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राजनीति · 21-03-2026

Indore News:20 साल बाद छोटी कार्यकारिणी, 52 पदाधिकारियों की घोषणा से सियासत गरमाई

इंदौर में शहर कांग्रेस की नई कार्यकारिणी का ऐलान होते ही  राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने इस बार परंपरा से हटकर सिर्फ 52 पदाधिकारियों की टीम घोषित की है, जो पिछले 20 वर्षों में सबसे छोटी कार्यकारिणी मानी जा रही है। जं…

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समाचार डेस्क · 21-03-2026
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Indore News:20 साल बाद छोटी कार्यकारिणी, 52 पदाधिकारियों की घोषणा से सियासत गरमाई

इंदौर में शहर कांग्रेस की नई कार्यकारिणी का ऐलान होते ही राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने इस बार परंपरा से हटकर सिर्फ 52 पदाधिकारियों की टीम घोषित की है, जो पिछले 20 वर्षों में सबसे छोटी कार्यकारिणी मानी जा रही है।

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जंबो से मिनी कार्यकारिणी तककांग्रेस में अब तक जंबो कार्यकारिणी का चलन रहा है। करीब 15 साल पहले शहर कार्यकारिणी में 550 से अधिक पदाधिकारी थे, जबकि पिछली कार्यकारिणी में भी 400 पद दिए गए थे। इसके उलट इस बार सिर्फ 52 पदाधिकारी बनाए गए हैं। इनमें 10 उपाध्यक्ष, 18 महामंत्री, 19 सचिव, 2 प्रवक्ता, 2 सोशल मीडिया प्रभारी और 1 कोषाध्यक्ष शामिल हैं।

कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी शैलेष गर्ग को सौंपी गई है। हालांकि माना जा रहा है कि आने वाले समय में कार्यकारिणी का विस्तार किया जा सकता है, क्योंकि कई नेता स्थान न मिलने से नाराज बताए जा रहे हैं।

संतुलन की कोशिश, लेकिन असंतोष बरकरारचौकसे ने सभी गुटों को साधने की कोशिश करते हुए अलग-अलग वर्गों के नेताओं को शामिल किया है, लेकिन सीमित पदों के कारण कई दावेदारों को जगह नहीं मिल पाई। इससे संगठन के भीतर असंतोष भी देखने को मिल रहा है।

महिलाओं को जगह नहीं, भाजपा हमलावरइस कार्यकारिणी में एक भी महिला नेत्री को स्थान नहीं मिलने पर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा शहर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस महिलाओं के मुद्दों पर सिर्फ  राजनीति करती है, जबकि संगठन में उन्हें उचित प्रतिनिधित्व नहीं देती।

उन्होंने कहा कि “कांग्रेस ने एक भी महिला को पद न देकर यह साबित कर दिया है कि वह महिला वर्ग के प्रति संवेदनशील नहीं है।”

प्रदेश नेतृत्व की सहमति से हुआ फैसलासूत्रों के मुताबिक, छोटी कार्यकारिणी बनाने के इस फैसले के लिए जीतू पटवारी की भी सहमति ली गई थी। पार्टी अब जल्द ही विधानसभा अध्यक्षों की नियुक्ति की तैयारी में है।

सोशल मीडिया पर भी फोकसइस बार कार्यकारिणी में सोशल मीडिया प्रभारी भी नियुक्त किए गए हैं, जिससे साफ है कि कांग्रेस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।

छोटी लेकिन प्रभावी कार्यकारिणी का यह प्रयोग कांग्रेस के लिए कितना सफल साबित होगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल, इस फैसले ने संगठन के भीतर और बाहर दोनों जगह सियासी बहस को तेज कर दिया है।

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