ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर विपक्ष का आंदोलन तेज, आज देशभर में कांग्रेस का प्रदर्शन
जंतर-मंतर पर लगातार दूसरे दिन टकराव के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कई नेता हिरासत में लिए गए; 10 अक्टूबर को CJP के प्रदर्शन का ऐलान


नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों को लेकर कांग्रेस और INDIA ब्लॉक के नेताओं ने केंद्र और चुनाव आयोग पर दबाव बढ़ा दिया है। दिल्ली में लगातार दो दिनों तक हुए प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने बुधवार, 8 अक्टूबर को देशभर में राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है।
कांग्रेस का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े सवालों का जवाब मिलने तथा ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक उसका आंदोलन जारी रहेगा। पार्टी ने दिल्ली में विपक्षी नेताओं और सांसदों को हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं।
जंतर-मंतर पर बढ़ा टकराव
दिल्ली में मंगलवार और बुधवार को विपक्षी सांसदों ने जंतर-मंतर की ओर मार्च करने की कोशिश की। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। भारी बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी रही।
राहुल गांधी ने कहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष पीछे हटने वाला नहीं है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवाल लोकतांत्रिक व्यवस्था से सीधे जुड़े हैं और इनका जवाब मिलना जरूरी है।
प्रियंका गांधी ने लगाया बल प्रयोग का आरोप
प्रदर्शन के दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा ने पुलिस पर महिला प्रदर्शनकारियों के साथ बल प्रयोग करने का आरोप लगाया। विपक्षी नेताओं ने पुलिस कार्रवाई को लेकर आपत्ति जताई और कहा कि वे चुनाव आयोग से जवाब मांगने के लिए लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे।
वहीं, पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी जिम्मेदारी है और इसी के तहत प्रदर्शनकारियों को रोका गया।
आकाशवाणी भवन मामले में दर्ज हुई FIR
इससे पहले 6 अक्टूबर को विपक्षी सांसद संसद भवन से निर्वाचन सदन की ओर मार्च करना चाहते थे। पुलिस के अनुसार, मार्च के लिए अनुमति नहीं ली गई थी। प्रदर्शनकारियों को रोके जाने के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेता आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंचकर धरने पर बैठ गए।
पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों से परिसर खाली करने को कहा गया, लेकिन वे चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की मांग पर कायम रहे। इसके बाद कई लोगों को हिरासत में लिया गया और आकाशवाणी भवन में कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश के मामले में FIR दर्ज की गई।
कांग्रेस ने देशभर में प्रदर्शन का किया ऐलान
दिल्ली में हुए घटनाक्रम के बाद कांग्रेस ने आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने का फैसला किया है। पार्टी की ओर से 8 अक्टूबर को राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शन का कार्यक्रम घोषित किया गया है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह अभियान केवल किसी एक राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं है, बल्कि चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची की पारदर्शिता से जुड़ा सवाल है। पार्टी ने कार्यकर्ताओं से देशभर में प्रदर्शन करने की अपील की है।
10 अक्टूबर को CJP का जंतर-मंतर कार्यक्रम
इस बीच मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी 10 अक्टूबर को दिल्ली में बड़े प्रदर्शन का ऐलान किया है। संगठन की ओर से कहा गया है कि प्रदर्शन में देशभर से युवा शामिल होंगे और मतदाता सूची, कथित वोट चोरी तथा चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे उठाए जाएंगे।
CJP की ओर से दिल्ली पुलिस को कार्यक्रम की सूचना भी दी गई है। संगठन का कहना है कि उसका प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहेगा और उसका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा निष्पक्षता से जुड़े सवाल उठाना है।
आंदोलन से बढ़ा राजनीतिक दबाव
एक तरफ कांग्रेस ने देशभर में प्रदर्शन का ऐलान किया है, वहीं दिल्ली में 10 अक्टूबर के CJP कार्यक्रम को लेकर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और मतदाता सूची से जुड़े विवाद को लेकर राजनीतिक टकराव और बढ़ने की संभावना है।
