ब्रेकिंग
शुक्रवार, 11 सितंबर 2026
नेविगेशन ऐप्स डाउनलोड
Denva Post
सभी खबरें
शिक्षा-रोजगार · 16-12-2025

ब्रिज कोर्स अनिवार्य, नहीं किया तो जाएगी नौकरी, डीपीआई की सख्त चेतावनी से बीएड योग्यताधारी शिक्षकों में हड़कंप!

भोपाल। मध्यप्रदेश में बीएड योग्यताधारी प्राथमिक शिक्षकों की नौकरी पर संकट गहरा गया है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि ब्रिज कोर्स करना अब अनिवार्य है और जो शिक्षक तय समय-सीमा में न तो रजिस्ट्रेशन कराएंगे और न ही निर्धारित अवधि म…

सिटी गाइड खोजें

देनवा पोस्ट
देनवा पोस्ट
समाचार डेस्क · 16-12-2025
शेयर

भोपाल। मध्यप्रदेश में बीएड योग्यताधारी प्राथमिक शिक्षकों की नौकरी पर संकट गहरा गया है। लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि ब्रिज कोर्स करना अब अनिवार्य है और जो शिक्षक तय समय-सीमा में न तो रजिस्ट्रेशन कराएंगे और न ही निर्धारित अवधि में कोर्स उत्तीर्ण करेंगे, उनकी नियुक्ति जारी नहीं रखी जाएगी।

रिवर क्रूज चुनें

डीपीआई अधिकारियों के अनुसार यह आदेश सुप्रीम कोर्ट और मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर द्वारा पारित आदेशों के अनुपालन में जारी किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इसमें किसी तरह की छूट या ढील संभव नहीं है।

25 दिसंबर तक करना होगा पंजीयन

डीपीआई के मुताबिक, प्राथमिक शिक्षक पात्र परीक्षा वर्ष 2020 के परिणाम के आधार पर नियुक्त बीएड योग्यताधारी प्राथमिक शिक्षकों के लिए नेशनल ओपन स्कूल (NIOS) द्वारा ब्रिज कोर्स की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। संबंधित शिक्षक 25 दिसंबर 2025 तक NIOS के पोर्टल https://bridge.nios.ac.in पर पंजीयन करा सकते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि यह ब्रिज कोर्स प्राथमिक स्तर पर पढ़ाने के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता को पूरा करने के उद्देश्य से कराया जा रहा है।

न करने पर नहीं बचेगी नियुक्ति

ताजा खबर पढ़ें

डीपीआई ने दो टूक कहा है कि—

तय समय-सीमा में ब्रिज कोर्स के लिए पंजीयन नहीं किया गया

या निर्धारित अवधि में कोर्स उत्तीर्ण नहीं किया गया तो ऐसे प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति आगे जारी नहीं रखी जा सकेगी। विभाग ने इसे न्यायालय के आदेशों का सीधा अनुपालन बताया है।

शिक्षकों में बढ़ी चिंता

डीपीआई के इस आदेश के बाद प्रदेशभर के सैकड़ों शिक्षकों में चिंता और असमंजस का माहौल है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि नियुक्ति के बाद इस तरह की सख्त शर्तें लागू होने से उनके भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है।

वहीं विभाग का कहना है कि यह कदम शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और न्यायिक निर्देशों का पालन करने के लिए जरूरी है।

सिटी गाइड खोजें

यह खबर शेयर करें
शेयर