात को लेकर मतभेदों के कारण इसका संचालन प्रभावित हुआ था। हालांकि पिछले वर्ष सीमित स्तर पर इसका उपयोग फिर शुरू किया गया था।

नए समझौते के बाद इस पाइपलाइन के पूर्ण क्षमता के साथ उपयोग की उम्मीद जताई जा रही है।

नई पाइपलाइन परियोजना पर भी चर्चा

समझौते से पहले इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जैदी ने अंकारा का दौरा किया, जहां दोनों देशों के बीच सुरक्षा, व्यापार, ऊर्जा, परिवहन, जल प्रबंधन और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर चर्चा हुई।

दोनों देश दक्षिणी इराक के बसरा से हदीथा होते हुए तुर्किये के जेहान और सीरिया के बनियास बंदरगाह तक नई पाइपलाइन विकसित करने की संभावना पर भी विचार कर रहे हैं।

तेल निर्यात नेटवर्क होगा मजबूत

इराक की सरकारी आय का बड़ा हिस्सा तेल निर्यात पर निर्भर है। ऐसे में यह समझौता देश के निर्यात नेटवर्क को मजबूत करने, वैकल्पिक मार्ग विकसित करने और वैश्विक ऊर्जा बाजार में आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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